नई दिल्ली: 34 हजार करोड़ के बैंक फ्राड मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पुणे से एक हेलीकॉप्टर को जब्त किया है| केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 34,615 करोड़ रुपये के डीएचएफएल (DHFL) ऋण धोखाधड़ी मामले में एक ताजा घटनाक्रम में शनिवार को कहा कि उसने पुणे में अविनाश भोसले (Avinash Bhosale) के परिसर में हैंगर में खड़े एक हेलीकॉप्टर को जब्त कर लिया है।
34,615 करोड़ रुपये के डीएचएफएल (DHFL) ऋण धोखाधड़ी मामले के आरोपी अविनाश भोंसले को CBI ने 26 मई को गिरफ़्तार किया था| CBI की टीम DHFL घोटाला मामले में जांच के लिए इस बिल्डर के ठिकानों पर पहुंची थी| अधिकारियों ने कहा कि CBI पिछले कुछ दिनों से कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है ताकि घोटाले की आय से अर्जित संपत्ति का पता लगाया जा सके| CBI फिलहाल इस पूरे मामले की जांच कर रही है|
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बता दें,''घोटाला उजागर होने के बाद सीबीआई ने शुक्रवार -24 जून 2022 को घोटाले की कंपनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) और उसके सहयोगियों के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज कर देश भर में एक दर्जन से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए थे।
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दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) के तत्कालीन मुख्य प्रबंध निदेशक कपिल वधावन, तत्कालीन निदेशक धीरज वधावन, व्यवसायी सुधाकर शेट्टी और अन्य आरोपियों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 17 बैंकों के एक संघ को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश रची थी।
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सीबीआई को दी गई शिकायत में कहा गया था कि डीएचएफएल कंपनी लंबे समय से बैंकों से कर्ज की सुविधा ले रही है| यह कंपनी कई सेक्टर में काम करती है। इस कंपनी ने बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईडीबीआई, यूको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित 17 बैंकों से 42 हजार करोड़ से अधिक का कर्ज लिया, लेकिन 34,615 हजार करोड़ का कर्ज नहीं लौटाया, साथ ही उनका एक खाता 31 जुलाई 2020 को एनपीए हो गया था|
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