नई दिल्ली: ओलंपिक पदक विजेता एवं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। युवा मामले और खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से आग्रह किया है कि लवलीना बोरगोहेन की निजी कोच संध्या गुरुंग को मान्यता दी जाए ताकि मुक्केबाज अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण ले सकें| लवलीना बोरगोहेन के आरोप पर खेल मंत्रालय ने कहा कि, "हमने भारतीय ओलंपिक संघ से लवलीना बोरगोहेन के कोच की मान्यता की तत्काल व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
युवा मामले और खेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया,''पिछले हफ्ते भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा युवा मामले और खेल मंत्रालय को आवश्यकता को देखते हुए की गई विशेष सिफारिश के आधार पर अंतिम राष्ट्रमंडल खेलों की आकस्मिक सूची में संध्या गुरुंग का नाम शामिल किया गया था|
सूत्रों ने बताया,''मार्च में SAI के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय शिविरों में गुरुंग और लवलीना के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच के नाम BFI द्वारा शामिल नहीं किए गए थे, जो राष्ट्रीय शिविरों के लिए एथलीटों, कोचों और सहायक कर्मचारियों के नामों की सिफारिश करने के लिए जिम्मेदार हैं| हालांकि मार्च के अंतिम सप्ताह में लवलीना द्वारा SAI से किए गए व्यक्तिगत अनुरोध पर कार्रवाई करते हुए SAI ने हस्तक्षेप कर महासंघ से बात की, शिविर में गुरुंग और उसकी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग विशेषज्ञ को शामिल करने के लिए कहा जिसके बाद ये दोनों 4 अप्रैल को शिविर में शामिल हुए|
मंत्रालय के सूत्रों ने बताया,''लवलीना के कोच का नाम SAI द्वारा की गई एक विशेष सिफारिश के आधार पर अंतिम CWG आकस्मिक सूची में शामिल किया गया था, युवा मामले और खेल मंत्रालय ने IOA को तत्काल हस्तक्षेप करने के लिए कहा|
मुझे प्रवेश करने की अनुमति नहीं इसलिए मैं उसे प्रशिक्षित नहीं कर पा रही: लवलीना की कोच
बर्मिंघम में मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की कोच संध्या गुरुंग ने कहा कि, , "हम उम्मीद करते हैं कि हमारे सभी खिलाड़ी पदक लाएंगे। खिलाड़ी हमेशा चाहते हैं कि उनके कोच उनके साथ रहें। मैं उसे प्रशिक्षित नहीं कर पा रही हूं क्योंकि मुझे प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। मुझे उम्मीद है कि आज शाम तक समस्या का हल हो जाएग???|
बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और IOA ने समस्या का समाधान कर लिया: महिला बॉक्सिंग कोच
महिला बॉक्सिंग कोच भास्कर भट्ट ने कहा कि, ,वे (लवलीना बोरगोहेन की कोच) अब टीम के साथ हैं और समस्या का समाधान बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और IOA ने कर लिया है। हमारे सभी मुक्केबाज आगामी राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार हैं। हमें उम्मीद है कि हमारे सभी खिलाड़ी देश के लिए पदक लाएंगे|
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राष्ट्रमंडल खेलों का आगाज 28 जुलाई से इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर होने जा रहा है| CWG से पहले लवलीना बोरगोहेन ने कहा कि,'' बहुत ही ज्यादा दुख के साथ मुझे कहना यह पड़ रहा है कि मैं बहुत ही ज्यादा शोषित महसूस कर रही हूं| ओलिंपिक खेलों में मेरी पदक जीतने में मदद करने वाले मेरे कोचों को हर बार ट्रेनिंग की प्रक्रिया और प्रतियोगिता से हटा दिया गया| इन्हीं में से एक कोच संध्या गुरुंग जी हैं, जो द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता भी हैं| कई बार अनुरोधों के बावजूद उन्हें बहुत देरी से मेरी ट्रेनिंग के लिए अनुति दी गयी| इससे मेरी ट्रेनिंग पर असर पड़ता है और यह मुझे बहुत ही परेशान और मानसिक रूप से शोषित करती है|
बोरगोहेन ने कहा कि,' अब मेरी कोच संध्या गुरुंग जी कॉमलवेल्थ विलेज से बाहर हैं क्योंकि उन्हें भीतर आने की इजाजत नहीं दी गयी और खेल शुरू होने से ठीक आठ दिन पहले इसका असर मेरी ट्रेनिंग पर पड़ा है| कई बार अनुरोध करने के बावजूद मेरे बाकी दूसरे कोचों को वापस भारत भेज दिया गया है| मेरी समझ में नहीं आ रहा कि मैं अपना ध्यान खेलों पर कैसे लगाऊं| ऐसे ही हालात ने पिछली विश्व चैंपियनशिप में भी मेरे प्रदर्शन पर असर डाला था| मैं नहीं चाहती कि यह राजनीति मेरे राष्ट्रकुल खेलों के प्रदर्शन पर भी असर डाले| इस बॉक्सर ने आगे कहा कि मैं उम्मीद करती हूं कि मैं इस राजनीति को भेदकर देश के लिए पदक जीत सकती हूं, जय हिंद.
