Ram Bahal Chaudhary,Basti
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लेखिका पारुल सुनिल त्रिपाठी: पढ़कर मनुस्मृति समझी मैंने सबकी कृति, मैंने सोचा नहीं.....भूल ये पेशे का रूतबा,तुम्हे एक नई जात बता दू, पढ़ें पूरा

  • by: news desk
  • 20 April, 2020
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लेखिका पारुल सुनिल त्रिपाठी: पढ़कर मनुस्मृति समझी मैंने सबकी कृति,  मैंने सोचा नहीं.....भूल ये पेशे का रूतबा,तुम्हे एक नई जात बता दू, पढ़ें पूरा

लखनऊ:  पारुल सुनिल त्रिपाठी (लेखिका - लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्रा है, विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक मुद्दों पर कविता एवं कहानियों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद करती रहती है)




पढ़ें---------



पढ़कर मनुस्मृति, समझी मैंने सबकी कृति

मैंने सोचा नहीं, सुनेगा कोई आपबीती हमारी

तू सोचा क्यों ना कलम उठाऊ और लिखु एक नई जाति हमारी|

सब उत्सुकता से पढ़ेंगे,

कुछ हसेंगे ,कुछ विरोध मेरा करेंगे

तो मैंने कलम उठाया है|




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अब लिखने को मजबूर हुई हूं

अभी पता चला कि हिंदू हूं मगर हिंदुत्व से दूर हुई हूं

समझ नहीं आई मुझे पूरी तरह से हिंदुओ कि कहानी

जब धर्म एक ही तो जातियां इतनी क्यू बनानी

अलग अलग वर्गो में बाटा, नाम लेकर पेशे का|




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अरे समझ न पाती मै कुरीत तुम जैसो का

प्रकृति की देन भूल शूद्रों को तुमने सेवक तुमने बनाया

ऐसा करके तुमने यश , वैभव खूब कमाया

स्त्री को तो कोई दर्ज़ा ही नहीं दिया तुमने|




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हमने सोचा जान नहीं है हममें

तब मैंने तुम्हारी औकात पढ़ी

मुड़ मुड़ कर दुबारा तुम्हारी जात पढ़ी

जाति से ब्राह्मण जान पड़े तुम

तो मैंने सोचा अब भी जिंदा पड़े तुम?

क्यों न ये शूद्रों को तुमसे मुक्त कर उन्हें अलग धर्म बनाने को मजबूर करू

तुम्हे तुम्हारा अहंकार भुलाकर , कुरीतियों से तुम्हे दूर करू

ये स्त्री जो तुम जैसे को दुनिया में लाती है,इसको भी समझाऊं मै

जल्द से जल्द तुम्हे अहंकार मुक्त बनाऊ मै




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धर्म ऐसा बनने को मजबूर हो

जिसमे जाति ,पेशे से न कोई दूर हो

लिंगो का भेद प्रतीत सुदूर हो

समानता का रिश्ता है सबमें, ये सबका गुरूर हो

स्त्री न सेविका हो तुम्हारी

न शूद्रों को सेवक तुम समझो

अरे उसी पंचतत्व के बने हो तुम भी, न गुरूर इतना तुम करो

विलीन हो जाओगे पंचतत्व में तुम भी शूद्रों की ही भांति,ये सोच  उन्हें समान रखने को खुद को मजबूर करो

सोचा कलम उठाई ही है तो तुम्हे तुम्हारी औकात बता दू

भूल ये पेशे का रूतबा,तुम्हे एक नई जात बता दू।








लेखिका-पारुल सुनिल त्रिपाठी



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