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Cyclone Nivar: चेन्नई तट से टकराया चक्रवाती तूफान 'निवार, चेन्नई और पुडुचेरी में भारी बारिश

  • by: news desk
  • 25 November, 2020
Cyclone Nivar: चेन्नई तट से टकराया चक्रवाती तूफान 'निवार, चेन्नई और पुडुचेरी में भारी बारिश

चेन्नई: चक्रवाती तूफान ‘निवार 'अति विकराल रूप धर बुधवार आधी रात या बृहस्पतिवार तड़के तमिलनाडु और पुडुचेरी के बीच तट से टकराएगा| चक्रवाती तूफान 'निवार' चेन्नई में समुद्र तट से टकरा गया है और अगले कुछ ही घंटों में विकराल रूप धारण कर लेगा। तमिलनाडु और पुदुचेरी के कई इलाकों में मूलसाधार बारिश हो रही है तो चक्रवाती तूफान पेड़ों-खंभों और कच्चे घरों की छतों को उड़ाने को तैयार है। भारतीय मौसम विभाग चेन्नई के एस बालाचंद्रन ने कहा कि चक्रवाती तूफान का लैंडफॉल प्रोसेस शुरू हो चुका है। यह पुदुचेरी में तट को तीन घंटे के भीतर पार करेगा।



3 बजे के बाद चक्रवात की तीव्रता में कमी आएगी। हालांकि, कल भी बारिश जारी रहेगी3 बजे के बाद चक्रवात की तीव्रता में कमी आएगी। हालांकि, कल भी बारिश जारी रहेगी| भारतीय नौसेना और एनडीआरएफ के अधिकारियों का कहना है कि 120 किलोमीटर की हवाएं पुदुचेरी को प्रभावित करेंगी जबकि चेन्नई में 100 किलोमीटर की हवा देखी जाएगी|




मौसम विभाग ने कहा कि चक्रवात निवार ने तमिलनाडु के पुदुचेरी और मरक्कानम के बीच लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू कर दी है|तटीय तमिलनाडु और पुदुचेरी पर "बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान" टकराने लगा है और निचले इलाकों के एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है|निवार के चलते भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं|चक्रवात निवार की वजह से गुरुवार तक सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है|




चेन्नई के मौसम विभाग के अधिकारी एस बालचंद्रन ने बताया कि''भीषण चक्रवाती तूफान निवार की लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो गई है| बहुत भयंकर चक्रवाती तूफान निवार अब पुड्डुचेरी से लगभग 40 किमी पूर्व में, कुड्डलोर के दक्षिण-पूर्व में 50 किमी दूर स्थित है। लैंडफॉल प्रक्रिया शुरू हो गई है| उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए आधी रात के दौरान पुदुचेरी के पास कराइकल और मामल्लपुरम के बीच तमिलनाडु और पुदुचेरी तटों को पार करते हुए तूफान दस्तक देगा। NivarCyclone अगले 3 घंटे के भीतर पुडुचेरी के पास तट पार कर लेगा|





हिंदुजा समूह की प्रमुख कंपनी अशोक लीलैंड ने निवार चक्रवात को देखते हुए एहतियात के तौर पर चेन्नई संयंत्र को बंद कर दिया है। निवार के आज रात को तट से टकराने की संभावना है। कंपनी के मानव संसाधन अध्यक्ष एन. वी. बालाचंदर ने एक बयान में कहा कि संयंत्र में 27 नवंबर से दोबारा परिचालन शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हमारे चेन्नई संयंत्र को चक्रवात के चलते एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। हमें 27 नवंबर से परिचालन दोबारा शुरू करने की उम्मीद है।



भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के चक्रवाती चेतावनी प्रभाग/राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्‍द्र/क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्‍द्र के अनुसार बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में चक्रवाती तूफ़ान 'निवार' पिछले छह घंटों के दौरान 11 किमी प्रति घंटे की गति के साथ उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और 25 नवम्‍बर को 11:30 बजे यह बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी से 180 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में कुड्डलोर के दक्षिण-पूर्व तट पर स्थित था जो पुदुचेरी से 190 किमी दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 250 किमी दक्षिण पूर्व में स्थित है। अगले 06 घंटों के दौरान इसके एक बहुत ही गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है।





