नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है| प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के आधार पर मुख्तार अंसारी (पूर्व विधायक) और उनके सहयोगियों के खिलाफ पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने 1.48 करोड़ रुपये (रजिस्ट्री मूल्य) की सात अचल संपत्तियों को कुर्क किया है।जबकि रजिस्ट्री के समय उनका सर्किल रेट 3.42 करोड़ रुपये था|
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि,''जांच के दौरान इस निदेशालय के संज्ञान में आया कि उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा विकास कंस्ट्रक्शन (एक पार्टनरशिप फर्म) के खिलाफ सार्वजनिक/सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर गोदाम बनाने के आरोप में दो और प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. गोदामों का निर्माण यूपी के मऊ और गाजीपुर जिले में किया गया था
विकास कंस्ट्रक्शन फर्म अफशान अंसारी (मुख्तार अंसारी की पत्नी) और उनके दो भाइयों आतिफ रजा और अनवर शहजाद और अन्य दो व्यक्तियों रवींद्र नारायण सिंह और जाकिर हुसैन द्वारा चलाया जा रहा था।
यूपी पुलिस ने यूपी के मऊ जिले में दर्ज एफआईआर में से एक में आरोप पत्र दायर किया है जिसमें विकास कंस्ट्रक्शन फर्म के सभी भागीदारों को आरोपी बनाया गया है।
पीएमएलए की जांच के दौरान पता चला कि विकास कंस्ट्रक्शन द्वारा यूपी के मऊ और गाजीपुर जिले में सार्वजनिक/सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने गोदामों को किराए पर देकर भारतीय खाद्य निगम से 15 करोड़ रुपये का किराया वसूला गया था.इस किराए का उपयोग आगे चलकर मैसर्स विकास कंस्ट्रक्शन और मुख्तार अंसारी की पत्नी अफशान अंसारी के नाम पर अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया था।
ऐसी अचल संपत्तियों का पता लगाने के बाद, प्रवर्तन निदेशालय ने अस्थायी रूप से 1.48 करोड़ रुपये (रजिस्ट्री मूल्य) की सात अचल संपत्तियों को कुर्क किया है। पंपंजीकरण के समय कुर्क की गई संपत्तियों का सर्किल रेट 3.42 करोड़ रुपये था।