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छत्तीसगढ़ बजट 2021: छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला बजट: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , 7 नवीन महाविद्यालय एवं 3 कन्या महाविद्यालय की होगी स्थापना

  • by: news desk
  • 01 March, 2021
छत्तीसगढ़  बजट 2021: छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला बजट: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल , 7 नवीन महाविद्यालय एवं 3 कन्या महाविद्यालय की होगी स्थापना

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में छत्तीसगढ़ का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह बजट राज्य को नई ऊंचाईयों पर ले जाएगा। उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार के तीसरे बजट को प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस बजट में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़‘ के मूलमंत्र की भावनाओं को समाहित किया गया है।



मुख्यमंत्र बघेल ने बजट पेश करते हुए कहा कि,'' अध्यक्ष महोदय, हमारी मंशा प्रदेश को हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने की है। अंग्रेजी के इस हाईट शब्द के हर अक्षर में विकास की अवधारणा के भिन्न-भिन्न आयाम समाहित हैं। हाईट का पहला एच, होलिस्टिक डेवलपमेंट यानि समग्र विकास का सूचक है। इस समग्र विकास का लाभ हमारे किसानों को, श्रमिकों को, वनवासी भाईयों को, माताओं और बच्चों को समान रूप से प्राप्त होता है। विकास की इस अवधारणा में बड़े नगरों का आधुनिकीकरण के साथ-साथ सूदूर दुर्गम क्षेत्र के गांवों में भी बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। विकास की इस प्रक्रिया में सुशासन की स्थापना के लिये आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग कोे प्रोत्साहित करते हैं, साथ ही अपनी संस्कृति और परम्पराओं का संरक्षण कर उन्हें चिरंजीवी रखने के लिये भी पूर्ण प्रयास करते हैं।




 7 नवीन महाविद्यालय एवं 3 कन्या महाविद्यालय की होगी स्थापना: '' राज्य के हर वर्ग, जाति एवं समुदाय के बच्चों एवं युवाओं को उत्कृष्ट संस्थानों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का समान अवसर दिलाने के लिये हम निरंतर प्रयत्नशील हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की योजना शुरू की गई है। प्रदेश में 52 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का संचालन प्रारंभ हो चुका है। 119 नये अंग्रेजी माध्यम स्कूल 2021-22 के बजट में प्रस्तावित किये गये हैं।




 नवा रायपुर में स्व-वित्तीय मॉडल पर सर्व सुविधायुक्त राष्ट्रीय स्तर के बोर्डिग स्कूल की स्थापना की जायेगी। इस स्कूल में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के शुल्क की प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा की जायेगी। कांकेर जिले में बी.एड. कॉलेज की स्थापना हेतु नवीन मद में एक करोड़ का प्रावधान किया गया है। पढ़ना-लिखना अभियान योजना के लिए नवीन मद में 5 करोड़ 85 लाख का प्रावधान रखा गया है। ग्राम नागपुर जिला कोरिया, ग्राम सन्ना जिला जशपुर, ग्राम बांकीमांेगरा जिला कोरबा, ग्राम नवागांव नवा रायपुर, रिसाली जिला दुर्ग, सारागांव जिला जांजगीर चाम्पा, पेण्ड्रावन जिला दुर्ग में नवीन महाविद्यालय तथा सूरजपुर, बलरामपुर एवं गोबरा नवापारा जिला रायपुर में नवीन कन्या महाविद्यालय की स्थापना की जायेगी।



