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25 सितंबर को कृषि विधेयकों के विरोध में पूरे पंजाब में 'चक्का जाम' करेगी NDA की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल

  • by: news desk
  • 22 September, 2020
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25 सितंबर को कृषि विधेयकों के विरोध में पूरे पंजाब में 'चक्का जाम' करेगी NDA की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल

नई दिल्ली:कृषि से जुड़े विधेयकों के खिलाफ NDA में बीजेपी के सबसे पुरानी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है| राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए कृषि विधेयकों के विरोध में मंगलवार को ऐलान किया कि पार्टी पूरे पंजाब में 25 सितंबर को तीन घंटे तक 'चक्का जाम' रखेगी|




इससे पहले कल यानी सोमवार को शिरोमणि अकाली दल  के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से कृषि विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने का आग्रह किया था| सोमवार को कृषि से जुड़े विधेयकों के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द से मिलकर विधेयकों पर हस्ताक्षर न करने की अपील की थी।




मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था|,''आज शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधि-मंडल ने राष्ट्रपति जी से मुलाकात की, उन्हें प्रार्थना की है कि जो 3 बिल जबरदस्ती राज्यसभा में पास किए गए हैं, उनपर हस्ताक्षर न करें। ये बिल देश के किसानों के खिलाफ हैं| बादल ने आगे कहा कि अन्नदाता या किसानों को भूखा न रहने दें और न ही सड़कों पर न सोने दें| उन्होंने कहा कि दोनों विधेयकों का पारित होना देश के लाखों लोगों के लिए और लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन है| उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का अर्थ है आम सहमति, न कि बहुसंख्यक उत्पीड़न|




गेहूं की MSP में 50 रुपये/क्विंटल की वृद्धि पर शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा,'' यह नाममात्र की वृद्धि

 डीजल सहित इनपुट की बढ़ी हुई लागत को भी कवर नहीं करेगी। भारत सरकार द्वारा घोषित गेहूं के एमएसपी में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि पूरी तरह से अपर्याप्त है| बता दें कि, केंद्र सरकार ने सोमवार को रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया है।सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 50 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 1,975 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। 





सुखबीर सिंह बादल ने कहा भारत सरकार द्वारा गेहूं के एमएसपी में 50 रुपये की मामूली वृद्धि उन किसानों को भारी निराशा है जो पहले से ही अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिलने के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं| भारत सरकार द्वारा घोषित गेहूं के एमएसपी में 50 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि पूरी तरह से अपर्याप्त है और यह उन किसानों को भारी निराशा के रूप में है जो पहले से ही अपनी उपज की कीमतों के लिए बहुत ही कम कीमतों से जूझ रहे हैं। यह वृद्धि डीजल सहित इनपुट की बढ़ी हुई लागत को भी कवर नहीं करेगी।






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