नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को केंद्र सरकार को जमकर घेरा। राहुल गांधी ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि देश चलाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच संवाद जरूरी है। भारत कोई साम्राज्य नहीं है और राज्यों को दबाया नहीं जा सकता। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में भाग लेते हुए राहुल गांधी ने ये बातें कहीं। लोकसभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि,''दो हिन्दुस्तान बन रहे हैं, एक अमीरों का हिन्दुस्तान और दूसरा गरीबों का हिन्दुस्तान, इन दो हिन्दुस्तानों के बीच में खाई बढ़ती जा रही है। गरीब हिन्दुस्तान के पास आज रोजगार नहीं है। 2021 में 3 करोड़ युवाओं ने रोजगार खोया है, 50 साल से सबसे ज़्यादा बेरोजगारी आज हिन्दुस्तान में है। आपने मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया की बात की लेकिन जो रोजगार हमारे युवाओं को मिलना चाहिए वो नहीं मिला और जो था वो गायब हो गया|
राहुल गांधी ने कहा कि,हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था में 'AA' वैरिएंट फैल रहा है| एक व्यक्ति को हिंदुस्तान के सब पोर्ट्स, एयरपोर्ट, पॉवर ट्रांसमिशन, माइनिंग, ग्रीन एनर्जी, खाद्य तेल- मतलब हर जगह अडानी जी दिखाई देते हैं | दूसरी तरफ अम्बानी पेट्रोकेमिकल, टेलीकॉम, रिटेल, ई-कॉमर्स में एकाधिकार। मतलब सारा धन चुनिंदा हाथों में जा रहा है|
आपने MSMEs को खत्म कर दिया। अगर आप उनकी मदद करते, तो विनिर्माण क्षेत्र तैयार हो सकता था। मगर आपने तो उनको खत्म कर दिया| 'Make In India' वाले हैं कौन? वो MSMEs वाले हैं। उनको आपने खत्म कर दिया। अब 'Made In India' नहीं होने वाला| पिछले 5 साल में विनिर्माण जॉब 46% कम हुए हैं। क्योंकि आपने असंगठित क्षेत्र और MSMEs को खत्म कर दिया |
राहुल गांधी के भाषण से जुड़ी बड़ी बातें
-राहुल गांधी ने कहा कि, कहा कि कुछ दिन पहले किसी राजनीतिक दल के नेता मणिपुर से आए थे, वे काफी गुस्से में थे। मैंने वजह पूछी तो उन्होंने कहा इतनी बेइज्जती कभी नहीं हुई। दरअसल, मणिपुर के कई नेता कुछ दिन पहले गृह मंत्री के घर गए थे। वहां उनसे जूते उतरवाए गए, लेकिन गृह मंत्री चप्पल पहनकर घूम रहे थे। उन्होंने मुझे इसकी तस्वीर दिखाई। आखिर ऐसा भेदभाव क्यों?
-आप तीन हजार साल का इतिहास उठा कर देख लीजिए। आप मौर्य वंश को देख लीजिए, अशोक को देख लीजिए। किसी ने भी बिना बातचीत और समझौते के शासन नहीं किया। देश में हर राज्य के लोगों की अपनी भाषा है अपनी संस्कृति है। यह विविधताओं का गुलदस्ता है। भारत केंद्र की एक छड़ी के सहारे नहीं चल सकता है।
राहुल गांधी ने कहा कि,''दो हिन्दुस्तान बन रहे हैं, एक अमीरों का हिन्दुस्तान और दूसरा गरीबों का हिन्दुस्तान, इन दो हिन्दुस्तानों के बीच में खाई बढ़ती जा रही है। गरीब हिन्दुस्तान के पास आज रोजगार नहीं है। राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी के बारे में एक भी शब्द नहीं था।कोरोना के समय जो सपोर्ट आपको देना था, वह नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि 84% हिन्दुस्तानियों की आमदनी घटी है और वे तेजी से गरीबी की ओर बढ़ रहे हैं। हमने 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला था और 23 करोड़ लोगों को आपने वापस गरीबी में डाल दिया। यह हमारा आंकड़ा नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि,'', 'फॉर्मल सेक्टर में मोनोपोली बन रही है। मैं दो मोनोपोलिस्ट के बारे में बोलूंगा। जैसे कोरोना के समय अलग-अलग वैरिएंट आते हैं, ऐसे ही डबल A वैरिएंट हिंदुस्तानी की पूरी अर्थव्यवस्था में फैल रहे हैं।एक व्यक्ति को हिदुस्तान के सभी पोर्ट। हिंदुस्तान के सब एयरपोर्ट, पावर, ग्रीन एनर्जी, एडीबिल, जो भी हिंदुस्तान में होता है उधर अडाणी जी दिखाई देते हैं। दूसरी तरफ अंबानी जी रिटेल, ई-कॉमर्स, पेट्रोल में दिखाई देते हैं। तो देश का पूरा कारोबार कुछ चुनिंदा लोगों के हाथ में जा रहा है।'
सारे के सारे स्मॉल बिजनेस इंडस्ट्री को आपने खत्म कर दिया। अगर आप उन्हें सपोर्ट देते तो मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तैयार हो सकता है। आप मेक इन इंडिया करते हैं, लेकिन आपने तो असंगठित लोगों को खत्म कर दिया, वही तो मेड इन इंडिया वाले हैं। स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री को सपोर्ट किए बिना मेड इन इंडिया हो ही नहीं सकता। आप मेक इन इंडिया, न्यू इंडिया, स्टार्ट अप बोलते जाते हो और देश में बेरोजगारी फैलती जा रही है। आप ये मत सोचिए कि यह हिंदुस्तान चुप बैठा रहेगा। इस गरीब हिंदुस्तान को यह दिख रहा है कि हिंदुस्तान के 10 लोगों के पास 40 फीसदी जनता से ज्यादा धन है। ये किसने किया? ये नरेंद्र मोदी ने किया। आप जो दो हिंदुस्तान बना रहे हैं, इन हिंदुस्तान को जोड़ने का काम जल्दी से कीजिए।
राहुल गांधी ने कहा, 'मैं अपने देश को लेकर बहुत चिंतित हूं। आज भारत दुनिया से अलग थलग हो चुका है और चारों तरफ से घिर चुका है। आप इस देश और इसके लोगों को भारी जोखिम में डाल रहे हैं। डोकलाम और लद्दाख को लेकर चीन की योजना काफी स्पष्ट है जबकि भारत की विदेश नीति में काफी गलतियां हैं। चीन आज भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
अगर आप भारत के संविधान को पढ़ें तो पाएंगे कि भारत को राज्यों के संघ के तौर पर बताया गया है। इसका मतलब है कि तमिलनाडु के लोगों को उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए, जितनी यूपी और अन्य राज्यों को मिलती है। उतनी ही प्राथमिकता मणिपुर, नगालैंड, जम्मू-कश्मीर को भी मिलनी चाहिए। ये गंभीर मुद्दा है और मैं इस पर गंभीर जवाब चाहता हूं। आपकी राजनीति ने देश में नफरत पैदा की है।