 15 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के तथा 15 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर के नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे। नारायणपुर, कोण्डागांव, महासमुंद, कोरबा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर में एक-एक बालक एवं कन्या छात्रावास की स्थापना के लिए नवीन मद में 2 करोड़ 80 लाख का प्रावधान रखा गया है। बलरामपुर में पिछड़ा वर्ग के लिये एक-एक नवीन प्री-मैट्रिक बालक एवं कन्या छात्रावास तथा पाटन जिला दुर्ग में एक प्री-मैट्रिक अनुसूजित जाति बालक छात्रावास स्थापित किया जायेगा। अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के संचालन हेतु 371 करोड़ एवं विवेकानंद गुरूकुल उन्नयन योजना अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए 281 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। निकुम जिला दुर्ग, भाठागांव जिला रायपुर, वटगन जिला बलौदाबाजार, आमदी जिला धमतरी, चिरको जिला महासमुंद तथा नरहरपुर जिला कांकेर स्थित शासकीय महाविद्यालयों के लिये नवीन भवन निर्माण किया जायेगा। ग्राम टेकारी, विकासखंड आरंग तथा ग्राम नेवरा विकासखंड तखतपुर में नवीन आई.टी.आई. की स्थापना की जायेगी। छत्तीसगढ़ रीजनल साईंस सेन्टर परिसर में इनोवेशन हब की स्थापना हेतु  1 करोड़ 80 लाख तथा 40 पॉलीटेक्निक संस्थाओं में फर्नीचर मशीन तथा उपकरण के लिए 20 करोड़ 55 लाख का प्रावधान रखा गया है।'







11 नई तहसीलें और 5 नए अनुविभाग की होगी स्थापना: प्रशासन को संवेदनशील, सशक्त, जवाबदेह तथा प्रभावी बनाने हेतु क्षेत्रफल तथा जनसंख्या के आधार पर बड़ी प्रशासनिक इकाइयों को विभाजित करके नई इकाइयों का गठन किया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में 11 नवीन तहसील एवं 5 नये अनुविभागों का गठन किया जायेगा। नयी तहसीलों का गठन सारागांव, नांदघाट, सुहेला, सीपत, बिहारपुर, चांदो, रघुनाथपुर, सरिया, छाल, अजगरबहार, बरपाली तथा अनुविभाग कार्यालयों का गठन लोहांडीगुड़ा, भैयाथान, पाली, मरवाही एवं तोंकापाल में किया जायेगा। पटवारियों को खसरा पांचसाला तथा बी-1 की कम्प्यूटराइज्ड प्रतिलिपियां प्रदान की जायेगी। 




इससे मौके पर अभिलेखों का मिलान एवं गिरदावरी कार्य में सुविधा होगी। इस हेतु नवीन मद में 3 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। पटवारियों को देय मासिक स्टेशनरी भत्ता में 250 रूपये की वृद्धि की जायेगी। इसके लिये बजट में 3 करोड़ 48 लाख का प्रावधान रखा गया है। सभी तहसीलों में राजस्व निरीक्षक मण्डल स्तर पर नवीन वर्षामापी केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। इसके लिये बजट में 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान रखा गया है। स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र का ड्रोन आधारित सर्वे किया जाकर धारित भूमि का नक्शा तथा अधिकार अभिलेख रहवासियों को वितरित किया जायेगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शासकीय सेवकों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सिविल सेवा पदक एवं राज्य पुलिस सेवा पदक से पुरस्कृत करने की योजना शुरू की जायेगी।






राज्य के 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों को वर्ष 2023 तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पेयजल हेतु घरों तक नल कलेक्शन की सुविधा देने के लिए जल जीवन मिशन योजना में 850 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नलकूपों के अनुरक्षण हेतु 106 करोड़ तथा पाईप द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना में 32 करोड़ एवं ग्रामों में पेयजल प्रदाय के लिए 70 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। मिनीमाता अमृतधारा नल योजना में 11 करोड़ एवं गोठानों मेें नलकूप खनन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।





