मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट मामला: ISIS के संपर्क में था आरोपी शारिक, पुलिस ने 7 ठिकानों पर की छापेमारी, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री मिले
मंगलुरु: मंगलुरु ऑटोरिक्शा विस्फोट: कर्नाटक के मेंगलुरु में हुए ऑटो रिक्शा विस्फोट मामले का आरोपी आतंकी संगठन ISIS हैंडलर के संपर्क में था| ऑटो रिक्शा विस्फोट मामले के आरोपी की पहचान शारिक के रूप में हुई है| इससे पहले भी आरोपी को गैरकानूनी गतिविधियों संबंधी कानून UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया था। तब कोर्ट से उसे जमानत मिल गई थी। एक और आतंकी वारदात के मामले में पुलिस उसे तलाश रही थी। शनिवार, 19 नवंबर, 2022 को हुए ऑटो ब्लास्ट में आरोपी शारिक घायल हुआ है। उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। आरोपी शारिक के घरवाले उससे मिलने अस्पताल भी पहुंचे। घटना में ऑटो ड्राइवर भी झुलस गया था|
कर्नाटक पुलिस ने कहा,''आरोपी यात्री के पास एक बैग था जिसमें कुकर बम था। इसमें विस्फोट हो गया, जिससे यात्री के साथ-साथ ऑटो चालक भी झुलस गया। ऑटो चालक पुरुषोत्तम पुजारी है और यात्री की पहचान शारिक के रूप में हुई है| आरोपी के खिलाफ तीन मामले थे - दो मंगलुरु शहर में और एक शिवमोग्गा में। उन पर दो मामलों में यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है और तीसरे मामले में वह वांछित थे। वह लंबे समय से फरार चल रहा था|
बता दें कि,''अब तक की जांच में पता चला है कि बीते दिनों तमिलनाडु के कोयंबटूर में कार में हुए ब्लास्ट से मेंगलुरु में हुए ब्लास्ट की काफी समानता है। कोयंबटूर में सिलेंडर के साथ बम लगाया गया था। जबकि, मेंगलुरु में कुकर में बम बनाया गया था। कोयंबटूर में जो धमाका हुआ था, उसके आरोपी के संबंध श्रीलंका में ईस्टर के मौके पर हुए सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों से होने के सबूत मिले थे। अब कोयंबटूर और मेंगलुरु की घटना को जोड़ते हुए जांच हो रही है। इस मामले में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है।
यात्री (आरोपी) की पहचान शारिक के रूप में हुई है: एडीजीपी
कर्नाटक के एडीजीपी कानून व्यवस्था आलोक कुमार ने सोमवार को कहा कि ,''19 नवंबर की रात करीब 7:40 बजे मेंगलुरु शहर के बाहर एक कम तीव्रता वाला विस्फोट एक ऑटो में हुआ था। घटना में यात्री और चालकों झुलस गए। ऑटो चालक की पहचान पुरुषोत्तम पुजारी और यात्री की पहचान शारिक के रूप में हुई है|
आरोपी के ख़िलाफ़ UAPA समेत तीन मामले दर्ज़
ADGP (कानून व्यवस्था) आलोक कुमार ने कहा कि ,'आरोपी के ख़िलाफ़ तीन मामले दर्ज़ हैं, दो मेंगलुरु शहर में और एक शिवमोग्गा में। आरोपी के ख़िलाफ़ दो मामलों में UAPA के तहत मामला दर्ज़ किया गया है और तीसरे मामले में वह वांछित था। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था|
आरोपी के घर से काफी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माचिस, नट बोल्ट, सर्किट मिले
उन्होंने बताया ,आरोपी के घर की तलाशी ली गई तो काफी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, माचिस, नट बोल्ट, सर्किट मिले। हमें इसके स्रोतों का पता चला है क्योंकि कुछ खरीदारी ऑनलाइन और कुछ अन्य ऑफ़लाइन की गई थीं। हम इस पर काम कर रहे हैं|
ISIS की अल-हिंद शाखा से जुड़ा था शारिक
ADGP ने बताया,''शारिक के तत्काल हैंडलर अराफात अली थे, जो 2 मामलों में आरोपी थे। वह अल-हिंद मॉड्यूल मामले के आरोपी मुस्सविर हुसैन के संपर्क में था; अब्दुल मतीन ताहा आरोपियों में से एक था, हमारी जानकारी के अनुसार वह शारिक का मुख्य हैंडलर है। लेकिन शारिक 2-3 अन्य लोगों के संपर्क में था, जिसकी अभी पहचान नहीं हो पाई है|
पुलिस ने 7 जगहों पर की छापेमारी
