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25 अगस्त 2026

पीएम मोदी गर्व से कि कहेंगे ये है मेरा गुजरात मॉडल - करप्शन एंड कमीशन: कांग्रेस का बड़ा हमला, कहा- हम 4 चार्जशीट बना रहे हैं, एक-दो दिन में जारी करेंगे

नई दिल्ली: Gujarat Vidhansabha Chunav 2022: 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है| गुजरात में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे| पहला चरण 1 दिसंबर और दूसरा चरण 5 दिसंबर को हो…

पीएम मोदी गर्व से कि कहेंगे ये है मेरा गुजरात मॉडल - करप्शन एंड कमीशन: कांग्रेस का बड़ा हमला, कहा- हम 4 चार्जशीट बना रहे हैं, एक-दो दिन में जारी करेंगे
पीएम मोदी गर्व से कि कहेंगे ये है मेरा गुजरात मॉडल - करप्शन एंड कमीशन: कांग्रेस का बड़ा हमला, कहा- हम 4 चार्जशीट बना रहे हैं, एक-दो दिन में जारी करेंगे | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: Gujarat Vidhansabha Chunav 2022: 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है| गुजरात में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे| पहला चरण 1 दिसंबर और दूसरा चरण 5 दिसंबर को होगा|  हिमाचल प्रदेश के साथ ही 8 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे|  गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान में हुई देरी को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता और गुजरात के एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी)  प्रभारी रघु शर्मा ने कहा कि ,'' मैं इलेक्शन कमीशन का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सरकार के दबाव के बावजूद अब आखिर उन्होंने चुनाव की घोषणा तो कर दी है। दो राज्यों में चुनाव हैं, हिमाचल में और गुजरात में। 8 तारीख को दोनों राज्यों के परिणाम आने हैं। इलेक्शन कमीशन को इसकी सफाई देश की जनता के सामने देनी चाहिए क्योंकि वो कॉन्स्टिट्यूशनल अथॉरिटी है देश की, जब दो राज्यों के चुनाव के परिणाम साथ में आ रहे हैं। एक चुनाव जो हिमाचल का उसकी तारीख आप 14 अक्टूबर को करते हैं और दूसरे चुनाव की घोषणा आज, 3 नवंबर को आप कर रहे हैं। कोई जस्टिफिकेशन, कोई कारण, ये दबाव ये खुलासा देश चाहता है, इलेक्शन कमीशन जो कि निष्पक्ष बॉडी और कॉन्स्टिट्यूशनल बॉडी मानी जाती है, उससे हम उम्मीद करते हैं।



भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ,''दूसरा, इतने चुनावों की घोषणाएं हमने देखी हैं। हिमाचल के चुनाव की घोषणा एक स्पेशल घोषणा थी। उसमें 14 तारीख को नोटिफिकेशन जारी होता है और कोड ऑफ कंडक्ट इम्पोज हो रहा है 17 को क्योंकि 16 तारीख को प्रधानमंत्री जी की रैली थी और उस रैली को उनको सरकारी संसाधनों से करना था। ये क्लियरली विजिबल है, चीज़। सामने कोई भी आदमी इसको समझ सकता है और यहाँ गुजरात में हम रोज देख रहे हैं, हम इतना सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करके, क्योंकि मेरे जेहन में पिछले 10 मार्च को 5 राज्यों के चुनाव परिणाम आए थे। 


 सरकारी पैसा पानी की तरह बहाया गया

डॉ. रघु शर्मा ने आगे कहा कि ,''मुझे याद है कि एक प्रोग्राम 11 मार्च को इन्होंने बीजेपी का प्रोग्राम किया था, पार्टी की तरफ से। उसके बाद मार्च 10 के बाद अभी तक यानी 1 तारीख मानगढ़, जो कि बॉर्डर पर है, देखा जाए तो राजस्थान में है, लेकिन उसमें तीन राज्यों की सीमाएं लगती हैं, मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान। तो ये 1 तारीख तक जो भी प्रोग्राम बीजेपी ने किए या सरकार ने किए, वो सब सरकारी प्रोग्राम थे। कितना पैसा पानी की तरह बहाया गया। 12-12 करोड़ के डोम एक-एक जगह लगे हैं और पूरे गुजरात में पार्टी के होर्डिंग लगे हैं, जहाँ पर सरकारी प्रोग्राम था। जितना सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग करना था, वो सब हो गया। 


