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रायबरेली: प्रदेश में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में हो रहा है शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास

  • by: news desk
  • 03 October, 2019
रायबरेली: प्रदेश में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में हो रहा है शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास

रायबरेली: अल्पसंख्यक वर्गों की सामाजिक एवं आर्थिक पृष्ठभूमि के परिप्रेक्ष्य में उनकी विशिष्ट समस्याओं का निराकरण करने तथा उनका शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्हीं योजनाओं में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण योजना है जो प्रदेश में संचालित है।



 



पूर्व में बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम (मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेंट प्लान/एमएसडीपी) का पुर्नगठन कर भारत सरकार ने इसे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के रूप में पुर्ननामित किया है। इसके अन्तर्गत अल्पसंख्यक बाहुल्य कस्बों तथा गांवों के संकुल की पहचान के लिए मापदंडों को युक्तिसंगत बनाया गया है। अब गांवों के संकुल के चयन के लिए जनसंख्या मापदण्ड को कम कर अल्पसंख्यक समुदाय की जनसंख्या 25 प्रतिशत तक दिया गया है जो पूर्व में न्यूनतम 50 प्रतिशत था।



 



इस योजनान्तर्गत पहले के नियम के मुताबिक उन शहरों को ही विकास कार्यों के लिए चयनित किया जाता था जो बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक मापदंड में पिछड़े होते थे, किन्तु अब इन दोनों में से किसी में भी मापदण्ड होने पर उस शहर को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत चयनित कर विकास किया जायेगा। अल्पसंख्यक बहुल ब्लाक, कस्बों तथा गांवों के संकुल के अतिरिक्त अल्पसंख्यक बाहुल्य जिला मुख्यालयों को शामिल करते हुए क्रियान्वयन की क्षेत्रीय इकाई का और अधिक विस्तार किया गया है।



 





जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास और कौशल विकास के लिए सामाजिक आर्थिक बुनियादी ढांचे के विकास पर बल देते हुए कार्य कर रही है। यह योजना प्रदेश के अल्पसंख्यक बाहुल्य कई जनपदों में लागू की गई है। इस योजनान्तर्गत अल्पसंख्यक क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, शैक्षिक हॉस्टल बनाने, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने, कम्प्यूटर प्रोजेक्ट्स, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, ग्रामीण कारीगरों को बाजार उपलब्ध कराने आदि कार्यों पर बल देते हुए विकास परियोजनाएं संचालित की गई हैं। 



 





    प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत शिक्षण सुविधाओं के सृजन के उद्देश्य से 40 इण्टर कॉलेजों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया है। सभी इण्टर कॉलेजों में फर्नीचर इत्यादि की व्यवस्था भी की गई है। इस प्रकार वर्तमान में सरकार द्वारा परियोजनाओं को केवल पूर्ण कराना ही लक्ष्य नहीं अपितु उसे जनहित में सुचारू रूप से संचालित किये जाने पर भी बल दिया गया है।



 



प्रदेश में इस योजनान्तर्गत 13 नवीन आई0टी0आई0 भवनों का निर्माण पूर्ण कराया गया तथा उक्त के अतिरिक्त 09 आई0टी0आई0 का संचालन भी प्रारम्भ कर दिया गया है। साथ ही 48 पेयजल परियोजनाओं की स्थापना कर पेयजल सुविधाओं का सृजन किया गया है। प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत 1146 करोड़ रु0 की परियोजनाओं को स्वीकृत की है जो कि इस योजनान्तर्गत अब तक की अभूतपूर्व उपलब्धि है।



 





इस प्रकार वर्तमान सरकार द्वारा प्रदेश में अब तक 03 राजकीय पॉलिटेक्निक, 52 राजकीय इण्टर कॉलेज, 09 जूनियर हाई स्कूल, 20 अपर प्राइमरी स्कूल, 138 प्राइमरी स्कूल, 18 राजकीय आई0टी0आई0, 01 राजकीय नर्सिंग कॉलेज, 09 राजकीय डिग्री कॉलेज, 1580 स्मार्ट क्लास, 01 इण्टर कॉलेज में परीक्षा हॉल, 09 छात्रावास, 31 सद्भाव, 160 आंगनबाड़ी केन्द्र, 02 वर्किंग वूमन हॉस्टल, 01 मार्केटिंग शेड, 03 साइंस लैब, 187 पाइप पेयजल योजना, 747 पोर्टबल वॉटर सप्लाई, 01 सीवर योजना, 47 टॉयलेट ब्लॉक कुल 3017 परियोजनाओं की स्थापना स्वीकृत की जा चुकी है। 



 





प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विगत 25 सितम्बर, 2019 को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में पूर्ण हुई परियोजनाओं में 14 इण्टर कॉलेज, 02 हाईस्कूल, 01 अपर प्राइमरी स्कूल, 17 पेयजल आपूर्ति योजनाओं का लोकार्पण तथा 15 राजकीय इण्टर कॉलेज, 05 राजकीय महिला डिग्री कॉलेज, 10 राजकीय आई0टी0आई0, 01 राजकीय पॉलीटेक्निक, 02 छात्रावास, 07 प्राइमरी स्कूल, 05 पेयजल आपूर्ति परियोजनाएं एवं 08 सद्भाव मण्डप परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। प्रदेश सरकार अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं सहित शिक्षा, तकनीकी शिक्षा की स्थापना कर उनका शैक्षिक, आर्थिक, सामाजिक विकास कर रही है।



 



 



 



रिपोर्ट-अभिषेक बाजपेयी


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