नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है| कांग्रेस ने चीनी सेना द्वारा गलवान घाटी में चीनी झंडा लहराए जाने के मुद्दे को लेकर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है| कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा, नरेंद्र मोदी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं| सुरजेवाला ने कहा कि ,''गलवान घाटी में अपना झंडा फहरा कर चीन ने दुस्साहस कर दिया है.. वहां केवल तिरंगा फहराया जाना चाहिए| चीन ने हमारी जमीनों पर कब्जा किया हुआ है, अरुणाचल प्रदेश के इलाकों का नाम बदल दिया| प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? चीन को लाल आंखें दिखाकर कब बात करेंगे? सामने आ कर जवाब दीजिए और उन्हें हमारी जमीन से खदेड़ कर दिखाइए|
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता व पार्टी के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि,''देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को झकझोर कर रख दिया, एक और सामने आया है। हमारा ये कहना और मैं बड़ी जिम्मेदारी से कहता हूं कि मोदी सरकार देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। मोदी सरकार देश की अखंडता से, सम्प्रभुता से खिलवाड़ कर रही है। मोदी सरकार एक ऐसे नेतृत्व से ग्रस्त है, जो नेतृत्व कमजोर है। हां, मैं जिम्मेदारी से कहता हूं कि देश के प्रधानमंत्री, नरेन्द्र मोदी जी एक कमजोर प्रधानमंत्री हैं।
सुरजेवाला ने कहा कि,''''हमने देखा किस प्रकार से नए साल में गलवान घाटी के अंदर चीन ने दुस्साहस कर दिया कि वहाँ पर चीन का झंडा फहराया जाएगा। वहाँ पर ये चीनी भाषा में लिखा जाएगा कि एक इंच जमीन नहीं देंगे। क्या ये सही नहीं कि अगर गलवान घाटी पर कोई झंडा फहराया जाएगा और फहराया जाना चाहिए, तो वो सिर्फ भारत माता का तिरंगा है, और कोई नहीं? चीन ने दुस्साहस से डेपसांग प्लेन्स में वाई जंक्शन तक कब्जा कर रखा है। चीन ने दुस्साहस से भारत की सरजमीं पर गोगरा और हॉट स्प्रिंग में कब्जा कर रखा है। चीन ने दुस्साहस से अरुणाचल में हमारी सरजमीं पर एक गांव बसा रखा है और चीन ने ये दुस्साहस भी किया कि उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के हमारे हिस्सों के नाम बदल दिए और अब ये दुस्साहस भी कि गलवान घाटी पर वहाँ पर वो चीन का झंडा फहराएंगे!
सुरजेवाला ने कहा कि,'''देश के प्रधानमंत्री कहाँ गुम हैं? मोदी जी आप मौन क्यों हैं? आप चीन का शब्द कहने से डरते क्यों हैं? चीन से घबराते क्यों हैं? चीन ने भारत की सरजमीं पर जो कब्जा कर रखा है, वो कब्जा कब छुडवाएंगे और चीन को लाल आंख दिखाकर कब जवाब देंगे? चीन की आँख में आँख डालकर कब बात करेंगे? देश ये जानना चाहता है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि,''देश को राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली मोदी सरकार नहीं चाहिए। देश की संप्रभुता और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी से कॉम्प्रोमाइज करने वाली सरकार नहीं चाहिए, ऐसी सरकार चाहिए जो भारत मां की सरजमीं से चीन के कब्जे को खदेड़ कर दिखाए और मोदी जी आज देश की ये मांग है, 140 करोड़ देशवासियों की मांग है कि सामने आइए, जवाब दीजिए और लाल आंख दिखाकर और आँख में आँख डालकर चीन के इस दुस्साहस का कठोर और कड़ा जवाब दीजिए और उनको भारत की सरजमीं से खदेड़ कर दिखाइए। यही राष्ट्रनीति है और यही देशनीति भी है।