मोरबी दुर्घटना के बाद हमने कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दिए: डॉ. रघु शर्मा

कांग्रेस नेता ने कहा कि,''आखिर में तो अमानवीयता की हद हो गई, जब मोरबी की दुर्घटना हुई। 31 तारीख से कांग्रेस की पांच रैलियां हमारी तय थी, हमारे नेता पहुंच चुके थे, वहाँ। नॉर्थ गुजरात में गहलोत जी पहुंचे थे। हमारी सौराष्ट्र की रैली नंबर एक पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी पहुंच गए थे। महाराष्ट्र की दूसरी रैली के लिए बीके हरिप्रसाद जी पहुंच गए थे। महाराष्ट्र मध्य गुजरात की रैली के लिए सचिन पायलट पहुंचने वाले थे और साउथ गुजरात के लिए सुप्रिया जी और पवन खेड़ा जी। जब शाम को 6 बजकर 40 मिनट पर, ये मोरबी की दुर्घटना हुई, हमने हमारे राजनीतिक प्रोग्राम सब रद्द किए



....BJP सरकार ने अमानवीय व्यवहार करते हुए ऐसा कुछ नहीं किया: डॉ. रघु शर्मा

लेकिन दुर्भाग्य ये है कि प्रधानमंत्री जी गुजरात के अंदर थे, तीन दिन का उनका दौरा था। ना कोई सरकारी प्रोग्राम रद्द हुए, हैट लगा हुआ मैंने फोटो देखा। मैं समझता हूं कि मानवीय संवेदनाओं से अगर जरा सा सरोकार भारतीय जनता पार्टी के नेताओं का होता, प्रधानमंत्री जी तो कम से कम उस राज्य के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे हैं, देश के प्रधानमंत्री हैं, गुजरात से आते हैं, रद्द करना चाहिए था कार्यक्रमों को। सरकारी कार्यक्रम कोई जरुरी नहीं है, लेकिन उनके ऊपर भी प्रेशर होगा। इलेक्शन कमीशन को अंततोगत्वा चुनाव की घोषणा करनी है। कोड ऑफ कंडक्ट लग जाएगा तो वो काम नहीं कर पाएंगे। तो उन्होंने सरकारी प्रोग्राम करना उचित समझा, बजाए कि मोरबी की जो दुर्घटना थी, उसमें जाने के।



उन्होंने कहा कि,“अब सवाल ये उठता है कि हम लोग गए, अशोक गहलोत जी गए, मैं गया, दिग्विजय सिंह जी गए, पार्टी के प्रेसीडेंट गए, सीएलपी लीडर गए, हमारे जितने वरिष्ठ नेता हैं, सब गए। हमने जो घटना स्थल है, उसका मुआयना किया। हम सिविल अस्पताल के अंदर गए, हम प्राईवेट अस्पताल में गए, जहाँ फ्यूनरल हो रहा था, वहाँ गए। जो सिविल अस्पताल है, उसका रंग रोगन कब शुरु हुआ - प्रधानमंत्री जी की वीजिट से पहले। सरकार को इस बात की चिंता है कि इस अस्पताल का रंग रोगन हो, ये चिंता नहीं है कि मरीज की देखभाल कैसे की जाए और एक मरीज जिसको हल्की सी चोट थी, वो फोटो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए हैं। उसके घुटने-घुटने पर पट्टी थी, जब प्रधानमंत्री जी गए, वही मरीज, उसके पूरे पांव पर प्लास्टर किसने चढ़ाया? ये जरा गौर करने लायक तथ्य हैं।



तो मैं समझता हूं कि गुजरात में जहाँ 27 साल से भाजपा की सरकार है, ये बृजेश मेरजा वहाँ के मंत्री हैं इस सरकार के। हमें धोखा देकर गए थे। पहले हमारी पार्टी से चुनाव जीते थे। क्या कनेक्शन है हमारे जो केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री उनके फोटो जो भी ठेकेदार हैं, उनसे साथ सार्वजनिक हो रहे हैं। बृजेश मेरजा जी ने नए साल में 25 नवंबर को इस पुल का आनन-फानन में क्यों उद्धघाटन करवाया, जब 100 साल पहले इस पुल का लोड 15 लोगों का या 16 लोगों का आंका गया था, तो करीब 140 साल पुराना पुल है। 6 महीने से बंद था ये। जब इसके लोड की पहले केपिसिटी देखी गई, तो 15-16 लोगों से ज्यादा 'एट ए टाइम' नहीं थी। क्या कारण रहे कि आपने 300, 350, 400 लोगों को पुल पर अनुमति दी, जिस पुल की कंडीशन नहीं थी? 



