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अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फेंस की प्रस्तुति ‘महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी’

  • by: news desk
  • 09 March, 2022
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फेंस की प्रस्तुति ‘महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी’

महिलायें हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं : राजीव रंजन प्रसाद

आधुनिकता के दौर में महिलाएं अपनी योग्यता व आत्मविश्वास के दम पर अपनी पहचान कायम कर रही है: रागिनी रंजन


नयी दिल्ली, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च के अवसर पर ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस (जीकेसी) ने महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी का आयोजन किया।


जीकेसी मीडिया-कला-संस्कृति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कार्यक्रम के संयोजक प्रेम कुमार ने बताया कि महिलाओं के प्रति सम्मान को दर्शाते हुये जीकेसी ने अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जीकेसी के ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद और प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन के मार्गदर्शन में महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी का वर्चुअल आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी का संचालन जीकेसी कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव श्रीमती सोमिका श्रीवास्तव ने किया ,जबकि धन्यवाद ज्ञापन ग्लोबल वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में जीकेसी डिजिटल-तकनीकी और संचार प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव ,जीकेसी डिजिटल-तकनीकी और संचार प्रकोष्ठ के ग्लोबल महासचिव सौरभ श्रीवास्तव ग्लोबल उपाध्यक्ष आनंद सिन्हा और जीकेसी डिजिटल-आईटी प्रकोष्ठ बिहार के प्रदेश आशुतोष ब्रजेश ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। शिरकत करने वाली सभी महिला शक्तियों को जीकेसी ने प्रशंसा प्रमाण पत्र दिया।



इस अवसर पर ग्लोबल अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, महिलायें हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर रही हैं। आज के समय में महिलाएं किसी भी पैमाने पर पुरुषों से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा, शिक्षा हो या फिर चिकित्सा, राजनीति हो या फिर समाजसेवा, सिनेमा हो या फिर खेलकूद या फिर विज्ञान महिलायें हर मोर्चे पर कामयाबी का परचम लहरा रही हैं।महिलाएं आज पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्रों में उनसे कदम से कदम मिलाकर काम कर रही हैं। उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। बस उनके हौसलों को पंख देने की जरूरत है।



जीकेसी की प्रबंध न्यासी श्रीमती रागिनी रंजन ने कहा, चाहे खेल-कूद की दुनिया हो या अंतरिक्ष विज्ञान, सीमाओं की सुरक्षा हो या फिर समाज उत्थान।बेटियां हर कदम पर बढ़ा रही है भारत का मान ,महिला सशक्तिकरण से बढ़ेगा मां भारती का स्वाभिमान। उन्होंने कहा, आधुनिकता के दौर में महिलाएं अपनी योग्यता व आत्मविश्वास के दम पर अपनी पहचान कायम कर रही है तथा सामाजिक, राजनीतिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनकर नारी उत्थान की नई दास्तां लिख रही है। आइए, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम सभी महिलाओं की गरिमा को बनाये रखने तथा सभी क्षेत्रों में नारी शक्ति की समान भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लें।देश-प्रदेश की समस्त मातृशक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।



महिला सशक्तीकरण संगोष्ठी में जीकेसी महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती रितु खरे, कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष श्रीमती श्रुति सिन्हा, श्रीमती निष्का रंजन मुख्य वित्तीय पदाधिकारी, श्रीमती शिवानी गौड़ कला-संस्कृति प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय सचिव ,श्रीमती  सुबाला वर्मा राष्ट्रीय सचिव, डा. पूनम कर्ण अध्यक्ष नेपाल, रचना सक्सेना राष्ट्रीय सचिव महिला प्रकोष्ठ, डा. नम्रता आनंद प्रदेश अध्यक्ष बिहार, श्रीमती रजनी श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा, श्रीमती नूतन सिन्हा प्रदेश अध्यक्ष आसाम, पुष्पाजंली वर्मा अध्यक्ष अमृतसर, मृणालिनी अखौरी अध्यक्ष कला संस्क़ति प्रकोष्ठ झारखंड,मनीषा सिन्हा महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष महाराष्ट्र, मुक्ता माथुर अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ राजस्थान, डा. शालिनी श्रीवास्तव बैरागी कार्यवाहक अध्यक्ष कला-संस्कृति प्रकोष्ठ महाराष्ट्र रश्मि सिन्हा प्रदेश उपाध्यक्ष शिक्षा प्रकोष्ठ बिहार और उत्तर प्रदेश चिकित्सा प्रकोष्ठ की सचिव अलका सक्सेना ने भी अपने विचार व्यक्त किये। मृणालिनी अखौरी ने अपनी स्वरचित कविता सारे जग पर भारी हूँ मैं आज के युग की नारी हूँ मैं जबकि  डा. शालिनी श्रीवास्तव बैरागी ने रहें ना रहे हैं गाकर लोगों का दिल जीत लिया।



महिला संगोष्ठी में शिरकत करने वाली महिला शक्तियों ने कहा कि 08 मार्च का दिन महिलाओं को समर्पित किया जाता है। दुनिया भर में महिलाओं के खिलाफ भेद-भाव को खत्म करने के लिए इस दिन को खास सेलिब्रेट किया जाता है। साथ ही इस दिन को इसलिए भी सेलिब्रेट किया जाता है, जिससे महिलाओं के विकास पर ध्यान दिया जाए, साथ ही उनकी उपलब्धियों पर भी गौर किया जा सकें।इस दिन उन महिलाओं को याद किया जाता है, जिन्होंने उलब्धियां, जज्बे के साथ आगे बढ़ने से लेकर कई ऊच्चाईंयां हासिल की है। नारी सशक्तिकरण के बिना मानवता का विकास अधूरा है। यह जरूरी है कि हम स्वयं को और अपनी शक्तियों को समझें। जब कई कार्य एक समय पर करने की बात आती है तो महिलाओं को कोई नहीं पछाड़ सकता। यह उनकी शक्ति है और हमें इस पर गर्व होना चाहिए।



ग्लोबल वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुये सभी उपस्थित प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।जीकेसी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सभी का धन्यवाद करते हुये कार्यक्रम का समापन किया गया।

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