नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा,“भारत जोड़ो यात्रा के दौरान हजारों किसान, युवा, छात्र और आदिवासी मिले। उन्होंने बेरोज़गारी का मुद्दा उठाया, महंगाई पर बात की, किसानों की समस्याओं को उठाया और अग्निवीर योजना पर अपनी चिंता ज़ाहिर की। लेकिन यहां राष्ट्रपति जी के अभिभाषण में बेरोज़गारी का ज़िक्र तक नहीं था। अग्निवीर योजना का नाम भी बस एक बार लिया गया। मतलब साफ़ है, जनता कुछ और कहती है और राष्ट्रपति का अभिभाषण कुछ और।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ,“कश्मीर से कन्याकुमारी तक जो नाम बार बार सुना, वो था अडानी। हर कोई जानना चाहता था कि साल 2014 में 609वीं रैंक के अडानी सिर्फ आठ साल में दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति कैसे बने। सभी तरह के व्यापार में हाथ लगाया, और सारे व्यवसाय में सफ़ल भी होते गए। देश के हर बेरोज़गार युवा और छोटे व्यापारी को यह जादू की तरह लग रहा है, जो सिर्फ अडानी पर काम कर रहा है, उन पर नहीं।
श्री गांधी ने कहा, “ अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी नियम बदले जा रहे हैं, जनता का पैसा लुटाया जा रहा है। पोर्ट, एयरपोर्ट, ऊर्जा, कोयला या रक्षा क्षेत्र हो, हर जगह अडानी ही हावी है। ऊपर से भारत सरकार सीबीआई-ईडी का दबाव डालकर अडानी की मदद कर रही है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि ,“प्रधानमंत्री मोदी विदेश दौरे पर जिस देश जाते हैं वहां से अडानी की कंपनी को ठेका मिल रहा है। सरकार इस बात का जवाब क्यों नहीं दे रही? आखिर हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री का अडानी जी के साथ क्या रिश्ता है?
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ,“प्रधानमंत्री जी ने हिंदुस्तान की फॉरेन पॉलिसी को अडानी जी को बिजनेस दिलाने की पॉलिसी बना दिया है|राहुल गांधी ने कहा कि , “जून 2022 में, श्रीलंका इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन एम.एम.सी. फर्डिनैन्डो ने श्रीलंका में एक संसदीय समिति को खुली बैठक में बताया कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर 'पवन ऊर्जा परियोजना' सीधे गौतम अडानी को देने का दबाव डाला था।
श्रीलंका इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन कहते हैं कि राजपक्षे जी ने कहा कि हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री ने उनको कहा है कि ये विंड पॉवर का प्रोजेक्ट है ये अडानी जी को देना है तो ये रही आपकी फोरन पॉलिसी, ये हिन्दुस्तान की फोरन पॉलिसी नहीं है, ये अडानी जी की फोरन पॉलिसी है, उनके बिजनेसज़ की फोन पॉलिसी है।
अडानी जी का डिफेंस में इंटरेस्ट देखिए, एलबीट (Elbit) कंपनी के साथ हिंदुस्तान में अडानी जी ड्रोन बनाते हैं। ड्रोन को हिंदुस्तान की एयरफोर्स, आर्मी, नेवी के लिए रिफिट करते हैं। अडानी जी ने ये काम कभी नहीं किया है, पहले। एचएएल ये काम करती हैं, हिंदुस्तान में और भी कंपनी हैं, जो ये काम करती हैं। ड्रोन्स को हिन्दुस्तान की एअरफोर्स, आर्मी, नेवी के लिए रिफिट करते हैं, अडानी जी ने ये काम कभी नहीं किया है पहले, एचएएल ये काम करती है, हिन्दुस्तान में और भी कंपनियां हैं जो ये काम करती हैं, मगर प्रधानमंत्री जी इजराईल जाते हैं और उसके एकदम बाद अडानी जी को ये कॉन्ट्रेक्ट मिल जाता है। मगर एक नहीं मिलता, ये मत सोचिए कि सिर्फ एक कंपनी की बात हो रही है, ये इन्डस्ट्रीज की बात होती है यहां पर जैसे मैंने आपको दिखाया एयरपोर्ट का पूरा सिस्टम उठाकर ले गए, 30 परसेंट मार्केट शेयर एअरपोर्ट में ले गए, वैसे ही डिफेंस में किया।
