मुंबई: Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में जारी सियासी उठापटक के बीच शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है| 16 बागी विधायकों के खिलाफ जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ एकनाथ शिंदे की याचिका पर सुनवाई करते हुए आज सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना के बागी विधायकों को अंतरिम राहत दी है|
कोर्ट ने अयोग्यता नोटिस का जवाब देने के लिए दिया 14 दिन का वक्त दिया है| शिवसेना के बागी विधायकों को अंतरिम राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा-,'' उनकी अयोग्यता पर 11 जुलाई शाम 5.30 बजे तक कोई फैसला नहीं होगा| कोर्ट अब इस मामले में 11 जुलाई को सुनवाई करेगा|
अयोग्यता नोटिस के खिलाफ एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले 16 बागी विधायकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र विधानसभा के डिप्टी स्पीकर, अन्य को नोटिस जारी किया | विधानसभा सचिव को भी नोटिस जारी किया गया है| पांच दिन में नोटिस का जवाब देने को कहा गया है|
कल यानी रविवार, 26 जून, 2022 को बागी शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे ने डिप्टी स्पीकर द्वारा महाराष्ट्र के बागी विधायकों के खिलाफ जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। याचिका में शिंदे के स्थान पर अजय चौधरी को सदन में शिवसेना के विधायक नेता के रूप में नियुक्त करने को भी चुनौती दी गई थी।
आज यानी सोमवार को SC ने इस याचिका पर कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया और कहा कि 11 जुलाई तक महाराष्ट्र विधानसभा में कोई फ्लोर टेस्ट नहीं होना चाहिए| कोर्ट ने कहा,''हम फ्लोर टेस्ट पर आदेश पारित नहीं कर सकते क्योंकि इससे अनावश्यक जटिलताएं पैदा होंगी|
एससी ने फ्लोर टेस्ट पर अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार करते हुए कहा,''अगर कुछ भी अवैध होता है, तो आप हमेशा इस अदालत का रुख कर सकते हैं|
सुनवाई के दौरान शिंदे के वकील से SC ने पूछा कि,' डिप्टी स्पीकर द्वारा जारी अयोग्यता नोटिस के खिलाफ शिवसेना के बागी विधायकों ने बॉम्बे HC का रुख क्यों नहीं किया? सुप्रीम कोर्ट क्यों आए ?... जवाब में शिंदे के वकील ने कहा- मामला गंभीर है इसलिए सुप्रीम कोर्ट आए| शिंदे के वकील ने SC में कहा,'' घरों और दफ्तर पर हमले हो रहे हैं, विधायकों को धमकियां मिल रही हैं | SC ने कहा- डिप्टी स्पीकर के सामने बात क्यों नहीं रख रहे?
SC ने महाराष्ट्र सरकार से शिवसेना के 39 बागी विधायकों और उनके परिवार के सदस्यों के जीवन, स्वतंत्रता और संपत्ति की रक्षा करने को कहा|महाराष्ट्र के वकील ने SC को बताया,'' शिवसेना के बागी विधायकों के जान-माल की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं| SC ने महाराष्ट्र के वकील का बयान दर्ज किया कि, शिवसेना के बागी विधायकों की life and property रक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं|
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर से बागी विधायकों द्वारा उन्हें दिए गए अविश्वास नोटिस के हलफनामे रिकॉर्ड पर रखने को कहा| सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर सहित सभी पक्षों को नोटिस जारी किया|
सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर, शिवसेना के विधायक नेता अजय चौधरी, सुनील प्रभु व केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है| विधानसभा सचिव को भी नोटिस जारी किया गया है| 11 जुलाई को होगी अगली सुनवाई। तब तक यथास्थिति बहाल रहेगी। 5 दिन में हलफनामा दाखिल करना होगा|