नई दिल्ली: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया है कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कोविड दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए और मास्क-सैनिटाइजर का उपयोग लागू किया जाए। मनसुख मंडाविया ने यह पत्र बीजेपी सांसदों की शिकायत पर लिखा है| उन्होंने कहा, “भारत जोड़ो यात्रा” में सिर्फ वैक्सीन ले चुके लोग ही हिस्सा लें और मास्क व सैनेटाइजर का उपयोग किया जाए| साथ ही यात्रा में जुड़ने से पूर्व और बाद में यात्रियों को आइसोलेट किया जाए| अगर यब करना संभव न हो तो देशहित में यात्रा को स्थगित किया जाए|
मनसुख मंडाविया ने पत्र में लिखा, राजस्थान के संसद सदस्य पी. पी. चौधरी, निहाल चंद एवं देवजी पटेल द्वारा लिखे गए दिनांक 20 दिसम्बर, 2022 के पत्र में माननीय संसद सदस्यों ने राजस्थान में चल रही 'भारत जोड़ो यात्रा' से फैल रही कोविड महामारी के संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की है और कोविड से राजस्थान और देश को बचाने के संदर्भ में निम्नलिखित दो महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अनुरोध किया है|
1-राजस्थान में चल रही 'भारत जोड़ो यात्रा में कोविड गाइडलाइंस का सख्ती से पालन हो, मास्क व सेनीटाइजर का उपयोग कराया जाए एवं सिर्फ कोविड के प्रति वैक्सीनेटिड लोग ही इस यात्रा में हिस्सा लें, यह सुनिश्चित किया जाए। यात्रा में जुड़ने के पूर्व एवं पश्चात यात्रियों को आइसोलेट किया जाए ।
2-अगर उपरोक्त कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं हो, तो Public Health Emergency की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एवं कोविड महामारी से देश को बचाने के लिए 'भारत जोड़ो यात्रा' को देशहित में स्थगित करने का अनुरोध है।
आपको बता दें कि, कांग्रेस की “भारत जोड़ो यात्रा” 117वें दिन बुधवार की सुबह को (21 दिसंबर, 2022 को) राजस्थान से हरियाणा में प्रवेश कर गई है| हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, पार्टी के प्रदेश प्रमुख उदय भान सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने यात्रा का राज्य में स्वागत किया| भारत जोड़ो यात्रा पहले पड़ाव में 3 दिन तक हरियाणा में रहेगी। यात्रा अंतिम दिन 23 तारीख को फरीदाबाद मे रुकेगी, जिसके बाद यात्रा दिल्ली में प्रवेश कर जाएगी।
यात्रा की शुरुआत करने से पहले नूंह में जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि देश में दो विचारधाराओं के बीच लड़ाई कोई नई नहीं है और यह हजारों साल से चली आ रही है। यह कोई नई लड़ाई नहीं है, यह मत सोचो कि यह लड़ाई आज की है या 21वीं सदी की है, यह लड़ाई हजारों साल पुरानी है... एक विचारधारा जो कुछ चुनिंदा लोगों को लाभ देती है और दूसरी लोगों, किसानों, गरीब और मजदूरों की आवाज है।
उन्होंने कहा, "यह लड़ाई चलती रहेगी, लेकिन इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी की भूमिका है और हम सभी की भूमिका है। इसलिए हमने यह यात्रा शुरू की है।
राहुल गांधी ने कहा कि आजकल नेताओं और जनता के बीच में खाई बन गई है। नेता सोचते हैं कि जनता की बात सुनने की जरूरत नहीं है और घंटों भाषण देते हैं। हमने इस यात्रा में इसे बदलने की कोशिश की है| यात्रा ने उस खाई को पाटने का काम किया है। यात्रा में शामिल नेता लंबे भाषण नहीं देते, लोगों से मिलते हैं। इस यात्रा ने हिंदुस्तान की राजनीति में काम करने का विजन दिया है।
श्री गांधी ने कहा कि,''हम नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलने निकले हैं। जब भी ये लोग देश में नफरत और हिंसा फैलाने की कोशिश करते हैं, हमारी विचारधारा के लोग बाहर निकलकर देश में मोहब्बत फैलाना शुरू कर देते हैं| उन्होंने कहा,इस देश में मुझसे बड़े करोड़ों तपस्वी हर रोज सुबह उठकर खेतों में काम करते हैं, मजदूरी करते हैं और इन सड़कों पर पूरी जिंदगी चलते हैं|