24 नवंबर, को नई दिल्ली में मौसम विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्रा और एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन प्रधान ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि यह चक्रवाती तूफान निवार के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और तमिलनाडु को पार करने की बहुत संभावना है।  उन्होंने बताया कि तूफान के 25 नवंबर 2020 मध्यरात्रि और 26 नवंबर 2020 के शुरुआती घंटों के दौरान इस तूफान के पुदुचेरी के आसपास कराईकल और ममल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटों को पार करने की संभावना है। इस दौरान इस  चक्रवाती तूफान की रफ्तार  120-130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हो सकती है।



एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन प्रधान ने मीडिया को बताया था कि इस प्रणाली पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) मुख्यालय और तमिलनाडु तथा आंध्र प्रदेश में स्थित बटालियनों के कमांडेंट संबंधित राज्य के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि आईएमडी के पूर्वानुमान और राज्य अधिकारियों द्वारा अनुमानित आवश्यकताओं के मद्देनजर, 22 टीमों (तमिलनाडु में 12 टीमे, पुडुचेरी में 03 टीमें और आंध्र प्रदेश में 07 टीमे) को संभावित प्रभावित क्षेत्रों में पहले से तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त जरूरतों को पूरा करने के लिए गुंटूर (आंध्र प्रदेश), त्रिशूर (केरल) और मुंडली (ओडिशा) में  टीमों को रिजर्व रखा गया है।



एनडीआरएफ के महानिदेशक एस. एन प्रधान ने कहा था कि यदि जरूरत पड़ी तो सभी टीमों के पास तूफान के बाद सामान्य बहाली के लिए विश्वसनीय वायरलेस और सैटेलाइट संचार, पेड़ों को काटने वाले कटर / पोल कटर हैं। वर्तमान कोविड -19 परिदृश्य के मद्देनजर, एनडीआरएफ की टीमें उपयुक्त पीपीई से सुसज्जित हैं।



उन्होंने कहा था कि एनडीआरएफ जिला और स्थानीय प्रशासन के साथ बराबर तालमेल के साथ काम कर रहा है। सभी नागरिकों के लिए चक्रवात के दौरान क्या करें और क्या न करें के बारे में जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में कोविड-19 के बारे में जानकारी तथा रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। सभी तैनात दल चक्रवात से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लोगों को बाहर निकालने में स्थानीय प्रशासन की मदद कर रहे हैं। एनडीआरएफ की टीम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना पैदा कर रही है और यह बता रही है कि टीम उनकी सेवा में तब तक उपलब्ध है जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती  टीम लगातार लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील कर रही है।





बारिश

डॉ. महापात्रा ने कहा कि 25 से 26 नवंबर के दौरान तटीय और उत्तर आंतरिक तमिलनाडु, पुदुचेरी और कराईकल, दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश तथा रायलसीमा में और 26 नवंबर, 2020 के दौरान दक्षिण-पूर्व तेलंगाना में गरज के साथ बारिश और अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। उन्होंने इस तरफ ध्यान आकर्षित कराया कि 25 नवंबर को तटीय और उत्तर आंतरिक तमिलनाडु तथा पुदुचेरी (तंजावुर, तिरुवूर, नागापट्टिनम, कुड्डलोर, चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, मयलादुथिराई, अरियालुर, पेरामबलुर, कल्लूकुरि, विल्लुपुरम) में अत्यधिक भारी बारिश होने की अधिक संभावना है। 



 25 नवंबर को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और चित्तूर जिलों में और तमिलनाडु के रानीपेट, तिरुवन्नमलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर जिलों में; आंध्र प्रदेश के चित्तूर, कुरनूल, प्रकाशम और कुडप्पा जिलों तथा 26 नवंबर, 2020 को दक्षिण-पूर्व तेलंगाना से सटे इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है।।