गलवान घाटी को लेकर पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में सुरजेवाला ने कहा कि याद करिए ऑल पार्टी मीटिंग में प्रधानमंत्री मोदी जी ने ये कहा कि कोई हमारे देश के अंदर घुसा ही नहीं। फिर अक्टूबर तक 13 राउंड की वार्ता किसलिए कर रहे थे और जब पैंगोग त्सो लेक के ऊपर हमारी सरजमीं के ऊपर कब्जा कर लिया गया, तो दुर्भाग्य से हमारी सरकार ने हमारी जमीन के अंदर ही बफर जोन बना दिया और हमने इसको एक नहीं अनेकों बार उठाया और कहा कि हम अपनी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल, एलओसी जो है, उसको खुद पीछे कर रहे हैं।
पर इसके बावजूद भी बाकी जगह से चीन का कब्जा नहीं हटा और जिस प्रकार से समझौते के विरुद्ध अब चीन उस जोन के अंदर निर्माण कर रहा है, ये चीन एक और दुस्साहस कर रहा है और प्रवोक कर रहा है भारत की सेना को भी और भारत की सरकार को भी।
सुरजेवाला ने कहा कि,''पर भारत की सरकार चुप क्यों हैं? मोदी जी चीन से डरते क्यों हैं? मोदी जी चीन का नाम लेने से घबराते क्यों हैं? मोदी सरकार थरथर कांपती क्यों है? मोदी सरकार भारत की रक्षा करने में फेल क्यों है? मोदी सरकार हमारी संप्रभुता, टेरिटोरियल इंटिग्रिटी, हमारी सीमाओं की रक्षा करने में विफल क्यों साबित हुई है? कभी गलवान वैली, कभी डैपसांग प्लेन, कभी डैपसांग, कभी गोगरा हॉट स्प्रिंग, कभी अरुणाचल प्रदेश, कभी चिकन नेक तक हमारे नॉर्थ ईस्ट के अंदर, आए दिन वो दुस्साहस करते हैं। कभी वो आकर उत्तराखंड में हमारा पुल तोड़ जाते हैं। इस दुस्साहस का जवाब कब देंगे या फिर ये सरकार चीन से लड़ने में असक्षम है और भारत की रक्षा करने में असक्षम है, तो सामने आइए और बताइए कि आप भारत की रक्षा नहीं कर सकते और गद्दी छोड़ दीजिए।
बता दें कि,''चीन ने 1 जनवरी को चीनी सैनिकों का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था कि वे भारतीय सीमा के पास गलवान घाटी में चीन के नागरिकों को नए साल की बधाई दे रहे हैं| वीडियो में चीनी सैनिक जहां खड़े हैं, उसके पीछे पहाड़ी पर चीनी भाषा में लिखा हुआ नजर आ रहा है, “कभी एक इंच जमीन नहीं देंगे| वहीं चीन ने अपने सैनिकों का एक और वीडियो जारी किया, जिसमें चीनी झंडे को एक ड्रोन के जरिए तिब्बत के इलाके में फहराया जा रहा है| भारत ने आधिकारिक रूप से इन दोनों वीडियो पर कोई जवाब नहीं दिया है|
बता दें कि, हाल ही में चीन ने भारत के पूर्वोत्तर राज्य अरुणाचल प्रदेश में 15 और स्थानों के लिए चीनी अक्षरों, तिब्बती और रोमन वर्णमाला के नामों की घोषणा की थी| खबर के अनुसार, चीन अरुणाचल प्रदेश के दक्षिण तिब्बत होने का दावा करता है| फिलहाल,'भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 15 स्थानों के नाम बदलने के कदम को बृहस्पतिवार को स्पष्ट रूप से खारिज किया था और जोर देकर कहा था कि यह राज्य हमेशा से भारत का अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा क्योंकि 'गढ़े' गए नामों से यह तथ्य नहीं बदलेगा|