मुख्य सामग्री पर जाएँ
24 अगस्त 2026

‘HAHK-7’: सरकारी रियायत वाले बंदरगाह बिनी किसी बोली के अडानी समूह को बेच दिए गए, कांग्रेस का PM मोदी से 7वें दिन तीन सवाल

नई दिल्ली: गौतम अडानी पर लगे 'कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले' के आरोपों पर कांग्रेस लगातार पीएम मोदी से 3 सवाल पूछ रही है|कांग्रेस ‘हम अडानी के हैं कौन’ सीरीज के तहत पीएम मोदी से हर दिन तीन सवा…

‘HAHK-7’: सरकारी रियायत वाले बंदरगाह बिनी किसी बोली के अडानी समूह को बेच दिए गए, कांग्रेस का PM मोदी से 7वें दिन तीन सवाल
‘HAHK-7’: सरकारी रियायत वाले बंदरगाह बिनी किसी बोली के अडानी समूह को बेच दिए गए, कांग्रेस का PM मोदी से 7वें दिन तीन सवाल | फ़ोटो: TVL News

 नई दिल्ली: गौतम अडानी पर लगे 'कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले' के आरोपों पर कांग्रेस लगातार पीएम मोदी से 3 सवाल पूछ रही है|कांग्रेस ‘हम अडानी के हैं कौन’ सीरीज के तहत पीएम मोदी से हर दिन तीन सवाल पूछ रही है। इसी के सीरीज के तहत शनिवार को (11 फरवरी 2023) भी कांग्रेस नेता जमराम रमेश ने पीएम मोदी से फिर से तीन सवाल पूछे है|भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि ,“आज शनिवार है फिर भी हमारी "HAHK -हम अडानी के हैं कौन" श्रृंखला जारी है। ये हैं PM से 7वें दिन के हमारे तीन सवाल।  चुप्पी तोड़िए प्रधानमंत्री जी।



कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि ,“जैसा कि वादा था, आपके लिए तीन सवालों का आज का सेट प्रस्तुत है, 'हम अडानी के हैं कौन' श्रृंखला का सातवां सेट। ये बंदरगाह क्षेत्र में अडानी समूह के तेज़ी से बढ़ते एकाधिकार से संबंधित हैं।


(1) आज अडानी समूह 13 बंदरगाहों और टर्मिनल्स को नियंत्रित करता है, जो भारत की बंदरगाह क्षमता का 30% और कुल कंटेनर आवाजाही का 40% है। यह कोई हैरानी की बात नहीं है कि 2014 के बाद से विकास पथ ने बहुत तेजी पकड़ी है। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के अलावा हाल में अडानी समूह द्वारा जिन बंदरगाहों का अधिग्रहण किया गया है, वे हैं:


2015: धामरा बंदरगाह, ओडिशा

2018: कट्टूपल्ली बंदरगाह, तमिलनाडु 

2020: कृष्णपट्टनम बंदरगाह, आंध्र प्रदेश 

2021: गंगावरम बंदरगाह, आंध्र प्रदेश 

2021 : दिघी बंदरगाह, महाराष्ट्र


यहां एक स्पष्ट रणनीति काम कर रही है: भारत के 'ग़ैर-प्रमुख बंदरगाहों' से माल लेकर विदेश जाने वाले जहाज़ों में से 93% गुजरात, आंध्र प्रदेश और ओडिशा से जाते हैं। कृष्णपट्टनम और गंगावरम दक्षिण में सबसे बड़े निजी बंदरगाह हैं। अडानी समूह ने अपना लक्ष्य घोषित कर दिया है - 2025 तक इस क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी 40% तक बढ़ाना, और वह अन्य बंदरगाहों का भी अधिग्रहण करने की कोशिश कर रहा है। 


क्या आप हर महत्वपूर्ण निजी बंदरगाह पर अपने प्रिय व्यवसायी समूह के नियंत्रण का प्रबंध करने का इरादा रखते हैं या निवेश करना चाह रही अन्य निजी कंपनियों के लिए भी कोई गुंजाइश है? क्या यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से विवेकपूर्ण है कि धनशोधन और विदेश की शेल कंपनियों द्वारा राउंड-ट्रिपिंग के गंभीर आरोपों का सामना करने वाली एक कंपनी को बंदरगाहों जैसे सामरिक क्षेत्र में भी प्रभुत्व रखने की अनुमति दे दी जाए?


(2) हवाई अड्डों की तरह ही आपकी सरकार ने अपने पास उपलब्ध सभी साधनों का इस्तेमाल करके बंदरगाहों के क्षेत्र में भी अडानी का आधिपत्य स्थापित करने में मदद की। सरकारी रियायत वाले बंदरगाह बिनी किसी बोली के अडानी समूह को बेच दिए गए हैं। और जहां बोली की अनुमति दी गई है, वहाँ प्रतिस्पर्धी चमत्कारिक रूप से बोली से ग़ायब हो गए हैं। 


लगता है कि आयकर छापों ने कृष्णपट्टनम बंदरगाह के पूर्व मालिक को उसे अडानी समूह को बेचने के लिए ‘राज़ी करने में मदद की। क्या यह सच है कि 2021 में सार्वजनिक क्षेत्र का जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट महाराष्ट्र में दिघी बंदरगाह के लिए अडानी की प्रतिस्पर्धा में बोली लगा रहा था, लेकिन उसे जिताने वाली अपनी बोली वापस लेने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि जहाजरानी और वित्त मंत्रालयों ने उसकी बोली का समर्थन करने का इरादा बदल दिया?


(3) खतरों को विभाजित करने और संपत्तियों की रक्षा के लिए आम तौर पर हर पोर्ट के लिए विशेष प्रयोजन वाहनों (SPVs) से बातचीत कर बंदरगाह रियायतें तय की जाती हैं। फिर भी इनमें से कई बंदरगाह अब एक ही सूचीबद्ध कंपनी का हिस्सा हैं, अडानी पोर्ट्स एंड एसईज़ेड। क्या संपत्तियों का यह हस्तांतरण बंदरगाहों के लिए आदर्श रियायत समझौते (मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट) का उल्लंघन करके किया गया? क्या अडानी के व्यावसायिक हितों को स्थान देने के लिए रियायत समझौतों में बदलाव किया गया है?


यह भी पढ़ें:'HAHK-1': अडानी समूह पर लगे 'कॉर्पोरेट इतिहास के सबसे बड़े घोटाले' के आरोपों के बीच मोदी सरकार की रहस्यमयी चुप्पी 'सांठ-गांठ' का इशारा 

यह भी पढ़ें:'HAHK-2': प्रधानमंत्री ये कहकर बच नहीं सकते कि ‘हम अडानी के हैं कौन’, कांग्रेस स के 3 सवाल 

यह भी पढ़ें: ‘प्रधानमंत्री और अडाणी एक ही सिक्के के दो चेहरे..’: कांग्रेस सांसद जयराम रमेश 

यह भी पढ़ें: 'HAHK-4': PM मोदी अपने मित्र अडानी के महाघोटाले पर चुप , सदन में भी इसका जिक्र नहीं किया, कांग्रेस के 3 सवाल

यह भी पढ़ें:'HAHK-5': अडानी समूह के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी के आरोपों की जांच नहीं करने के लिए पीएम मोदी ने सेबी पर दबाव डाला 


यह भी पढ़ें:‘HAHK-6’: क्या कृषि का ऐसा कोई क्षेत्र है जिसे आपने अडानी समूह को सौंपने का प्रयास नहीं किया है? 








tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 11 फ़रवरी 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।