वायु चेतावनी: बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में हवा की रफ्तार 110-120 किमी प्रति घंटा से लेकर 135 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। डॉ. महापात्रा ने यह भी बताया कि 25 नवंबर की दोपहर से दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में इसकी रफ्तार से 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हो सकती है। 




  • इसी तरह तमिलनाडु, पुदुचेरी के साथ-साथ दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट और मन्नार की खाड़ी के आसपास  55-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवा की रफ्तार 75 किमी प्रति घंटे तक हो गई है। यह धीरे-धीरे बढ़ेगी और 25 नवंबर की सुबह से 65-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच जाएगी।  


  • 25 नवंबर, 2020 की दोपहर से लेकर 26 नवंबर के तड़के उत्तरी तमिलनाडु और पुदुचेरी के तटीय जिलों   (नागापट्टिनम, कराईकल, मायलादुथुराई, कुड्डलोर, पुदुचेरी, विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिले) में इसकी रफ्तार 120-130 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 145 किमी प्रति घंटे तक हो जाएगी और तिरुवरूर, कांचीपुरम, चेन्नई, तिरुवल्लूर जिलों में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़कर 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तानर से तेज हवाएं चलने की संभावना है।




  • पश्चिम बंगाल की खाड़ी और दक्षिण आंध्र प्रदेश (नेल्लूर और चित्तूर जिले) और मन्नार की खाड़ी के साथ-साथ तमिलनाडु के दक्षिण पूर्वी जिलों में 25 नवंबर, 2020 की दोपहर  से लेकर 26 नवंबर के तड़के तक  65-75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है और बाद में यह इसके 85 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने की संभावना है।





समुद्र की स्थिति: मौसम विभागके महानिदेशक ने कहा कि समुद्र की स्थिति बंगाल के दक्षिण-पश्चिम खाड़ी में तीव्र है और तमिलनाडु, पुदुचेरी, दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों और मन्नार की खाड़ी में भीषण बनी हुई है। उन्होंने कहा यह धीरे-धीरे 25 नवंबर की दोपहर से लेकर 26 नवंबर, 2020 के तड़के तक दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी  और उत्तर तमिलनाडु के साथ-साथ, पुदुचेरी में बहुत तीव्र हो जाएगा और उस क्षेत्र में इसकी स्थिति अभूतपूर्व रहेगी।





 तूफान में वृद्धि की चेतावनी: डॉ. महापात्र ने आगाह किया कि तमिलनाडु और पुदुचेरी के उत्तरी तटीय जिलों के निचले इलाकों में भू-स्खलन की संभावना, जबकि इन इलाकों से सटे समुद्र में 1-1.5  मीटर की ऊंचे खगोलीय ज्‍वार आने की संभावना है।





नागापट्टिनममायलादुथुराईकुड्डालोरतमिलनाडु के विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों और कराईकल और पुदुचेरी में नुकसान की आशंका:डॉ. महापात्र ने यह भी कहा कि चक्रवात के मद्देनजर, घासफूस के घरों को अत्यधिक नुकसान पहुंचेगा और कच्चे घरों को व्यापक नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि इस चक्रवाती तूफान की वजह से पुराने पक्के मकानों को नुकसान और उड़ने वाली वस्तुओं से खतरे की आशंका भी है। अन्य अपेक्षित नुकसानों के बीच, उन्होंने निम्नलिखित बातों पर ध्यान की बात कही:




  • विद्युत और संचार लाइनों को नुकसान या खंभे उखड़ने की संभावना|..कच्‍चे घरों को भारी नुकसान और पक्की सड़कों को कुछ नुकसान के साथ-साथ मार्गों पर बाढ़। रेलवे, ओवरहेड पावरलाइन और सिग्नलिंग सिस्टम को नुकसान की संभावना।.....खड़ी फसलों, वृक्षों, बागों, हरे नारियल के पेड गिरने और ताड़ के पेड गिरने से व्यापक नुकसान की संभावना।......... आम जैसे छायादार पेड़ों के नुकसान की संभावना।
  • छोटी नावें, रेत के दलदल में फंस सकती हैं।.....दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हो सकती है।