चुनावी फायदा लेने के लिए आनन-फानन में उसका उद्धघाटन किया

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता रघु शर्मा ने कहा कि ,''2 करोड़ रुपया आपने खर्च करने का दावा किया। चुनावी फायदा लेने के लिए आनन-फानन में उसका उद्धघाटन किया और पब्लिकली खोल दिया आपने और सैंकड़ों लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला आपने। सवाल इतने हैं और हमने कहा था कि हाईकोर्ट के जज से जांच कराइए, एसआईटी कुछ नहीं होती है, अधिकारी होते हैं आपके। अधिकारियों से जो रिपोर्ट बनाओ, सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जज से आप जांच कराएंगे और टाइम बांउड जांच होगी 10-15 दिन में, तो असलियत पता चलेगी कौन जिम्मेदार है।


मोरबी ब्रिज मामले में मजदूरों के खिलाफ कार्रवाई कर रही भाजपा सरकार : डॉ. शर्मा

उन्होंने कहा कि,“आप मजदूरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, ताज्जुब की बात ये है, जो एफआईआर दर्ज हुई है, आप पढ़ लीजिए किसी का नाम नहीं है उसके अंदर। ऐसी एफआईआर होने का मायना क्या है, जिसमें किसी का नाम नहीं है, किसी की जिम्मेदारी नहीं है और एसआईटी गठित करके इसको लीपापोती कर रहे हैं। 



हम 4 चार्जशीट बना रहे हैं, एक-दो दिन में जारी करेंगे

रघु शर्मा ने कहा कि ,''गुजरात में मैंने कहा 27 साल से बीजेपी का शासन है। हमारे चंद सवाल हैं उनसे, हम 4 चार्जशीट बना रहे हैं। चार्जशीट जारी करेंगे अहमदाबाद से एक-दो दिन में। लेकिन जो ज्वलंत प्रश्न आज गुजरात की जनता फेस कर रही है, महंगाई है, बरोजगारी है, ये तो पूरा देश महसूस कर रहा है। अर्थव्यवस्था चौपट हो गई है, रुपए का अवमूल्यन हो गया, ये तो पूरा देश देख रहा है, इसमें गुजरात भी अछूता नहीं है, लेकिन सवाल ये है कि गुजरात ड्रग ट्रैफिकिंग का अड्डा कैसे बना। एक ही पोर्ट पर हजारों करोड़ की ड्रग्स पिछले 6-8 महीने से लगातार क्यों पकड़ी जा रही है? 


गुजरात में ऑर्डर पर किसी भी घर पर शराब की अवेलेबिलिटी हो सकती है

उन्होंने कहा कि,“गुजरात गाँधी का प्रदेश है, शराब बंदी है। इलीसिट लिकर, जहरीली शराब से लोगों की मौत हुई।  आज ऑर्डर पर आप किसी भी घर पर शराब की अवेलेबिलिटी हो सकती है। क्या कोई रैकेट काम कर रही है, क्या उस पर कोई राजनैतिक संरक्षण है और तीसरी चीज़, गुजरात में 5 लाख पद स्वीकृत पद, जिनकी फाइनेंशियल सेंक्शन निकली हुई है, आज तक खाली क्यों पड़े हैं? एक पेपर लीक हो, दो पेपर लीक हो, लगातार 22 पेपर लीक हो गए। यहाँ राजस्थान में एक पेपर लीक हुआ था, वो बिहाइंड दा बार हैं, सारे कल्प्रिट। गुजरात में किसी पर कार्रवाई नहीं हुई और 5 साल में 5 लाख पद आज भी खाली पड़े हैं, कोई नई भर्ती नहीं है। सड़कों का हाल हमने देखा अभी, जरा सी बारिश के अंदर 4 सवारी गाड़ी में बैठी, चारों की चारों सड़क के अंदर उतर गईं।


