नई दिल्ली:आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को ED ने छापेमारी के बाद अरेस्ट कर लिया है। संजय सिंह के दिल्ली वाले घर पर बुधवार सुबह 7 बजे ED की टीम पहुंची थी। 10 घंटे तक चली इस छापेमारी के बाद गिरफ्तारी हुई। संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजद सांसद मनोज झा ने बुधवार रात सांसद संजय सिंह के पिता दिनेश सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की।
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AAP सांसद संजय सिंह की गिरफ्तारी पर राजद सांसद मनोज झा ने कहा, "संजय सिंह जी की गिरफ्तारी ED ने नहीं की है, उन्हें भाजपा की इकाई ने गिरफ्तार किया है जिसमें ED, IT और CBI शामिल है। काले दिन शुरू हो गए हैं...तानाशाही के इस युग में, जो डर गया वो मर गया। तानाशाह खुद डरे हुए हैं। इस डर का जवाब जल्द ही दिया जाएगा।"
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संजय सिंह को आज शाम ED द्वारा गिरफ़्तार किया गया है, आज सुबह से ED आबकारी नीति मामले में संजय सिंह के आवास पर छापेमारी कर रही थी। आबकारी नीति केस की चार्जशीट में संजय सिंह का भी नाम है। इस केस में आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया जेल में हैं।
ED की चार्जशीट में संजय सिंह पर 82 लाख रुपए का चंदा लेने का जिक्र है। इसको लेकर ही ED बुधवार को उनके घर पहुंची और उनसे पूछताछ कर रही है। दिल्ली शराब नीति केस में ED की दूसरी सप्लिमेंट्री चार्जशीट 2 मई को जारी की गई थी। जिसमें आम आदमी पार्टी के राज्य सभा सांसद राघव चड्ढा का भी नाम सामने आया था। हालांकि उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है।
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बता दें, दिल्ली के तत्कालीन डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया ने 22 मार्च 2021 को नई शराब नीति का ऐलान किया था। 17 नवंबर 2021 को नई शराब नीति 2021-22 लागू कर दी गई। इससे शराब कारोबार से सरकार से बाहर हो गई और ये बिजनेस निजी हाथों में चला गया। कई बड़े डिस्काउंट देने से शराब की जमकर बिक्री हुई। इससे सरकारी खजाना तो बढ़ा, लेकिन इस नई नीति का विरोध होने लगा।
8 जुलाई 2022 को दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने नई शराब नीति में घोटाला होने का आरोप लगाया। उन्होंने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट एलजी वीके सक्सेना को रिपोर्ट सौंपी। इसमें बताया गया कि सिसोदिया ने लाइसेंसधारी शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया। दिल्ली के LG ने भी कहा है कि उनकी और कैबिनेट की मंजूरी के बिना ही शराब नीति में बदलाव कर दिए।
एलजी सक्सेना ने मुख्य सचिव की रिपोर्ट के आधार पर CBI जांच की मांग की। 17 अगस्त 2022 को जांच एजेंसी ने केस दर्ज किया। इसमें मनीष सिसोदिया, तीन रिटायर्ड सरकारी अफसर, 9 बिजनेसमैन और दो कंपनियों को आरोपी बनाया गया। सभी पर भ्रष्टाचार से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया।
19 अगस्त 2022 को सिसोदिया के घर और दफ्तर समेत सात राज्यों के 31 ठिकानों पर छापेमारी की। इस पर सिसोदिया ने दावा किया कि सीबीआई को कुछ नहीं मिला। इधर, 22 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने CBI से मामले की जानकारी लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया।
विवाद बढ़ता देख 28 जुलाई 2022 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति को रद्द कर दिया। फिर से पुरानी नीति लागू करने का फैसला लिया।सिसोदिया को इस घोटाले का मुख्य आरोपी बनाया गया। कई बार पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने 26 फरवरी 2023 को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल वे जेल में हैं। CBI ने सिसोदिया पर आरोप लगाया कि एक्साइज मिनिस्टर होने के नाते उन्होंने मनमाने और एकतरफा फैसले लिए, जिससे खजाने को भारी नुकसान पहुंचा और शराब कारोबारियों को फायदा हुआ।