तमिलनाडु के तिरुवरूरकांचीपुरमतमिलनाडु के तिरुवल्लौर जिले और उससे सटे आंध्र प्रदेश में नुकसान की आशंका:छतों के साथ-साथ फूस के घरों/झोपड़ियों को भारी नुकसान होने और धातुरहित की चादरों के उड़ने की संभावना है।.......विद्युत और संचार लाइनों को नुकसान।......कच्‍चे घरों को भारी नुकसान और पक्की सड़कों को कुछ नुकसान के साथ-साथ मार्गों पर बाढ़।......वृक्षों की शाखाओं के टूटने, बड़े वृक्षों के उखड़ने और केले और पपीते के पेड़ों के साथ-साथ बागवानी एवं फसलों और बागों को गंभीर नुकसान। बड़े जर्जर वृक्षों के उखड़ने की संभावना।......तटीय फसलों को भारी नुकसान।......तटबंधों/नमक के गड्ढों को नुकसान।







मछुआरों को चेतावनी और कार्रवाई के लिए सुझाव :मौसम विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ. महापात्रा ने प्रभावित क्षेत्रों में मछली पकड़ने के संचालन को स्थगित करने की सलाह दी है।उन्होंने अन्य उपाय सुझाए हैं:-समुद्र में गए मछुआरों को सलाह दी जाती है कि वे तट पर लौट आएं और उपरोक्त समुद्री क्षेत्र से बचें.....प्रभावित क्षेत्रों में लोग सुरक्षित स्थानों और घरों के अंदर रहें।.....रेल, सड़क और हवाई यातायात का जरूरत पड़ने पर ही करें उपयोग|मोटर नौकाओं और छोटे जहाजों में आवागमन असुरक्षित।





आतंरिक जिलों में तूफान के टकराने के बाद संभावित हालात (रानीपेटतिरुवनमालाईतिरुपत्तुरवेल्लोर और चिट्टूर): डॉ. महापात्रा ने बताया कि तूफान के गुजर जाने के बाद भी, लगभग 6 घंटे तक चक्रवात की तीव्रता बनी रहेगी और धीरे-धीरे इसके कमजोर होने की संभावना है। उन्होंने कहा, 26 नवंबर को इसके प्रभाव के तहत अधिकांश स्थानों/ कई जगहों पर भारी से अत्यधिक भारी स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है जिनमें तमिलनाडु के रानीपेट, तिरुवन्नमलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर जिले, आंध्र प्रदेश के चित्तूर, कुरनूल, प्रकासम और कुडप्पा जिले तथा दक्षिण-पूर्वी तेलंगाना के इलाके शामिल हैं। उत्तर आंतरिक तमिलनाडु, दक्षिण आंध्र प्रदेश और दक्षिण-पूर्व तेलंगाना के शेष जिलों में संभवतः अलग-अलग स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।




तमिलनाडु के आंतरिक जिलों (रानीपेट, तिरुवन्नमलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर) और आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में 26- नवंबर को सुबह से शाम तक चलने वाली हवाओं की रफ्तार 65-75 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 86 किलोमीटर प्रतिघंटे तक हो सकती है।





तमिलनाडु के रानीपेट, तिरुवन्नमलाई, तिरुपत्तूर, वेल्लोर जिलों और आंध्र प्रदेश के चित्तूर, कुरनूल, प्रकाशम और कुडप्पा जिलों में नुकसान की आशंका है:




  • छतों के साथ-साथ फूस के घरों/झोपड़ियों को भारी नुकसान होने और धातुरहित की चादरों के उड़ने की संभावना है।.....विद्युत और संचार लाइनों को नुकसान।......कच्‍चे घरों को भारी नुकसान और पक्की सड़कों को कुछ नुकसान के साथ-साथ मार्गों पर बाढ़।.......वृक्षों की शाखाओं के टूटने, बड़े वृक्षों के उखड़ने और केले और पपीते के पेड़ों के साथ-साथ बागवानी एवं फसलों और बागों को गंभीर नुकसान।..लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर के अंदर / सुरक्षित स्थानों पर रहें और राज्य सरकार के अधिकारियों तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ सहयोग करें।





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