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राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा-सेना में स्थायी कमीशन पर केंद्र का बयान महिलाओं का अपमान

  • by: news desk
  • 17 February, 2020
 राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा-सेना में स्थायी कमीशन पर केंद्र का बयान महिलाओं का अपमान

नई दिल्ली: भारतीय सेना में महिला अधिकारों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है| सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन दिए जाने को मंजूरी दे दी। सुप्रीम कोर्ट के सेना में महिलाओं को स्थाई कमीशन के फैसले पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना साथ ही उन्होने महिलाओं को बधाई दी|




कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि केंद्र सरकार का सुप्रीम कोर्ट में तर्क हर भारतीय महिला का अपमान करने वाला है| उन्होने कहा कि, केंद्र सरकार ने SC में यह तर्क देकर प्रत्येक भारतीय महिला का अपमान किया कि महिला सेना के अधिकारी कमांड पोस्ट या स्थायी सेवा के लायक नहीं थे| मैं भारतीय महिलाओं को आवाज उठाने और बीजेपी सरकार को गलत ठहराने के लिए बधाई देता हूं




राहुल गांधी ने ट्वीट किया, सरकार ने SC में यह तर्क देकर प्रत्येक भारतीय महिला का अपमान किया कि महिला सेना के अधिकारी कमांड पोस्ट या स्थायी सेवा के लायक नहीं थे क्योंकि वे पुरुषों से कमजोर थीं। उन्होने आगे लिखा, मैं भारत की महिलाओं को खड़े होने और भाजपा सरकार को गलत साबित करने के लिए बधाई देता हूं।




बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट ने सेना में महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने के लिए 2010 में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की|  सभी महिला अधिकारियों पर परमानेंट कमीशन लागू करने का फैसला इसी मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट के साल 2010 के फैसले को चुनौती देने वाली केंद्र की अपील पर सुनवाई करते हुए आया है| जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र की उस दलील को नकार दिया, जिसमें उसने महिला अधिकारियों की ‘शारीरिक क्षमता’ और सामाजिक मान्यताओं का हवाला दिया था| बेंच ने केंद्र से कहा कि सैन्य बलों में लैंगिक भेदभाव खत्म करने के लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है| कोर्ट ने केंद्र को 3 महीने के अंदर सेना की सभी महिला अधिकारियों को परमानेंट कमीशन देने का निर्देश दिया है




कोर्ट ने लगाई केंद्र को फटकार



कोर्ट ने कहा कि शारीरिक क्षमता को लेकर केंद्र की दलील गलत धारणा पर आधारित है और उनको (महिलाओं को) समान मौके से रोकने का कोई संवैधानिक आधार नहीं है|  बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया है कि महिलाओं को कमजोर समझना एक गलत धारणा है. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सेना में महिला अधिकारी कमांड पोस्टिंग के लिए भी एलिजिबल होंगी|  कोर्ट ने कहा है कि महिला अधिकारियों को कमांड पोस्ट देने पर पूरी तरह रोक तर्कहीन और समानता के अधिकार के खिलाफ है| जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस अजय रस्तोगी ने अपने फैसले में कहा, ''महिलाओं की शारीरिक रूपरेखा का उनके अधिकारों से कोई लेना-देना नहीं है| मानसिकता को बदलने की जरूरत है|





जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘‘महिला अधिकारियों की नौकरियों को लेकर केंद्र सरकार के नीतिगत फैसले बहुत ही अनोखे रहे हैं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद केंद्र को महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन देना चाहिए था। महिलाओं को परमानेंट कमीशन न देना केंद्र पूर्वाग्रह ही दिखाता है।’’ अभी सिर्फ 14 साल तक शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) में सेवा दे चुके पुरुष सैनिकों को ही स्थायी कमीशन का विकल्प दिया जाता है। 




फैसला सुनाते हुए न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, "सेना में महिला एक विकासवादी प्रक्रिया है।"सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा, - किसी की भूमिका निभाने के लिए सैनिकों को शारीरिक रूप से सक्षम होनी चाहिए। केंद्र ने शारीरिक क्षमता और सामाजिक मान्यताओं को आधार बनाकर कहा था कि महिलाओं को बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जा सकती। इस तर्क को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।’




न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ का यह भी कहना है - जहां तक महिला अधिकारियों के रोजगार का संबंध है, केंद्र सरकार के नीतिगत निर्णय बहुत ही अनोखे हैं। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद केंद्र को महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देना चाहिए।





SC का कहना है कि महिला अधिकारियों को एक अवसर से वंचित करने के लिए शारीरिक सीमाओं और सामाजिक मानदंडों के मुद्दे के बारे में केंद्र की सामग्री परेशान है और इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा - केंद्र ने महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन न देकर मामले को पूर्वाग्रहित कर दिया था।कोर्ट ने कहा 'सेना में सभी महिला अधिकारियों की सेवा में स्थाई कमीशन लागू होगा, चाहे उन्हें सेवा में कितने भी साल हुए हो' | 







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