रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में 1 दिसंबर को 76 प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक पारित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने 76 प्रतिशत आरक्षण संशोधन विधेयक को हरी झंडी दे दी है| राज्यपाल अनुसुइया उइके सोमवार तक आरक्षण संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर कर सकती है| राज्यपाल के हस्ताक्षर करने के बाद विधेयक अधिनियम बन जाएंगे।
आरक्षण संशोधन विधेयक पर राज्यपाल अनुसुइया उइके ने कहा,''मेरा सकारात्मक सहयोग मिलेगा। मैं शासन और विपक्ष के लोगों को SC, ST और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण को 58% से 76% तक बढ़ाने के लिए धन्यवाद देती हूं। मैं इस विधेयक पर सोमवार तक (हस्ताक्षर) कर दूंगी|
छत्तीसगढ़ विधानसभा में कल यानी शुक्रवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने वाले दो नये विधेयक पारित हो गए है| छत्तीसगढ़ विधानसभा ने शुक्रवार को सर्वसम्मति से राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के लिए उनकी आबादी के अनुपात के अनुसार प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण बढ़ाने वाले दो संशोधन विधेयक पारित किए। इसे राज्यपाल को भेजा गया है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने ओबीसी, एससी/एसटी कोटा बढ़ाने के लिए पारित किया विधेयक
छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) संशोधन विधेयक और शैक्षणिक संस्था (प्रवेश में आरक्षण) संशोधन विधेयक पारित हुआ है। इन दोनों विधेयकों में आदिवासी वर्ग-ST को 32%, अनुसूचित जाति-SC को 13% और अन्य पिछड़ा वर्ग-OBC को 27% आरक्षण का अनुपात तय हुआ है। सामान्य वर्ग के गरीबों को 4% आरक्षण देने का भी प्रस्ताव है। इसको मिलाकर छत्तीसगढ़ में 76% आरक्षण हो जाएगा।