नई दिल्ली: पंजाब चुनाव से पहले देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने पंजाब की जनता के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया है| उन्होंने कहा कि प्यारे पंजाब वासियों, भारत एक अहम मोड़ पर खड़ा है| मेरा बहुत मन था की मैं पंजाब, उत्तराखंड, गोवा, उत्तर प्रदेश और मणिपुर के भाई बहनों के पास जाकर देश के हालातों पर चर्चा करूं| पर वर्तमान हालात में डॉक्टरों की राय मानते हुए मैं आपसे इस वीडियो सन्देश के जरिये बात कर रहा हूं|
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि,''कोरोना के दौरान केंद्र सरकार की ख़राब नीतियों के कारण लोग आर्थिकता, बेरोज़गारी और बढ़ती महंगाई से परेशान हैं। 7.5 साल सरकार चलाने के बाद सरकार अपनी ग़लती मानने और सुधार करने की बजाए पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को ज़िम्मेदार ठहराने पर लगी है|
मनमोहन सिंह ने कहा कि,''इस सरकार का नकली राष्ट्रवाद जितना खोखला है, उतना ही खतरनाक है। इनका राष्ट्रवाद अंग्रेजों की बांटों और राज करो की नीति पर टिका है। संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है। ये सरकार विदेश नीति के मोर्चे पर भी पूरी तरह फेल साबित हुई है|
डॉ. सिंह ने मोदी सरकार को चीन के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि एक साल से चीनी फौज भारत की पवित्र जमीन पर बैठी है। इस सरकार को संविधान पर भरोसा नहीं है। संवैधानिक संस्थाओं को लगातार कमजोर किया जा रहा है। सरकार देश के अंदर ही नहीं बल्कि विदेश नीति के मोर्चे पर भी फेल हुई है।
1. महंगाई से लोग परेशान हैं
मनमोहन सिंह ने कहा कि,'आज देश की स्थिति चिंताजनक है। कोरोना के दौर में केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण एक तरफ अर्थव्यवस्था गिरी है। महंगाई और बेरोजगारी से लोग परेशान हैं। दूसरी तरफ 7 साल सरकार चलाने के बाद भी केंद्र सरकार गलतियों को नहीं मान रही। वह लोगों की समस्याओं के लिए पहले PM जवाहर लाल नेहरू को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं|
2. मैंने कम बोला और काम ज्यादा किया
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि,''मैं मानता हूं कि PM के पद का एक खास महत्व होता है। इतिहास पर दोष लगाकर अपने गुनाह कम नहीं हो सकते। PM के तौर पर काम कर मैंने ज्यादा बोलने की जगह काम को तरजीह दी। हमने सियासी लाभ के लिए देश को नहीं बांटा। कभी सच पर पर्दा डालने की कोशिश नहीं की।
3. चीनी कब्जे की बात को दबाया जा रहा
डॉ मनमोहन सिंह ने कहा कि,''चीन की फौज पिछले एक साल से हमारी पवित्र धरती पर बैठे हैं। इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुराने दोस्त हमसे टूट रहे हैं। पड़ोसी देशों से भी हमारे संबंध बिगड़ रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि सत्ताधारियों को समझ आ गई होगी कि जबरन गले लगने, घुमाने या बिना बुलाने बिरयानी खाने पहुंचने से देश के रिश्ते नहीं सुधर सकते। सरकार को यह भी समझ लेना चाहिए कि अपनी सूरत बदलने से सीरत नहीं बदलती। सच हमेशा सामने आ ही जाता है।
4. कांग्रेस ही पंजाब में किसानों की खुशहाली और बेरोजगारी को दूर कर सकती
डॉ. सिंह ने कहा कि चुनावी माहौल में पंजाब की जनता के सामने बड़ी चुनौतियां हैं। इनका मुकाबला ठीक तरीके से करना जरूरी है। कांग्रेस ही पंजाब में किसानों की खुशहाली और बेरोजगारी को दूर कर सकती है। पंजाब के वोटरों को इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत आज एक अहम मोड़ पर खड़ा है। मेरी बड़ी इच्छा थी कि मैं पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर के भाई-बहनों के साथ देश और राज्य के हालात के बारे में चर्चा करूं, लेकिन डॉक्टरों की सलाह की वजह से इसी तरह संबोधित कर रहे हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि,''कुछ दिन पहले पंजाब की सुरक्षा के नाम पर पंजाब के CM चरणजीत चन्नी और यहां के लोगों को बदनाम करने की कोशिश की गई। जिसे किसी भी तरह से ठीक नहीं माना जा सकता।
5. किसान आंदोलन में पंजाबियों को बदनाम किया
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि,''किसान आंदोलन के दौरान भी पंजाब और पंजाबियत को बदनाम करने की कोशिश की गई। जिन पंजाबियों की दिलेरी, बहादुरी, देशभक्ति और कुर्बानी को पूरी दुनिया सलाम करती है। उनके बारे में क्या कुछ नहीं किया गया। पंजाब की धरती पर पैदा हुए एक सच्चे देशवासी के नाते मुझे इससे बहुत दुख हुआ।
6. आर्थिक नीतियों की समझ नहीं
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि,''कोई आर्थिक समझ नहीं है। गलत नीतियों की वजह से देश आर्थिक मंदहाली की जकड़ में फंस गया है। किसान, व्यापारी, विद्यार्थी और औरतें परेशान हैं। देश के अन्नदाता दाने-दाने के मोहताज हो गए हैं। देश में सामाजिक असमानता बढ़ गई है। लोगों पर कर्जा बढ़ रहा और कमाई घट रही है। अमीर और अमीर हो रहे और गरीब और गरीब हो रहे हैं। सरकार आंकड़ों के साथ धोखा कर सब कुछ ठीक बता रही है। सरकार की नीति और नीयत में खोट है।
7. लोगों को बांट रही भाजपा
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि,''सरकार अपने स्वार्थ को पूरा करने के लिए लोगों को जाति, धर्म और क्षेत्र के नाम पर बांट रही है। उन्हें आपस में लड़ाया जा रहा है। केंद्र सरकार बांटो और राज करो की राजनीति पर चल रही है।