कोविड में 3 लाख लोगों ने तड़प-तड़पकर गुजरात में दम तोड़ा है... कौन जिम्मेदार है, इसका? 
शर्मा ने कहा कि ,''कोविड मिसमैनेजमेंट, रेमडेसिविर नहीं था, तो टोसिलिजुमैब की बात छोड़ दीजिए! 40 हजार का इंजेक्शन वो हम (FREE में) प्रोवाइड कर रहे थे, राजस्थान में। लेकिन गुजरात में रेमडेसिविर की अवेलेबिलिटी नहीं, वेंटिलेटर नहीं लोगों के, ऑक्सीजन नहीं, बैड नहीं, ड्रिप चल रही है एम्बुलेंसेज में, प्राईवेट गाड़ियों के अंदर लोगों के। ये कैसा सिस्टम है भाई, 27 साल में? हम मानते हैं, प्राईवेट हॉस्पीटल अच्छे हैं, लेकिन जिसकी पॉकेट अलाऊ नहीं करती, उसको सरकारी अस्पतालों की जरुरत है। ये जो परिस्थिति बनी, 3 लाख लोगों ने तड़प-तड़पकर गुजरात में दम तोड़ा है। कौन जिम्मेदार है, इसका? 



उन्होंने कहा कि,“आप सरकार बदल सकते हो, कोविड मिसमैनेजमेंट में, हालांकि इन्होंने सार्वजनिक रुप से गलती स्वीकार नहीं की है, लेकिन कोई तो कारण है, सरकार में मंत्री बदल जाते हैं, मुख्यमंत्री बदल जाते हैं, लेकिन ये पहला अवसर है, जब मुख्यमंत्री सहित पूरी सरकार को एकसवा साल पहले चुनाव के किसी राज्य में बदला जाए, तो कोई तो कारण होगा, पब्लिक लाइफ में बताना पड़ेगा आपको, लेकिन आज तक कोई खुलासा नहीं किया। 


रिमोट कंट्रोल की गवर्मेंट है

सरकार विफल रही, पौने चार साल तक, खामोश रहे ये और फिर जिन लोगों को बनाया मुख्यमंत्री और सरकार में जो भी बनाया, मैं टिप्पणी नहीं करना चाहता, लेकिन ये भी रिमोट कंट्रोल की गवर्मेंट है। चीफ मिनिस्टर भूपेंद्र पटेल सीधे आदमी हैं, पहली बार एमएलए बने हैं, लेकिन ये गुजरात का चुनाव है, देश का चुनाव नहीं है। अब प्रधानमंत्री जी 10-10 दिन वहाँ पर रहे हैं। हमने कहा है कि कैंप ऑफिस बना लीजिए, पीएम ऑफिस का। देश पूरा आपसे उम्मीद करता है कि आप हमारे काम करो, गुजरात चुनाव को फोकस  करके क्या मुख्यमंत्री बदला आपने? उसके चेहरे पर भरोसा नहीं है। पार्टी की आपकी इकाई है, उस पर भरोसा नहीं है। क्यों अमित शाह जी बराबर 20-20 दिन वहाँ पर रहेंगे और लॉजिक ये दिया जा रहा है कि उनका अपना खुद का प्रदेश है। तो मैं तो ये मानता हूँ कि प्रधानमंत्री का तो एक प्रदेश नहीं हो सकता, पूरा देश है। तो दूसरे राज्यों में जब चुनाव होते हैं, तो 15-15 दिन वहाँ भी रहना चाहिए।



गुजरात में BJP की हालात खराब हैं

उन्होंने कहा कि,“हालात खराब हैं। गुजरात में हालात खराब हैं। भारतीय जनता पार्टी के अंदर-अंदर कलह है, जबरदस्त और इसीलिए ये लिंगर ऑन भी कर रहे थे, चुनाव को, लेकिन अल्टीमेटली डेमोक्रेसी में इलेक्शन तो फेस करना ही पड़ेगा और मैंने पहले भी कहा है कि ये आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम ये बीजेपी की 'बी' टीम है। सिर्फ ये वोट काटते हैं, अभी तो पता ही नहीं है किसका वोट काटेंगे। लेकिन हमारे सामने उदाहरण है गोवा का, उत्तराखंड का, जितना प्रतिशत वोट इन्होंने काटा वहाँ, उतने ही प्रतिशत से कांग्रेस सरकार बनाने से वंचित रही है। ये हमारे पास प्रमाण है कि ये 'बी' टीम है और ये इनके कोई वर्कर नहीं हैं, पेड लोग वहाँ वारंटी कार्ड बांटते हैं, मीडिया के माध्यम से परसेप्शन बनाएंगे। लेकिन मेरा दावा है जब परिणाम आएगा, चौंकाने वाले परिणाम गुजरात से आपको देखने के लिए मिलेंगे। 


