मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में मध्यावधि चुनाव कराने की मांग की है| शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव कराने की मांग की| शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शिंदे गुट को चेतावनी दी कि,' बागियों को वे शिवसेना के चिन्ह का इस्तेमाल नहीं करने देंगे| मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वो राज्य में मध्यावधि चुनाव करवाएं| उन्होंने कहा कि,''शिवसेना कोई वस्तु नहीं है, जिसे कोई चुराकर ले जा सकता है और धनुष-बाण भी शिवसेना का ही है। उसे कोई छीन नहीं सकता है।
शिवसेना के धनुष-बाण चिह्न को लेकर चर्चा की जा रही है, परंतु कानून के नजरिए से देखें तो संविधान में जो कुछ भी दर्ज है उसके अनुसार धनुष-बाण हमारा ही है इसलिए वह चिंता छोड़ दें, ऐसा दृढ़ विश्वास उद्धव ठाकरे ने शिवसैनिकों को दिलाया है। जो कुछ हुआ वह महाराष्ट्र की जनता को मंजूर नहीं है, ऐसा कहने के दौरान ही इस तरह का खेल खेलने की बजाय विधानसभा चुनाव करवा लो, ऐसी चुनौती ही उन्होंने एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को दी।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को ‘मातोश्री’ निवासस्थान पर आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना और शिवसेना के धनुष-बाण चिह्न को लेकर बार-बार उठाई जा रही आशंकाओं का मुंहतोड़ जवाब दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ‘मतदान पत्रिका पर चिह्न महत्वपूर्ण होता है। यह हमारा धनुष-बाण है लेकिन सिर्फ धनुष-बाण का लोग विचार नहीं करते हैं, बल्कि दिए गए व्यक्ति के ‘लक्षण’ ठीक हैं कि नहीं, ये भी देखते हैं। यही मैंने शिवसैनिकों को समझाया है। इसका मतलब यह नहीं कि नए चिह्न को लेकर सोच रहा हूं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं है।’
‘शिवसेना किसकी है, यह सवाल उठाए जा रहे हैं। शिवसेना कोई वस्तु नहीं है कि उसे लेकर कोई भाग जाएगा! कोई चुराकर ले जा सके, ऐसी शिवसेना नहीं है’, ऐसा चेताने के दौरान उद्धव ठाकरे ने विधिमंडल पक्ष और रास्ते की पार्टी ने इस मुद्दे पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि ‘रास्ते की पार्टी जनता के न्याय और अधिकार के लिए सड़क पर उतरती है। जनता उसे आशीर्वाद देती है। फिर उस पार्टी के माध्यम से ये जनप्रतिनिधि ग्राम पंचायत, जिला परिषद, नगर पंचायत, महापालिका, विधानसभा, लोकसभा में जाते हैं।’
MLAs के जाने से पार्टी खत्म नहीं होती: ठाकरे
एक विधायक हो, पचास हों या सौ हों, ये सभी यदि छोड़कर चले गए तब भी पार्टी का अस्तित्व रहता है। विधायक चले गए मतलब पार्टी खत्म नहीं हो सकती, ऐसा उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर कहा। इस संदर्भ में लोगों के मन में जानबूझकर भ्रम पैदा किया जा रहा है। इस भ्रम के झांसे में बिल्कुल भी न फंसे,''' ऐसा उन्होंने शिवसैनिकों से कहा।
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सभी को लालच देकर, डरा-धमकाकर आप नहीं ले जा सकते हो:‘शिवसेना
उन्होंने कहा कि,'विधि मंडल दल अलग होता है और पंजीकृत पार्टी अलग होती है, जिसमें असंख्य मतदाता, नागरिक, सदस्य हुए, पदाधिकारी आ गए। उन पदाधिकारियों को ऐसे ही उठाकर कोई ले नहीं जा सकता है। ऐसा कहने के दौरान ही सभी को लालच देकर, डरा-धमकाकर आप नहीं ले जा सकते हो।
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साहस वाले आम लोग साथ हैं तब तक शिवसेना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है: ठाकरे
ठाणे, नई मुंबई के नगरसेवक शिवसेना छोड़कर चले गए, ऐसी तस्वीरें आ रही हैं। इस बारे में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने, ‘अब महानगरपालिका का ही अस्तित्व नहीं है। ऐसे में जो गए होंगे वे उनके निजी कार्यकर्ता होंगे।’ ऐसा तंज उन्होंने किया।
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ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा, निष्ठावान शिवसैनिकों की सिफारिश पर जिन्हें उम्मीदवारी दी गई थी, ऐसे लोग गए होते। ‘मेहनत करके पेट भरनेवाले आम शिवसैनिक शिवसेना भवन में आ रहे हैं। महिला बाघिनें भी आ रही हैं। आज ये बड़े जिगरवाले लोग शिवसेना के साथ हैं और ये जब तक हैं तब तक शिवसेना के भविष्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकता है|
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