उन्होंने बताया ,हमने 5 अलग-अलग टीमें बनाई हैं और वे इस पर काम कर रहे हैं। शिवमोग्गा जिले के तीर्थहल्ली शहर में चार स्थानों और मंगलुरु शहर में एक स्थान पर आज सुबह तलाशी ली गई। कल दो जगहों पर तलाशी ली गई थी। हमने 7 जगहों पर तलाशी ली है और कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं|
अरुण कुमार गवली के नाम से बनवाया था आधार कार्ड , सुरेंद्रन और गदग के नाम से लिया था सिम कार्ड
ADGP ने बताया,'अन्य लिंक भी हैं- कोई सुरेंद्रन जिसके नाम से एक सिम कार्ड उसने (आरोपी) ने लिया था| एक आधार कार्ड अरुण कुमार गवली निवासी संदुर से, एक और सिम कार्ड शारिक ने गदग के एक व्यक्ति के नाम से लिया था। हम इन सभी लोगों से पूछताछ करने जा रहे हैं| उन्होंने बताया ,हम कह सकते हैं कि उसकी हरकतें किसी ऐसे आतंकवादी संगठन से प्रेरित और प्रभावित हैं जिसकी वैश्विक उपस्थिति है। तो, यह उसके कारण है|
आरोपी कोयम्बटूर में एक व्यक्ति से मिला था: स्वास्थ्य मंत्री
मंगलुरु ब्लास्ट मामले में कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने कहा कि ,'कुछ महीने पहले ऐसी ही एक घटना कोयम्बटूर में हुई थी। वहां भी उन्होंने मंदिर के पास विस्फोट करने की योजना बनाई। यह व्यक्ति मोहम्मद शारिक (आरोपी) वहां गया और कोयम्बटूर में एक व्यक्ति से मिला।
हर एंगल और पहलू की की जा रही जांच
पुलिस ने पिछले 2 महीनों में उसकी गतिविधियों का पता लगाया। हर बिंदू की जांच की जा रही है। हम यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या उसका (मोहम्मद शारिक) अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों, प्रतिबंधित संगठनों या स्लीपर सेल से संबंध है, जो उस क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं|
ऑटोरिक्शा विस्फोट का मामला आतंक और हिंसा का कायरतापूर्ण कृत्य
के. सुधाकर ने कहा कि ,'मंगलुरु विस्फोट का मामला आतंक और हिंसा का कायरतापूर्ण कृत्य है। कर्नाटक सरकार सभी कोणों से इसकी जांच कर रही है। इसमें शामिल व्यक्ति ऑटो में यात्रा कर रहा था और नकल कर रहा था कि वह हिंदू है और उसके पास आधार कार्ड है। पुलिस बलों ने उसकी पहचान शिवमोग्गा के मोहम्मद शारिक के रूप में की है|
मंगलुरु में ऑटो रिक्शा में विस्फोट: ड्राइवर समेत 2 झुलसे, यात्री के बैग में आग लगने से हुआ हादसा
शनिवार, 19 नवंबर, 2022 को एक चलते हुए ऑटोरिक्शा में विस्फोट हो गया था। घटना में ऑटो ड्राइवर और एक यात्री झुलस गए। यात्री के बैग में कुछ था जिससे आग लग गई और धमाका हो गया। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज में दिखा है कि ऑटो एक इमारत के पास रुकी जिसके बाद उसमें विस्फोट हो गया।
ADGP ने ऑटो रिक्शा विस्फोट स्थल का किया निरीक्षण, 'एक्ट ऑफ टेरर' का दावा
घटना कांकनाडी इलाके की शाम की है| ऑटोरिक्शा में यात्री बैग लेकर जा रहा था, जिसमें आग लग गई और ये वाहन में फैल गई| घटना में चालक और यात्री झुलसे गए | घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए फोरेंसिक साइंस लैब की टीम को मौके पर भेजा गया था। अब, पुलिस ने पुष्टि की है कि विस्फोट आकस्मिक नहीं था बल्कि गंभीर क्षति पहुंचाने के इरादे से किया गया एक आतंकवादी कार्य था।
मंगलुरु ऑटो रिक्शा विस्फोट मामला: आरोपी शारिक से मिलने अस्पताल पहुंचे परिजन
मंगलुरु ऑटोरिक्शा विस्फोट के आरोपी शारिक का परिवार आज सोमवार सुबह मंगलुरु के फादर मुलर अस्पताल पहुंचा जहां उसे भर्ती कराया गया है। ऑटोरिक्शा विस्फोट मामले में पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार ने कहा,''यदि वे स्थापित करते हैं कि यह वही व्यक्ति है जिस पर हम संदेह कर रहे हैं तो परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी। परिवार के एक पुरुष और तीन महिला सदस्यों ने उनसे मुलाकात की। जांच चल रही है|