BJP - AAP का धरातल पर कुछ नहीं है

कांग्रेस नेता शर्मा ने कहा कि ,''कांग्रेस पार्टी ने बहुत मेहनत की है। प्रधानमंत्री जी वहाँ हैं, इसलिए हवाई परसेप्शन बन रहा है, उनका, धरातल पर कुछ नहीं है। ऐसे ही आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम का धरातल पर कुछ नहीं है। न कोई युनिट है, न कार्यकर्ता है, है तो सिर्फ पेड वर्कर है। लड़ाई तो नीचे वर्कर लड़ेगा। अभी भी हमारे 63 एमएलएज़ हैं और हम अपोजीशन में हैं, वहाँ। तो जो बातें राजनीतिक गलियारों में परसेप्शन के लिए बनाई जा रही हैं, उन बातों में कोई दम नहीं है।




हमारा बहुत सकारात्मक प्रचार है : पवन खेड़ा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा,''कांग्रेस पार्टी गुजरात में पिछले कई-कई महीनों से लगातार गांव, ढाणी, शहर, मौहल्ले, गली में हमारे कार्यकर्ता, हमारे तमाम नेता घूम रहे हैं, प्रचार कर रहे हैं। बात सही कह रहे हैं, रघु भाई, कई बार जो चीज मीडिया को नहीं दिखती, प्रधानमंत्री को तो दिख गई। उन्होंने अपने ही वर्कर्स को चेतावनी दी कि कांग्रेस से सावधान रहना है, ये बहुत गहराई में जाकर काम कर रहे हैं। हम आप सबको आमंत्रित करते हैं, आईए गुजरात में और खुद अपनी आँखों से देखिए कि कौन किस तरह से प्रचार कर रहा है। हमारा बहुत सकारात्मक प्रचार है। 



उन्होंने कहा कि,“हमारे जो 11 वचन हैं, वो आप एयरपोर्ट से उतरेंगे, तो आपको खंभों पर सिर्फ एक ही पार्टी की एड्स दिखेंगी। वो 11 वचन गुजरात के लोगों को रट गए हैं। वो अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने के हों, वो कान्ट्रैक्ट व्यवस्था खत्म करने के हों। वो गैस सिलेंडर के दाम 500 रुपए करने के हों। वो 300 यूनिट बिजली फ्री देने को हों। ये तमाम हमारे 11 वचन हैं, अब गुजरात के लोगों को रट गए हैं आप भी आइए और जो दुष्प्रचार चल रहा है, उस पर विश्वास रखने की कोई आवश्यकता नहीं है।



गुजरात के लिए प्रधानमंत्री गर्व से कि कहेंगे ये है मेरा गुजरात मॉडल -करप्शन एंड कमीशन
पवन खेड़ा ने कहा,''सवाल मोरबी पर बहुत हैं। जंग लगे हुए नट-बोल्ट हम सबने देखे, पूरे देश ने देखे, हतप्रभ रह गए कि जिस राज्य में जिस दिन प्रधानमंत्री हवाई जहाज बनाने के लिए उद्घाटन करने गए हुए थे, वहाँ एक पुल का रखरखाव आप नहीं कर पा रहे हैं। ये कॉन्ट्राडिक्शन देखिए आप और ऐसी कंपनी जो सीएफएल बल्ब बनाती हो, दीवार घड़ी बनाती हो और मच्छर मारने ??े रैकेट बनाती हो, उसको आपने पुल का रखरखाव और रिपेयर का काम दे दिया, बताईए, ये कौन सा मॉडल है गुजरात का? कहेंगे, गुजरात के लिए प्रधानमंत्री गर्व से कि ये है मेरा गुजरात मॉडल और करप्शन एंड कमीशन।


कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा,'ऐसी कंपनी को आपने ये काम दे दिया। कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। किसके साइन से ये काम गांधी नगर में, वो कौन मंत्री है, वो कौन प्रिंसीपल सेक्रेटरी है। रघु जी तो मंत्री रहे हुए हैं। किसके हस्ताक्षर से ये काम किस कंपनी को दिया गया। उस पर क्यों नहीं एफआईआर हो रही? म्यूनिसिपल कमिश्नर जिसको मालूम था कि कल ये पुल खुलेगा और 400-500 लोग आएंगे, उसका नाम क्यों नहीं है एफआईआर में? आप सोचिए कि घटना आज हो रही है, राजकीय शोक तीन दिन बाद होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री जी को रिबन काटने हैं, ये है गुजरात मॉडल?



