रांची: चारा घोटाला: RJD नेता लालू प्रसाद यादव को रांची की CBI अदालत ने पांचवे चारा घोटाला मामले (Fodder Scam) में 5 साल कैद की सज़ा सुनाई और 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। चारा घोटाले के डोरडा कोषागार के मामले में रांची की सीबीआई की विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू यादव को पांच साल की सजा और 60 लाख का जुर्माना लगाया।
15 फरवरी, 2022 को 950 करोड़ रुपये के बहुचर्चित चारा घोटाले के सबसे बड़े रांची के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ के गबन के मामले में सीबीआई अदालत (CBI Court) राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव समेत 38 आरोपियों को दोषी करार दिया था|
सीबीआई के विशेष अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि 38 दोषियों में से 35 बिरसा मुंडा जेल में बंद हैं जबकि लालू प्रसाद यादव समेत तीन अन्य दोषी स्वास्थ्य कारणों से राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में भर्ती हैं| इस मामले में सीबीआई ने कुल 170 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था जबकि 148 आरोपियों के खिलाफ 26 सितंबर 2005 में आरोप तय किए गए थे|
चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक की सजा पा चुके लालू प्रसाद यादव समेत 99 लोगों के खिलाफ अदालत ने सभी पक्षकारों की बहस सुनने के बाद 29 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था|
बता दें कि संयुक्त बिहार में चारा घोटाला मामला जनवरी 1996 में पशुपालन विभाग में छापेमारी के बाद सामने आया था| सीबीआई ने जून 1997 में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव को एक आरोपी के रूप में नामित किया था| एजेंसी ने लालू प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के खिलाफ आरोप तय किए थे| सितंबर 2013 में निचली अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्रा और 45 अन्य को दोषी ठहराया और रांची जेल भेज दिया था|