Ram Bahal Chaudhary,Basti
Share

भारतीय क्षेत्र में चीन ने घुसपैठ की है लेकिन भारत की कार्रवाई से पहली बार घबराया चीन, मोहन भागवत बोले

  • by: news desk
  • 25 October, 2020
भारतीय क्षेत्र में चीन ने घुसपैठ की है लेकिन भारत की कार्रवाई से पहली बार घबराया चीन, मोहन भागवत बोले

नागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत ने कहा है कि,'' पूरी दुनिया ने देखा है कि कैसे चीन भारत के क्षेत्र में अतिक्रमण कर रहा है। चीन के विस्तारवादी व्यवहार से हर कोई वाकिफ है। चीन कई देशों-ताइवान, वियतनाम, यू.एस., जापान और भारत के साथ लड़ रहा है। लेकिन भारत की प्रतिक्रिया से पहली बार चीन घबराया|



राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने रविवार को विजयादशमी उत्सव के संबोधन के दौरान कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राम मंदिर का खास तौर से जिक्र किया।




राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत की प्रतिक्रिया से पहली बार चीन सहम और ठिठक गया। उसकी गलतफहमी दूर हो गई।  पूरी दुनिया को पता है कैसे चीन अतिक्रमण कर रहा है और अभी भी हमारी सीमाओं का अतिक्रमण कर रहा है। हर कोई इसके विस्तारवादी व्यवहार से अवगत है|भागवत ने कहा कि चीन इस वक्त कई देशों- ताइवान, वियतनाम, अमेरिका, जापान और भारत से लड़ रहा है|लेकिन भारत की की कार्रवाई से पहली बार चीन घबराया है|




भागवत ने कहा कि,''भारत के सुरक्षाबलों और नागरिक चीन के हमले के सामने दृढ़ता से खड़े थे, जो उनके दृढ़ संकल्प और वीरता को प्रदर्शित करता है। सामरिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से, चीन को एक अप्रत्याशित झटका मिला। हमें नहीं पता कि चीन कैसे प्रतिक्रिया देगा, इसलिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है|




मोहन भागवत ने भारत को अब और अधिक सतर्क रहने का सुझाव देते हुए सामरिक और आर्थिक रूप से चीन से ज्यादा मजबूत बनने पर जोर दिया। मोहन भागवत ने वैश्विक महामारी में चीन की भूमिका भी संदिग्ध बताई।





मोहन भागवत ने हिंदू, हिंदुत्व और हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर संघ का दृष्टिकोण स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा है कि संघ के हिंदू राष्ट्र कहने के पीछे कोई राजनीतिक और सत्ता केंद्रित संकल्पना नहीं होती।मोहन भागवत ने कहा कि संघ मानता है कि हिंदू शब्द, भारत वर्ष को अपना मानने वाले सभी 130 करोड़ बंधुओं पर लागू होता है।








आप हमसे यहां भी जुड़ सकते हैं
TheViralLines News

ईमेल : thevirallines@gmail.com
हमारे फेसबुक पेज को लाइक करें : https://www.facebook.com/TVLNews
हमें ट्विटर पर फॉलो करें: : https://twitter.com/theViralLines
चैनल सब्सक्राइब करें : https://www.youtube.com/TheViralLines
Loading...

You may like

स्टे कनेक्टेड

आपके लिए