लवलीना बोरगोहेन हमारे देश की संपत्ति, सरकार को उनका उत्पीड़न रोकने के लिए सब कुछ करना चाहिए: प्रियंका गांधी
ओलंपिक पदक विजेता एवं मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की शिकायत मंच पर कांग्रेस नेता प्रियंका ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "लवलिना हमारे देश के लिए संपत्ति हैं| उनका हर तरह से समर्थन और हौसलाअफजायी की जानी चाहिए| मैं उम्मीद करती हूं कि सरकार लवलीना की शिकायत को देखेगी और उस हरासमेंट को रोकने के किए हरसंभव कोशिश करेगी, जिसका सामना यह खिलाड़ी कर रही है"
CWG 2022
राष्ट्रमंडल खेलों का आगाज 28 जुलाई से इंग्लैंड के बर्मिंघम शहर होने जा रहा है, वहीं इसका समापन 8 अगस्त को होगा। 1930 से शुरू हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत 18वीं बार भाग लेने जा रहा है। इस साल 108 पुरुष और 107 महिला खिलाड़ियों के साथ भारत कुल 15 खेलों में हिस्सा लेगा जिसमें क्रिकेट भी शामिल है। इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में महिला क्रिकेट को भी जगह दी गई है।
भारत के 12 बॉक्सर इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे हैं। इनमें आठ पुरुष और चार महिला बॉक्सर हैं। पहले के नियम के मुताबिक, 12 बॉक्सर्स के साथ सिर्फ चार सपोर्ट स्टाफ को खेल गांव में जाने की इजाजत थी। इसके बाद बीएफआई ने आईओए की मदद से खिलाड़ियों की मदद के लिए इसे चार से आठ करवाया था। यानी 12 भारतीय बॉक्सर्स के लिए आठ सपोर्ट स्टाफ को खेल गांव में एंट्री की इजाजत दे दी गई थी। इनमें संध्या का नाम भी शामिल है।
सभी के मान्यता कार्ड पहले ही बन गए थे, लेकिन संध्या का नहीं बना था। उनसे कहा गया कि जब आयरलैंड से वह बर्मिंघम जाएंगी तो वहां उनका कार्ड बन जाएगी। जिसके चलते उन्हें आयरलैंड से ही टीम के साथ बर्मिंघम भेज दिया गया, लेकिन पहले से आवेदन नहीं होने के कारण वेलकम सेंटर में उनका मान्यता कार्ड नहीं बनाया गया।
इसके चलते संध्या को पहले वेलकम सेंटर में प्रताड़ित होना पड़ा, लेकिन सबसे ज्यादा प्रताड़ना उन्हें सोमवार को उठानी पड़ी, जब सुरक्षा कर्मी ने उन्हें उनका हाथ पकड़कर बाहर जाने के लिए कहा। लवलीना ने सोमवार को अकेले अभ्यास किया। संध्या से कहा गया है कि उनका कार्ड बनाने की कोशिश की जा रही है, जब तक उनका कार्ड नहीं बनेगा तब तक न तो वह लवलीना को ट्रेनिंग दे पाएंगी और न ही खेल गांव में प्रवेश कर पाएंगी। उन्हें बाहर होटल में ही रहना पड़ेगा।