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उत्तर प्रदेश: पशुपालन घोटाला मामले में आरोपी संतोष मिश्रा गिरफ्तार, पढ़ें पूरी कुंडली

  • by: news desk
  • 19 September, 2020
उत्तर प्रदेश: पशुपालन घोटाला मामले में आरोपी संतोष मिश्रा गिरफ्तार, पढ़ें पूरी कुंडली

लखनऊ: उत्तर प्रदेश पशुपालन विभाग में हुए फर्जीवाड़े मामले में एक और आरोपी संतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कथित पशुपालन घोटाले के सिलसिले में संतोष मिश्रा को गिरफ्तार किया| अब तक 11 की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसटीएफ ने बताया कि अब तक 9 को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है| 



आपको बता दें कि इंदौर के व्यापारी मंजीत सिंह भाटिया ने इस फर्जीवाड़े के जरिये नौ करोड़ 72 लाख रुपये हड़पने की एफआईआर इसी साल 13 जून को हजरतगंज कोतवाली में दर्ज करायी थी। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद इस पूरे मामले की जांच एसटीएफ ने की थी। जांच में आरोप सही मिलने पर एफआईआर के आदेश हुए थे।



पशुपालन घोटाला मामले में संतोष मिश्रा गिरफ्तारी की पर UP एसटीएफ ने बताया कि वांछित अभियुक्त जो पूर्व में 'न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया' चैनल का यूपी हेड था,'गिरफ्तारी से बचता रहा जो शनिवार को लखनऊ से बाहर कहीं जाने वाला था| मुखबिर की सूचना पर उप निरीक्षक शिवनेत्र सिंह के नेतृत्व में गठित टीम एवं थाना गोमती नगर की पुलिस टीम के साथ मुखबिर के बताए गए स्थान पर पहुंच कर इंतजार करने लगे तभी सामने से आती हुई कार को देखकर मुखबिर ने बताया कि संतोष मिश्रा इसी गाड़ी से जा रहा है| 



एसटीएफ ने बताया कि उस गाड़ी का पीछा कर पुलिया पर रोककर गाड़ी चेकिंग करने पर उसमें से संतोष मिश्रा अपनी पत्नी के साथ कार की पिछली सीट पर बैठा था| गिरफ्तारी का बताकर हिरासत में ले लिया गया है| 




संतोष मिश्रा ने बताया ,''मैं एक पत्रकार हूं.. 20212 सचिवालय में मैं रिपोर्टिंग के लिए आता था| उसी दौरान प्रयागराज निवासी चंद्रशेखर पांडेय से मेरी जान पहचान हो गई थी जिनके माध्यम से आशीष राय मेरा परिचय हुआ|  परिचय के दौरान आशीष राय ने बताया था कि वह AR इंटरमेंट कंपनी चलाता है| आशीष राय महंगी लग्जरी गाड़ियों से गनर लेकर चलता था  जिसे मैं उसके प्रभाव में आ गया था और उसका मेरे घर आना जाना और पैसे का लेनदेन होने लगा था |



आशीष राय ने मुझसे कहा कि मेरे छोटे काम पुलिस और प्रशासन से पढ़ते रहते हैं, आप उनको मैसेज कर दिया करो उसके बदले में मैं आपको पैसा दिया करूंगा| इसी काम में राय अक्सर मुझे नगद पैसा देता था, मेरी बहन की शादी में भी ₹300000 नगद दिया था|  2017 में राय ने मुझे अनिल राय से मिलवाया था|  अनिल राय न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया' के एडिटर थे उनसे सिफारिश करके मुझे 'न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया' चैनल का यूपी हेड बनवाया था| जहां मैंने एक 1 वर्ष काम किया था|



 इसी बीच मेरे आशीष राय व अनिल राय से कुछ अच्छे संबंध हो गए| आशीष राय का सचिवालय के लोगों से काफी प्रांगण संबंध थे जिसके कारण वह वहीं से फर्जी कागज तैयार कर/ धोखाधड़ी कर ठेका दिलाने के नाम पर पैसा लिया करता था| कोई भी मामला हो फसने पर मुझे फोन करता था तो मैं उसे मैनेज कर लेता था| 




संतोष मिश्रा ने बताया 2018 में आशीष राय द्वारा मनीष भाटिया नाम के आदमी से धोखाधड़ी करके ठेका दिलाने के नाम पर नौ करोड़ 72 लाख रुपया ले लिया था, जो मैनेज नहीं हो पा रहा था| तब आशीष राय ने मुझसे कहा कि इसे किसी तरह इस मामले को मैनेज कराओ| मैं उसका पैसा धीरे-धीरे करके लौटा दूंगा| इसके लिए उसने मुझे 10 से 12 रुपए लाख अपने सहयोगी चंदन राय व साले नरेश चतुर्वेदी के माध्यम से दिया था|




मैंने आशीष दिया था आश्वासन दिया था कि पत्रकार होने के कारण मेरी कई अधिकारियों से जान पहचान है| मैं मामले को मैनेज कर दूंगा लॉकडाउन में भी आशीष ने मुझे 1 लाख भेजा था|  




संतोष मिश्रा ने साथ ही यह भी बताया कि,'' इसी तरह की धोखाधड़ी का काम करने वाले गोसाईगंज निवासी हरिओम यादव जिनकी रियल स्टेट गोसाईगंज, लखनऊ में है| हरिओम यादव ने सैकड़ों लोगों से जमीन में पैसा लगाने वह उसका 5% माह की दर से ब्याज देने की बात कह कर करीब ₹29,करोड़ धोखाधड़ी करके हड़प लिया है| जिसको मैनेज करने के लिए हरिओम यादव ने मुझे एक करोड़ 15 लाख रुपए दिए थे, जिसमें से 85 लाख रुपए मेरे आईसीआईसीआई बैंक कपूर्थला अलीगंज लखनऊ के खाते में जमा कराया था| शेष पैसा कई बार में नगद दिया था इस मामले में हरिओम यादव के 7-8 सहयोगी की जेल भी जा चुके हैं|





पशुपालन विभाग के इस फर्जीवाड़े में पशुधन राज्यमंत्री जयप्रताप निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव धीरज कुमार देव, इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकार आशीष राय, अनिल राय, कथित पत्रकार एके राजीव, रूपक राय और उमाशंकर को 14 जून को गिरफ्तार किया गया था। इन लोगों के खिलाफ इंदौर के व्यापारी मंजीत भाटिया ने शासन में शिकायत की थी।



इसके सात दिन बाद उनके मददगार रहे सचिन वर्मा और त्रिपुरेश पाण्डेय फिर होमगार्ड रघुबीर को भी गिरफ्तार कर लिया था। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव ने इन सभी के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। 




पुलिस को उनके खिलाफ साक्ष्य कई दिन पहले मिल गए थे। पर सचिवालय में तैनात होने की वजह से प्रधान निजी सचिव रजनीश व होमगार्ड रघुबीर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने से पहले अभियोजन की स्वीकृति लेनी थी। इसके लिए शासन को पत्र लिखा था।इस पर सचिवालय से चार्जशीट लगाने की अनुमति मिल गई थी। जल्दी ही पुलिस अब आगे की कार्रवाई करेगी। इस फर्जीवाड़े की जांच में दो डीआईजी अरविन्द सेन और दिनेश चन्द्र दुबे को निलम्बित किया जा चुका है।  









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