8 दिसम्बर को आप और हम मिठाई खाएंगे:पवन खेड़ा
उन्होंने कहा कि,“तो ये तमाम सवालों से लैस होकर, अपने सकारात्मक कार्यक्रम से लैस होकर कांग्रेस पार्टी पूरे आत्मविश्वास के साथ गुजरात में चुनाव में जा रही है और 8 दिसम्बर को आप और हम मिठाई खाएंगे। दो डिब्बे होंगे एक हिमाचल के लिए होगा और एक गुजरात के लिए होगा, ये भी हम आपको आज वायदा करते हैं, पूरे आत्मविश्वास के साथ।



कांग्रेस पार्टी के नेताओं के चुनाव प्रचार कार्यक्रम को लेकर पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में  श्री पवन खेड़ा ने कहा कि जैसे अभी रघु भाई ने भी बताया आपको दिग्विजय सिंह जी, अशोक गहलोत जी और अभी कमलनाथ जी जाने वाले हैं, चिदंबरम जी परसों जा रहे हैं और ज्यों-ज्यों हमारे नेताओं के कार्यक्रम बनते जाएंगे, आपको सूचित किया जाएगा। पूरी तरह से, पूरी पार्टी एक होकर, चाहे राज्य के नेता हों, पूरे देश के नेता हों, सब गुजरात में आपको दिखेंगे।


चुनाव प्रत्याशियों की घोषणा के संदर्भ में पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि स्क्रीनिंग कमेटी की 3-4 मीटिंग्स, मैराथन मीटिंग्स हो चुकी हैं और हम कहीं सिंगल, कहीं पैनल, सब चीज कर रहे हैं। एक सीईसी की मीटिंग हो चुकी है। कल भी एक सीईसी की मीटिंग है। अब स्ट्रैटिजिकल तरीके से हमको कब अनाउंस, कौन से अनाउंस करने हैं, वो आप हम पर छोड़िए, लेकिन हमारी तैयारी पूरी है।



एक अन्य प्रश्न के उत्तर में  डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि इसका जवाब है न हमारे पास। 10 लाख तक का बीमा हर परिवार का हमने एक वायदा ये किया, वो राजस्थान में हमने लागू कर दिया है। एक लीटर दूध पर 5 रुपए सब्सिडी देने का हमने वायदा पूरा कर दिया है। ओल्ड पेंशन स्कीम हमारे दोनों राज्यों में हमने ये वायदा पूरा कर दिया, वही वायदा हमने यहाँ किया है। हमने कहा 8 रुपए में इंदिरा रसोई चलाएंगे, 17 रुपए सरकार भरेगी, ये गरीब लोगों के लिए हम इंदिरा रसोई योजना चलाएंगे। हमने कहा कि हम मनरेगा की तर्ज पर अर्बन एम्प्लॉयमेंट गारंटी स्कीम लागू करेंगे, वो हमने राजस्थान में लागू कर दी। हम यहाँ भी लागू करेंगे। हमने कहा 3 लाख किसानों का कर्जा माफ करेंगे, वो हमने राजस्थान में भी किया है। हमने जो-जो वायदे किए हैं, अब 300 यूनिट बिजली की बात की आपने। 50 यूनिट बिजली हमने पहले फ्री की है। किसानों का बिजली का बिल तो हम बढ़ने ही नहीं देते हैं।



उन्होंने कहा कि,“जब-जब कांग्रेस की सरकार बनती है, राजस्थान में किसानों का बिजली का बिल नहीं बढ़ता, उल्टा एक हजार रुपए हर महीने बिजली के लिए सब्सिडी हम दे रहे हैं और 42 लाख किसानों का जीरो बिल आया है। इसलिए हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। बेरोजगारी भत्ते की बात है। अभी 1,10,000 कर्मियों को नियमित करने का मार्ग राजस्थान में प्रशस्त हुआ है, ये हम वहाँ भी करेगे, गुजरात में, इसलिए जो वायदे हम कर रहे हैं, गुजरात की जनता से, हम केजरीवाल जी की तरह नहीं हैं। हम, कांग्रेस पार्टी जो काम कर चुकी है, तीन हजार हमने इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलने की बात की है। 


