नई दिल्ली : भारत सरकार ने 2002 में हुए गुजरात दंगों पर बने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को ‘प्रोपोगेंडा पीस' करार देते हुए कहा कि इसकी कोई वस्तुनिष्ठता नहीं है, यह पक्षपातपूर्ण है| हाल ही में प्रकाशित की गई BBC की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री पर MEA प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "हमें लगता है कि यह एक प्रोपोगेंडा पीस है। इसकी कोई वस्तुनिष्ठता नहीं है, यह पक्षपातपूर्ण है। ध्यान दें कि इसे भारत में प्रदर्शित नहीं किया गया है|
MEA प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि,''मैं स्पष्ट कर हूं कि हमें लगता है कि यह एक विशेष आख्यान को आगे बढ़ाने के लिए दुष्प्रचार का एक हिस्सा है और इसके पीछे कोई एजेंडा है|"
बागची ने कहा,'' इसको इंडिया में रिलीज नहीं कर सकते, इसको देख नहीं सकते| यह एक प्रोपोगेंडा पीस है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म या डॉक्यूमेंट्री उस एजेंसी और व्यक्तियों का एक प्रतिबिंब है जो इस कहानी को फिर से फैला रहे हैं। यह हमें इस कवायद के उद्देश्य और इसके पीछे के एजेंडे के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।
बता दें, बीबीसी ने 2002 के गुजरात दंगों के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पीएम नरेंद्र मोदी के कार्यकाल पर दो-भाग की श्रृंखला प्रसारित की थी। इस डॉक्यूमेंट्री को कथित रूप से यूट्यूब पर भी रिलीज किया गया था, लेकिन विवादों की वजह से यूट्यूब से इसे हटा दिया गया है। सीरीज के डिस्क्रिप्शन में कहा गया है, ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुस्लिम अल्पसंख्यक के बीच तनाव पर एक नजर, 2002 के दंगों में उनकी भूमिका के बारे में दावों की जांच, जिसमें हजारों लोग मारे गए।’
ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमले पर अरिंदम बागची ने दिया जवाब
ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हुए हमले पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा,'' हम जानते हैं कि हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में कुछ मंदिरों को तोड़ा गया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। इसकी ऑस्ट्रेलियाई नेताओं, समुदाय के नेताओं और वहां के धार्मिक संगठनों द्वारा भी सार्वजनिक रूप से निंदा की गई है|
अरिंदम बागची ने कहा,''मेलबर्न में हमारे महावाणिज्य दूतावास ने मामले को स्थानीय पुलिस के समक्ष उठाया है। हमने अपराधियों के खिलाफ शीघ्र जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों का अनुरोध किया है। इस मामले को ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ भी उठाया गया है और हम इसके लिए तत्पर हैं|