नई दिल्ली : नई रिपोर्ट के मुताबिक़ मोदी जी के न्यू इंडिया में 2021 में 2015 के मुक़ाबले 20% सबसे ग़रीब परिवारों की आय 53% कम हो गयी। मोटे तौर पर 15 करोड़ परिवारों की आय आधी हो गयी। यही नहीं, निम्न मध्यम वर्ग की आय 32% कम हुई और मध्यम वर्ग की 9%. मोदी सरकार ने 60% जनता की आय पर सेंध मारी है|
लेकिन इसी दौरान 20% सबसे अमीर परिवारों की आय में 39% वृद्धि हुई है, साफ़ है यह पहले भी सूट बूट की सरकार थी आज भी है। पर इसी 20% सबसे गरीब वर्ग की आय UPA के दौरान 183% बढ़ी थी, जब 27 करोड़ लोग ग़रीबी से निकले थे| उक्त बातें कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कही है|
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा,''दिक़्क़त सबसे ज़्यादा शहर में रहने वाले गरीब परिवारों को आयी, क्योंकि गाँवों में मनरेगा संजीवनी बन कर खड़ा रहा-वही जिसको मोदी जी हमारी बड़ी विफलता कहते थे एक गणना के अनुसार- मोदी जी ने 15 करोड़ सबसे गरीब परिवारों से ₹1.5 लाख प्रत्येक परिवार एंठ 5 करोड़ सबसे अमीर परिवारों को दिए| 15 करोड़ सबसे गरीब परिवारों से, हर एक परिवार से सरकार ने डेढ़ लाख रुपए एंठ कर 5 करोड़ सबसे अमीर परिवारों को देने का काम किया।
श्रीनेत ने कहा,''इस दौरान महंगाई कमरतोड़ रही है, सबके लिए GST बढ़ा पर कॉर्प्रोट टैक्स कम हुआ। आने वाले बजट का केंद्र बिंदु अमीरों और ग़रीबों के बीच यह बढ़ती हुई खायी को ख़त्म करना होना चाहिए, बाक़ी सब जुमलेबाज़ी है|
वही रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा,'''मोदी सरकार सिर्फ़ अमीरों के लिए है! यह अब सामने है -: “गरीब और गरीब - हम दो हमारे दो की चाँदी” पिछले 5 साल में - • सबसे गरीब लोगों की आय 53% कम
• छोटे मध्यम वर्ग की आय 32% कम
• अमीरों की आय बढ़ी 39%
सुरजेवाला ने कहा,'''गरीब-मध्यम वर्ग पर मार',, ''मोदी सरकार है अमीरों की सरकार!''
बता दें कि,''भारत में कोरोना काल में गरीबों की आमदनी (Income of poorest) 53% तक घटी है| जबकि अमीरों की आमदनी 39% बढ़ी है| आर्थिक उदारीकरण के बाद से सबसे गरीब 20 प्रतिशत भारतीय परिवारों की वार्षिक आय, 1995 के बाद से लगातार बढ़ रही थी, लेकिन कोरोना के दौरान में यानि कि वर्ष 2020-21 में 2015-16 की तुलना में इसमें 53 प्रतिशत की कमी आई है| वहीं इन पांच सालों के दौरान, सबसे अमीर 20% लोगों की घरेलू इनकम में 39% की वृद्धि देखी गई| वहीं लोवर मिडिल क्लास लोगों की घरेलू आय में भी 32% की गिरावट देखी गई| जबकि मिडिल क्लास के लोगों की इनकम 2% घटी|
इस सर्वे के मुताबिक सबसे अमीर 20 फीसदी लोगों की आय 1995 में कुल घरेलू आय का 50.2 फीसदी थी, वहीं 2021 में उनका हिस्सा बढ़कर 56.3 फीसदी हो गया| वहीं इसी दौरान सबसे गरीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी 5.9 प्रतिशत से गिरकर 3.3 फीसदी हो गई| शहर में रहनेवाले लोग गांवों की तुलना में अधिक प्रभावित हुए हैं| उनकी इनकम इस दौर में खत्म हो गई| मुंबई स्थित थिंक-टैंक, पीपुल्स रिसर्च ऑन इंडियाज कंज्यूमर इकोनॉमी के ICE360 सर्वे 2021 के सर्वे में ये बात निकलकर आई हैं|