राजस्थान में महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल कितने खोले गए हैं, आप उसकी जानकारी कर लीजिए और बहुत अच्छा रेस्पॉन्स है। उसके अंदर मारामारी हो रही है, एडमिशन की। तो ये रिमोट एरियास हैं, जहाँ पर कमजोर तबके के लोग रहते हैं, दलित रहते हैं, आदिवासी रहते हैं, अल्पसंख्यक रहते हैं, हमारे पिछड़े वर्ग के लोग रहते हैं, उन इलाकों में इंग्लिश मीडियम स्कूल सरकारी खोलना मैं समझता हूँ नई जनरेशन के लिए एक सौगात से कम नहीं है और गुजरात में वो भी हमने वायदा किया है।



चुनाव आयोग को लेकर पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में  डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि मैंने सिर्फ ये पूछा है कि क्या कारण रहे, कोई आरोप नहीं लगाया मैंने। मैंने कहा कि क्या कारण रहे कि दोनों राज्यों के चुनाव परिणाम एक दिन आ रहे हैं। क्या कारण रहे कि इन दोनों राज्यों की तिथियाँ अलग-अलग समय पर घोषित की गईं और क्या कारण रहे कि जिस दिन आप इलेक्शन अनाउंस करते हो, ऑटोमेटिकली कोड ऑफ कंडक्ट इम्प्लाइड होता है, ये कोड ऑफ कंडक्ट आपने देरी से क्यों लगाया? तो ये पूछना अधिकार है हमारा। इलेक्शन कमीशन भी हमारा है, संवैधानिक संस्था है, जैसे मैंने पहले कहा, लेकिन कुछ सवाल जब उठते हैं, तो पूछने पड़ते हैं।



चुनाव आयोग को लेकर पूछे एक और प्रश्न के उत्तर में डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि ये बात मैं आपके माध्यम से जानना भी चाहता हूँ कि जब प्रधानमंत्री के मुंह से रेवड़ी शब्द निकला, चुनाव आयोग सक्रियता से, हर राजनैतिक दल को चिट्ठी लिख रहा था, रेवड़ी पर आपको क्यो बोलना है? इलेक्टोरल बॉन्डस पर तो मैंने आज तक कोई पत्र नहीं देखा। तो ये सवाल पूछना कोई नकारात्मकता फैलाने की बात नहीं हुई। कोई भी संस्था लोकतंत्र में सवालों से बच नहीं सकती है। सबको यहाँ तो भगवान राम तक को जवाब देना पड़ा। तो ये क्या मतलब है कि चुनाव आयोग को सवालों से घबराहट हो रही है। जवाब दें न, क्या दिक्कत है, इसमें?


ध्रुवीकरण की राजनीति का मुकाबला कैसे करोगे के उत्तर में डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि आपके सवाल में ही मेरा सवाल छुपा हुआ है। मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि ये ध्रुवीकरण की रणनीति बना कौन रहा है, थोड़ा उसके बारे में खुलासा कर दो, तब मैं उसके बारे में बात करूँ कि कैसे हम उसका मुकाबला करेंगे, पहले ये खुलासा करो। इसका मतलब कहीं न कहीं कोई खिचड़ी पक रही है, तो बता दो हमको। हम तो हमारे सिद्धांतो के ऊपर, कार्यक्रमों के ऊपर, हम जनता के लिए क्या वेलफेयर के लिए कर सकते हैं, एक पोजिटिव एप्रोच लेकर जाति-बिरादरी से ऊपर उठकर इस संकीर्ण राजनीति जो कि आप बोल रहे हैं, पोलराइजेशन की पॉलिटिक्स, उसमें न पड़ते हुए, पॉजीटिव पॉलिटिक्स कर रहे हैं।



आम आदमी पार्टी को लेकर पूछे एक अन्य प्रश्न के उत्तर में डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि वहाँ हमारा कैंपेन ही यही है कि ये सरकार तो बनाने आए ही नहीं हैं, ये डैमेज करने आए हैं, तो पब्लिक को पूरी तरह से पूरे गुजरात में अवेयरनेस और ये इंश्योर किया है कि बाई पोलर पॉलिटिक्स होगी, दूध का जला छाछ को फूंककर पिए। वो हम गुजरात में कर रहे हैं।



Gujarat Chunav 2022: गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान, 2 चरणों में वोटिंग, 8 दिसंबर को नतीजे 



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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 3 नवंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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