Lakhimpur Kheri violence:उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसानों को गाड़ी से रौंदने के मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम ने जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को लिखित दस्तावेज सौंपकर बताया है कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में आरोपी केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों को मारने की सुनियोजित साजिश रची थी| लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रही टीम का कहना है कि यह घटना एक "पूर्व नियोजित साजिश" थी, जिसमें 5 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए|
कांग्रेस ने कहा कि,''लखीमपुर मामले में SIT की जांच में पीएम मोदी के मंत्री पुत्र द्वारा साजिशन हत्या की बात सामने आने के बाद प्रियंका गांधी जी ने एक बार फिर गृह राज्य मंत्री टेनी की बर्खास्तगी की मांग की।
कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' पीएम मोदी जी किसानों को आपकी खोखली बातें नहीं सुननी हैं। प्रधानमंत्री होने के नाते अपनी संवैधानिक एवं नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए लखीमपुर किसान नरसंहार की साज़िश में गृह राज्यमंत्री की भूमिका की जाँच अविलम्ब शुरू करवाइये एवं उन्हें तुरंत बर्खास्त करिए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,'''न्यायालय की फटकार व सत्याग्रह के चलते अब पुलिस का भी कहना है कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिश करके किसानों को कुचला था जांच होनी चाहिए कि इस साजिश में गृहराज्यमंत्री की क्या भूमिका थी? लेकिन Narendra Modi जी किसान विरोधी मानसिकता के चलते आपने तो उन्हें पद से भी नहीं हटाया है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''लखीमपुर किसान नरसंहार के 2 महीने बाद जाँच कर रही एसआईटी का कहना है कि गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे एवं अन्य आरोपियों ने “आपराधिक कृत्य लापरवाही एवं उपेक्षा से नहीं, बल्कि जानबूझकर पूर्व सुनियोजित योजना के अनुसार जान से मारने के नियत से किया था।"
इस मामले में किसानों ने शुरुआत से ही ये बात कही कि गृह राज्यमंत्री के बेटे ने साजिश करके इस घटना को अंजाम दिया था। माननीय उच्चतम न्यायालय ने भी घटना की “निष्पक्ष और गहन जाँच” सुनिश्चित कराने को लेकर चिंता जाहिर की थी एवं जाँच की “धीमी गति एवं जाँच के तरीके" पर अप्रसन्नता व्यक्त की थी।
एसआईटी ने माना लखीमपुर किसान नरसंहार "सुनियोजित योजना से किया गया। फिर गृह राज्यमंत्री को प्रधानमंत्री और गृहमंत्री क्यों बचा रहे हैं?
प्रियंका गांधी ने कहा कि,'पीडित परिवार और हम सत्याग्रह कर रहे लोग पहले दिन से माँग कर रहे हैं कि गृह राज्यमंत्री की बर्खास्तगी हो। क्योंकि घटनास्थल पर मौजूद लोगों एवं पीड़ित परिवारों का साफ़-साफ़ कहना था कि पूरी साज़िश करके हिंसा की गई और किसानों को कुचला गया। हालाँकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह जी एवं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने अपनी किसान विरोधी मानसिकता का खुला प्रदर्शन करते हुए गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के साथ मंच शेयर किया एवं उनको सरंक्षण दिया। वे अभी तक अपने पद पर बने हुए हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि इन्हीं अजय मिश्रा टेनी ने हत्याकांड से कुछ दिन पहले किसानों को मंच से धमकी देते हुए सबक सिखाने की बात कही थी।
गह राज्यमंत्री को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर लखीमपर किसान नरसंहार में उनकी भमिका की जाँच हो
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''अगर एसआईटी खुद भी कह रही है कि, “आपराधिक कृत्य को जानबूझकर पूर्व सुनियोजित योजना के अनुसार जान से मारने के नियत से किया गया था", तब ये जाँच होनी चाहिए कि इस साजिश में गृह राज्यमंत्री की क्या भूमिका थी? यह भी जाँचयोग्य विषय है कि मोदी जी की सरकार एवं योगी आदित्यनाथ जी की सरकार ने अबतक गृह राज्यमंत्री को संरक्षण क्यों दिया और इस दिशा में जाँच क्यों नहीं की? मोदी जी किसानों को आपकी खोखली बातें नहीं सुननी हैं। प्रधानमंत्री होने के नाते उनके प्रति आपकी संवैधानिक और नैतिक जिम्मेदारी है कि आप उन्हें न्याय दिलवाएँ। लखीमपुर किसान नरसंहार की साजिश में गृह राज्यमंत्री की भूमिका की जाँच अविलम्ब शुरू करवाइये एवं उन्हें तुरंत बर्खास्त करिए।