तो 4 डिफेंस की इनके पास कंपनीज़ हैं, ये काम इन्होंने कभी नहीं किया, स्मॉल आर्म्स जिसमें टैवोर है, जो हमारी स्पेशल फोर्सज़ यूज करती हैं, आर्मी यूज करती है, जिसमें गलिल्स स्नाइपर राइफल्स है, ये सब अडानी जी बनाते हैं, सीधा स्ट्रेट । इजराइल में प्रधानमंत्री जाते हैं, प्रधानमंत्री के साथ वहां पर बीच में पैदल चलते हैं और फिर जादू से पीछे से इंडिया का फर्स्ट कॉम्प्रेहेंसिव एमआरओ मिल जाता है, जहाजों के मेंटेनेंस के लिए, स्मॉल आर्मस का बिजनेस मिल जाता है, इजराइली ड्रोनज़ हैं, उसका बिजनेस मिल जाता है, मतलब जो हिन्दुस्तान और इजराईल का डिफेंस का रिश्ता है वो पूरा का पूरा अडानी जी के हाथ में चला जाता है, उसमें पेगासस भी है तो पता नहीं वहां से पेगासस कैसे आया, क्या हुआ, किसने दिया|
एक कंपनी है, एल्फा डिफेंस, जो डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स का काम करती है, एबियोनिक्स का काम करती है, बहुत स्ट्रेटिजिक कंपनी है, वो भी अडानी जी के हवाले कर दी गई, अडानी जी ने एक्वायर कर लिया। तो आपने देखा कि एयरपोर्ट का बिजनेस 30 परसेंट मार्केट शेयर है। हिन्दुस्तान और इजराईल का जो वैपन्स का बिजनेस है 90 परसेंट उठाकर ले गए। एक विजिट - एक विजिट, ये है फोरन पॉलिसी !
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि ,“अब मैंने आपको इजराईल की बात बताई, अब ऑस्ट्रेलिया चलते हैं, । प्रधानमंत्री जी ऑस्ट्रेलिया जाते हैं और जादू से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वन बिलियन डॉलर लोन अडानी जी को, उसके बाद मैं उदाहरण दे रहा हूं। पूरी दुनिया में मोदी जी जाते हैं, घूमते हैं तो मैं बता देता हूं क्या होता है वहां पर ? ( टिकी- टिप्पणी के बीच में कहा) हाँ-हाँ काम पर ही जा रहे हैं, वही तो बोल रहा हूं काम पर जा रहे हैं।
बांग्लादेश जाते हैं, मोदी जी की पहली ट्रिप होती है बांग्लादेश में, वहां पर बांग्लादेश को इलेक्ट्रिसिटी बेचने का डिसीजन लिया जाता है, कुछ ही दिन बाद बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड 25 साल का कॉन्ट्रेक्ट अडानी जी के साथ साइन कर देता है, 1,500 मेगावाट इलेक्ट्रिसिटी का कॉन्ट्रेक्ट अडानी जी को ।
राहुल गांधी ने कहा कि ,“ अब श्रीलंका चलते हैं। जून 2022, श्रीलंका इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के चेयरमैन एम.एम.सी. फर्डिनैन्डो ने श्रीलंका में एक संसदीय समिति को खुली बैठक में बताया कि उन्हें पूर्व राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन पर Wind Power Project सीधे गौतम अडानी को देने का दबाव डाला था। तो ये रही आपकी फोरन पॉलिसी, ये हिन्दुस्तान की फोरन पॉलिसी नहीं है, ये अडानी जी की फोरन पॉलिसी है, उनके बिजनेसज़ की फोन पॉलिसी है।