 ‘बस्तर टाइगर्स’ विशेष बल का गठन: बस्तर संभाग के सभी जिलों में ‘बस्तर टाइगर्स’ विशेष बल का गठन किया जायेगा। बल में अंदरूनी ग्रामों के स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता दी जायेगी। युवाओं के अंदरूनी क्षेत्र एवं जंगल की जानकारी का लाभ नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस बल को प्राप्त हो सकेगा। इस हेतु वर्ष 2021-22 के बजट में 2 हजार 800 व्यक्तियों की भर्ती की जायेगी। इस पर 92 करोड़ का व्यय संभावित है। राज्य पुलिस मुख्यालय में साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना हेतु 20 नवीन पद सृजित किये जाएंगे। इसके लिये वर्ष 2021-22 के बजट में 1 करोड़ 33 लाख का नवीन मद में प्रावधान किया गया है। शहरी जनसंख्या के दबाव को देखते हुये प्रभावी नागरिक सुरक्षा व्यवस्था हेतु रायपुर-पश्चिम एवं जांजगीर-चांपा में तथा नक्सल ऑपरेशन को गति प्रदान करने हेतु मानपुर जिला राजनांदगांव, बीजापुर (नक्सल ऑपरेशन) एवं भानुप्रतापपुर जिला कांकेर में कुल 5 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नवीन कार्यालय स्थापित किये जायेंगे। गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में पुलिस जवानों के लिये आवासीय भवन निर्माण किया जायेगा। राज्य में भवन विहीन पुलिस चौकियों के लिये 10 चौकी भवनों का निर्माण किया जायेगा। कन्या छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत बालिकाओं की सुरक्षा के लिये महिला होमगार्ड के 22 सौ नवीन पदों की स्वीकृति हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। उप जेल नारायणपुर एवं उप जेल बीजापुर का जिला जेल में उन्नयन तथा भाटापारा में उप जेल की स्थापना हेतु 48 नवीन पदों के सृजन का प्रावधान किया गया है। राज्य के कुल 06 जेल में 50-50 बंदी क्षमता के 10 बैरकों का निर्माण किया जायेगा।






स्वच्छता दीदियों का मानदेय अब 6000 रूपए: '''' नगरीय क्षेत्रों में सुशासन की स्थापना एवं आधुनिक सुविधाओं की व्यवस्था हेतु राज्य सरकार द्वारा कई अभिनव पहल की गई है। विभिन्न शासकीय सेवाओं की घर पहुंच सेवा के लिये मुख्यमंत्री मितान योजना में 10 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल एम्बुलेन्स एवं दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से निःशुल्क परीक्षण, उपचार एवं दवाई वितरण की सुविधा दी जा रही है। वर्ष 2021-22 के बजट में भी 50 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह गौरव का विषय है कि छत्तीसगढ़ को देश का स्वच्छतम राज्य होने का पुरस्कार लगातार दो वर्ष से प्राप्त हो रहा है। इस सफलता का श्रेय स्वच्छता दीदियों को समर्पित करते हुए उनके मानदेय को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रूपये किया गया है। एस.एल.आर.एम. सेन्टर्स का उन्नयन करते हुए नगरीय निकायों में 377 गोधन न्याय सह गोबर क्रय केन्द्रों की स्थापना की जा रही है।




 इससे आजीविका के अन्य साधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। शहरी गरीबों को काबिज भूमि का पट्टा देने का निर्णय लिया गया है, इस निर्णय से उनके मकान निर्माण का मार्ग सुगम हुआ है। शहरी निर्धन परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने हेतु ”मोर जमीन-मोर मकान“ तथा ”मोर मकान-मोर चिन्हारी“ योजनाओं में किये गये कार्याें को भारत सरकार द्वारा जनवरी 2021 में पुरस्कृत किया गया है। सबके लिए आवास योजना के तहत 2021-22 में 457 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। अमृत योजना मंे शामिल 9 शहरों में दिसंबर 2018 तक स्वच्छ पेयजल हेतु 23 हजार 876 नल कनेक्शन दिये गये थे। यह संख्या अब बढ़कर डेढ़ लाख हो चुकी है। अमृत मिशन योजना के लिए इस वर्ष 220 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए 482 करोड़, तथा जल आवर्धन योजनाओं के लिए 120 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में सम्मिलित 17 नवीन ग्रामों में जल प्रदाय व्यवस्था हेतु बजट में प्रावधान किया गया है।






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