नई दिल्ली: Maharashtra political turmoil: महाराष्ट्र में 30 जून को फ्लोर टेस्ट कराने के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई| एकनाथ शिदे की ओर से अधिवक्ता नीरज किशन कौल, शिवसेना के बागी विधायक गुट (एकनाथ शिदे गुट)) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह और महाराष्ट्र के राज्यपाल के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बहस की|राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के आदेश को चुनौती देने वाली शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए|
स्पीकर के समक्ष अयोग्यता की कार्यवाही का लंबित होना फ्लोर टेस्ट में देरी का आधार नहीं है| लोकतंत्र का नृत्य सदन के पटल पर होता है और यही करने की कोशिश की जा रही है: कौल
एकनाथ शिदे की ओर से पेश अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने कहा,''- सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अयोग्यता की कार्यवाही का फ्लोर टेस्ट पर कोई असर नहीं पड़ता है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि,' जिस क्षण कोई सीएम अनिच्छा दिखाता है, यह प्रथम दृष्टया यह विचार देता है कि वह सदन का विश्वास खो चुका है|
अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने कहा- यह (फ्लोर टेस्ट) राज्यपाल के विवेक के लिए बनाया गया क्षेत्र है। जब तक राज्यपाल के निर्णय को घोर तर्कहीन या दुर्भावनापूर्ण नहीं माना जाता, तब तक कोई हस्तक्षेप नहीं हो सकता।
एकनाथ शिंदे की ओर से पेश नीरज किशन कौल का कहना है कि फ्लोर टेस्ट का सामना करने के लिए सीएम की अनिच्छा का प्रथम दृष्टया यह अर्थ लगाया जाएगा कि उन्होंने सदन में बहुमत खो दिया। फ्लोर टेस्ट का अंतर्निहित उद्देश्य राजनीतिक जवाबदेही और राजनीतिक नैतिकता को बनाए रखना है, और SC ने इसे माना है।
सुप्रीम कोर्ट ने नीरज किशन कौल से पूछा- असंतुष्ट गुट में कितने विधायक हैं? ..| इस पर है अधिवक्ता कौल ने जबाव दिया कि,'' शिवसेना के 55 में से 39 विधायक है इसलिए है फ्लोर टेस्ट का सामना करने को लेकर बड़ी घबराहट हैं। कौल ने कहा,''बागी विधायक शिवसेना नहीं छोड़ रहे हैं। हम हैं शिवसेना, हमारे पास है प्रचंड बहुमत| उन्होंने कहा, 9 निर्दलीय विधायक हैं जिन्होंने हमें भी समर्थन दिया है. यह 14 का निराशाजनक अल्पसंख्यक है जो हमारा विरोध कर रहा है।
शिंदे के वकील ने कहा,"वे (उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना) पार्टी के भीतर ही “hopeless minority” में हैं, सदन को भूल जाइए|
हॉर्स ट्रेडिंग को रोकने का सबसे अच्छा तरीका फ्लोर टेस्ट है, किसी भी देरी से लोकतांत्रिक राजनीति को और नुकसान होगा| अनफोल्डिंग स्थिति के लिए फ्लोर टेस्ट की आवश्यकता होती है और राज्यपाल ने अपने विवेक से इसे आयोजित करने का निर्णय लिया है|
शिवसेना के बागी विधायक समूह की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने बहस शुरू की। उनका कहना है कि जब भी सुप्रीम कोर्ट इतनी देर से बैठा है, यह फ्लोर टेस्ट को रोकने के लिए नहीं है, यह फ्लोर टेस्ट आयोजित करने के लिए है। यह पहली बार है जब फ्लोर टेस्ट को रोकने का अनुरोध किया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह का कहना है कि शिवसेना के पास केवल 16 विधायक हैं। हमारे पास 39 विधायक हैं। आज हम शिवसेना नहीं छोड़ रहे हैं। हम शिवसेना हैं। हमारे साथ शिवसेना के 39 विधायक हैं|
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के लिए बहस शुरू की। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना है कि,''सबसे पहले, यह तर्क कि इस अदालत ने स्पीकर को इंटरडिक्ट किया है, गलत है। यह आदेश नहीं है, बल्कि कानून है जिसने उसे प्रतिबंधित किया है।