मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

अगर भाजपा के लोग शराबबंदी कानून हटाना चाहते हैं, तो खुलकर बोलें: डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव

पटना: बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को छपरा जहरीली शराब कांड पर आक्रोश और हंगामे के साथ समाप्त होने पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर भाजपा राज्य में शराबबंदी को खत्म करना चाहती है…

अगर भाजपा के लोग शराबबंदी कानून हटाना चाहते हैं, तो खुलकर बोलें: डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव
अगर भाजपा के लोग शराबबंदी कानून हटाना चाहते हैं, तो खुलकर बोलें: डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव | फ़ोटो: TVL News

पटना: बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को छपरा जहरीली शराब कांड पर आक्रोश और हंगामे के साथ समाप्त होने पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि अगर भाजपा राज्य में शराबबंदी को खत्म करना चाहती है, तो पार्टी को स्पष्ट रूप से कहना चाहिए।


डिप्टी सीएम ने भाजपा के नेतृत्व वाले विपक्ष पर इस विधानसभा सत्र के दौरान जनता की ओर से कोई मुद्दा नहीं उठाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने इस विधानसभा सत्र के दौरान कभी भी जनता की ओर से कोई मुद्दा नहीं उठाया। 


यादव ने कहा, “बीजेपी शासित राज्यों में क्या हो रहा है? इसका उनके पास कोई जवाब नहीं है। अगर वे राज्य में शराबबंदी को खत्म करना चाहते हैं, तो उन्हें यह स्पष्ट रूप से कहना चाहिए ”।


बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा, “आंकड़ों से ये स्पष्ट है कि भाजपा शासित राज्यों में अधिक मृत्यु हुई है, मगर वहां ये लोग खामोश हैं। ये लोग आज जगे हैं क्या, 4 महीने पहले कहां थे। अगर ये लोग शराबबंदी कानून को हटाना चाहते हैं तो खुल कर बोले”। 



तेजस्वी यादव 2016 में लागू हुए बिहार के शराबबंदी कानून का जिक्र कर रहे थे और कहा कि पूरे राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था.


बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज 19 दिसंबर को संपन्न हुआ। विपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली 'महागठबंधन' सरकार को सारण जहरीली शराब त्रासदी को लेकर घेरना जारी रखा, जिसने अब तक 70 से अधिक लोगों की जान ले ली है।


बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और केंद्रीय मंत्री आरके सिंह सहित कई भाजपा नेताओं ने सरकार पर नकली शराब से होने वाली मौतों की वास्तविक संख्या को छिपाने का आरोप लगाया।


भाजपा विधायकों ने बिहार सरकार की शराबबंदी नीति के खिलाफ बिहार विधानसभा के बाहर पोस्टर दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।पोस्टर पर सरकार पस्त, अपराधी मस्त जैसे कई नारे लिखे हुए थे। 


विधानसभा में नीतीश कुमार राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगाने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव करते रहे। उन्होंने कहा था, "राज्य की शराबबंदी नीति से कई लोगों को फायदा हुआ है और बड़ी संख्या में लोगों ने उनके उपायों के कारण शराब पीना छोड़ दिया है।"


नीतीश कुमार की सारण जहरीली त्रासदी में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने से इनकार करने पर भाजपा द्वारा आलोचना की गई। 


गौरतलब है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने मुआवजे के मुद्दे पर अपना रुख अख्तियार करते हुए कहा था कि जो लोग शराब पीते हैं, वे किसी मुआवजे के लायक नहीं हैं| नीतीश कुमार ने विधानसभा में इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा था, "पीने के बाद मरने वाले लोगों को कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा।"



 बता दें, सारण के छपरा में जहरीली शराब के सेवन से मरने वालों की संख्या 70 से अधिक हो गई है। जहरीली शराब पीने से सबसे अधिक मौत छपरा के मशरक इलाके में हुई है। मृतकों में शराब सप्लायर रामजी साह भी शामिल है| 


Chhapra Hooch Tragedy: अब तक SIT ने 9 लोगों को किया गिरफ्तार, 17 लोगों से की जा रही पूछताछ 


छपरा जहरीली मामले में अब तक SIT ने 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और 17 लोगों से पूछताछ की जा रही है| बिहार पुलिस ने सोमवार 19 दिसंबर को यह जानकारी दी है|





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 19 दिसंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 25 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।