राहुल गांधी ने कहा, "कोई भी शक्ति इस यात्रा को रोक नहीं सकती है क्योंकि ये यात्रा कांग्रेस की नहीं है बल्कि देश के बेरोजगार युवाओं की, मजदूरों, छोटे दुकानदारों और किसानों की है।"
'नफ़रत के बाजार में, मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूँ'
बता दें कि, 19 दिसंबर, 2022 को राजस्थान के अलवर में रैली को संबोधित करते हुए श्री गांधी ने कहा था कि,'' आप (BJP ) मुझसे नफ़रत करो, आप मुझे गाली दो, ये आपके दिल की बात है। आपका बाजार नफ़रत का, मेरी दुकान मोहब्बत की। मैं सिर्फ अपनी बात नहीं कर रहा हूँ। ये मत सोचिए कि ये सिर्फ राहुल गांधी बोल रहा है। ये पूरा का पूरा जो संगठन है, जिसने इस देश की आजादी की लड़ाई लड़ी, हम कौन होते हैं, महात्मा गांधी जैसे लोग, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, अंबेडकर जी, आज़ाद, इन सबने नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोली थी, यही हम करते हैं। तो ये है मेरा जवाब, बीजेपी के सब लोगों को । आइए, आप भी नफ़रत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलना शुरू कीजिए। अंत में आपको करना पड़ेगा, क्योंकि हमारा धर्म, हमारा देश, मोहब्बत का देश है, नफ़रत का नहीं है।
भाजपा नेताओं के बच्चें 'इंग्लिश मीडियम स्कूल' में जाते है, बात करते हैं अंग्रेजी के खिलाफ़
श्री गांधी ने कहा था कि,''हमारे विपक्ष के नेता जो हैं, बीजेपी के नेता हैं, जहाँ भी जाते हैं, अंग्रेजी के खिलाफ़ बात करते हैं। स्कूलों में अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए। बंगाली होनी चाहिए, हिंदी होनी चाहिए, मगर अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए। कभी आप एक काम कीजिए। ये जो नेता कहते हैं, अंग्रेजी नहीं होनी चाहिए, उनके पास जाइए, उनसे पूछिए कि भईया, आप यह बात तो अच्छी कर रहे हो, मगर आपका बेटा कौन स्कूल में जाता है? क्या इंग्लिश मीडियम में जाता है, हाँ या न ? (जनता ने कहा- हाँ हाँ। इनके सारे के सारे बच्चे अमित शाह जी से लेकर इनके (BJP के) सब चीफ मिनिस्टर्स के बच्चे, सब MPs के बच्चे, सब MLAs के बच्चे, सारे के सारे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में जाते हैं और भाषण देते हैं कि भईया, अंग्रेजी किसी को नहीं बोलनी चाहिए। ये नहीं चाहते हैं कि हिंदुस्तान का गरीब, किसान का बेटा, मजदूर का बेटा, अंग्रेजी सीखे।
ये (BJP) नहीं चाहते हैं कि देश के गरीब का बच्चा अंग्रेजी सीखे
इसका कारण है, क्योंकि वो (BJP) चाहते हैं कि आप बड़े सपने न देखो। आप खेत में से न निकलो। आप मजदूरी से बाहर न निकलो। इसीलिए ये आपसे कहते हैं, अंग्रेजी मत पढ़ो। मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि हिंदी नहीं पढ़नी चाहिए, जरूर पढ़नी चाहिए। तमिल पढ़नी चाहिए, हिंदी पढ़नी चाहिए, मराठी पढ़नी चाहिए, हिंदुस्तान की सब भाषाएं पढ़नी चाहिए, मगर अगर आप बाकी दुनिया से बात करना चाहते हो, चाहे वो अमेरिका के लोग हों, जापान के लोग हों, इंग्लैंड के लोग हों, तो वहाँ हिंदी काम नहीं आ पाएगी। वहाँ अंग्रेजी ही काम आएगी|
हिंदुस्तान के किसान का बेटा अमेरिका जाकर उनको उन्हीं की भाषा में हराए
हम चाहते हैं कि हिंदुस्तान के गरीब से गरीब किसान का बेटा, एक दिन जाकर अमेरिका के युवाओं से कॉम्पटीशन करे और उनको उन्हीं की भाषा में हराए। ये हमारा दृष्टिकोण है, इसलिए यहाँ पर मुझे बहुत खुशी हुई है कि राजस्थान में 1,700 इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए गए हैं और 10,000 अंग्रेजी के टीचर रिक्रूट किए गए हैं। राजस्थान के हर बच्चे को इंग्लिश की अपॉर्चुनिटी मिलनी चाहिए। हर बच्चे को लगना चाहिए कि मैं हिंदी सीख सकता हूँ, मैं अपनी मातृभाषा सीख सकता हूँ, मगर मैं पूरी दुनिया के साथ कम्युनिकेट कर सकता हूँ, मैं पूरी दुनिया के साथ बातचीत कर सकता हूँ। अगर मुझे जरूरत पड़ी तो अमेरिका में जाकर मैं हिंदुस्तान का झंडा फहराऊँगा।