नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने वापस लिए जा चुके कृषि कानूनों पर चौंकाने वाला बयान दिया है। महाराष्ट्र के नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तीनों विवादित कृषि कानूनों को लेकर तोमर ने कहा कि,'' हम एक कदम पीछे जरूर हटे हैं। लेकिन दोबारा आगे बढ़ेंगे। सरकार आगे के बारे में सोच रही है, हम निराश नहीं हैं। तीनों कृषि कानून फिर आएंगे..
कृषि कानूनों को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बयान के बाद सियासत गर्मा गई है| तोमर के ''तीनों कृषि कानून फिर आएंगे'' बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को ट्वीट कर कहा ,''अगर फिर से कृषि विरोधी कदम आगे बढ़ाए तो फिर से अन्नदाता सत्याग्रह होगा, पहले भी अहंकार को हराया था, फिर हरायेंगे|
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा,''देश के कृषि मंत्री ने मोदी जी की माफ़ी का अपमान किया है- ये बेहद निंदनीय है। अगर फिर से कृषि विरोधी कदम आगे बढ़ाए तो फिर से अन्नदाता सत्याग्रह होगा- पहले भी अहंकार को हराया था, फिर हरायेंगे!
एक कदम पीछे हटे हैं, लेकिन आगे फिर बढ़ेंगे: केंद्रीय मंत्री तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कृषि कानून पारित होने और एक साल बाद उसकी वापसी के लंबे घटनाक्रम के बीच कहा कि हम एक कदम पीछे हटे हैं, लेकिन आगे फिर बढ़ेंगे| कृषि क्षेत्र में निजी निवेश का आज भी अभाव है|
19 नवंबर को किया था कानून वापसी का ऐलान
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व पर 19 नवंबर 2021 को अपने संबोधन में तीनों कृषि कानून वापन लेने का ऐलान किया था। संसद में कानून वापस लेने के बाद 1 दिसंबर को राष्ट्रपति ने इस पर अंतिम मुहर लगाई। इसे पंजाब और उत्तर प्रदेश चुनाव से पहले सरकार का बड़ा दांव माना जा रहा है।
एक साल चले आंदोलन में 700 किसानों की जान गई
17 सितंबर 2020 को लागू किए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर देश के इतिहास का सबसे लंबा किसान आंदोलन शुरू हुआ था। पंजाब से सुलगी आंदोलन की चिंगारी पूरे देश में फैल गई थी। हजारों किसानों ने 'दिल्ली चलो' अभियान के हिस्से के रूप में कानून को पूरी तरह से निरस्त करने की मांग की और दिल्ली कूच किया था। पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान समेत देश के अन्य राज्यों के किसानों ने 378 दिन तक दिल्ली की घेराबंदी की हुई थी।