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दिल्ली में घर-घर राशन योजना लागू करने दीजिए: CM केजरीवाल ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

  • by: news desk
  • 08 June, 2021
दिल्ली में घर-घर राशन योजना लागू करने दीजिए: CM केजरीवाल ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली: दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना (Delhi Ration Door Step Delivery Scheme) पर रोक लगाने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राजधानी दिल्ली में राशन की डोर स्टेप डिलीवरी योजना लागू करने का अनुरोध किया। केजरीवाल ने कहा कि,''कृपया घर-घर राशन योजना लागू करने दीजिए| केंद्र जो बदलाव करवाना चाहती है तो हम वो करने के लिए तैयार हैं| राष्ट्रहित के कामों में मैंने आपका साथ दिया, राष्ट्रहित के इस काम में आप भी हमारा साथ दे|



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे खत में CM अरविंद केजरीवाल ने कहा कि,''दिल्ली में अगले हफ्ते से घर घर राशन पहुँचाने का काम शुरू होने वाला था। इसके तहत अब एक गरीब आदमी को राशन लेने के लिए, राशन की दुकान पर धक्के नहीं खाने पड़ते, बल्कि सरकार बढ़िया से राशन पैक करके, उसके घर भिजवाती। सारी तैयारी हो चुकी थी। टेंडर हो चुके थे। बस अगले हफ्ते से ये शुरू होने वाला था। और अचानक, दो दिन पहले इसको रोक दिया गया। लोग पूछ रहे हैं कि आपने ऐसा क्यों किया?


पिछले 75 साल से इस देश की गरीब जनता राशन माफिया का शिकार होती आयी है। पिछले 75 सालों से हर महीने, फाइलों में जनता के नाम का राशन जारी होता है, पर उनको मिलता नहीं है, अधिकांश राशन चोरी हो जाता है।



कहते हैं कि इस राशन माफिया के तार बहुत ऊपर तक हैं। 75 साल में आज तक, कोई सरकार, इस माफिया को खत्म करने की हिम्मत नहीं कर पायी। दिल्ली में पहली बार एक सरकार आयी है जिसने ये हिम्मत दिखाई है। अगर ये घर घर राशन व्यवस्था लागू हो जाती, तो राशन माफिया का खात्मा हो जाता। पर देखिए, ये राशन माफिया कितना ताकतवर है। दिल्ली में ये योजना अगले हफ्ते से लागू होने वाली थी और एक हफ्ते पहले, इन्होंने इसे खारिज करवा दिया।



ये कह कर हमारी स्कीम खारिज की गई है कि हमने केंद्र सरकार से इसकी अपूवल नहीं ली। ये गलत है सर। हमने एक बार नहीं, पाँच बार आपकी अपूवल ली है। कानूनन हमें दिल्ली में ये स्कीम लागू करने के लिए केंद्र सरकार की कोई अपूवल लेने की ज़रूरत नहीं है। कानूनन इस स्कीम को लागू करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सक्षम है। लेकिन हम केंद्र सरकार के साथ किसी तरह का विवाद नहीं चाहते थे। इसलिए हमने एक बार नहीं, पाँच बार आपका अप्रूवल लिया। वो सभी चिद्वियों संलग्न हैं।



दिल्ली के खादय मंत्री श्री इमरान हुसैन ने 04.02.2019, 04.03.2020, 17.06.2020, 19.11.2020 और 03.12.2020 को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सूचित किया था कि दिल्ली सरकार, दिल्ली में मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना लागू करने जा रही है। आपकी ओर से एक बार भी इस पर कोई आपत्ति नहीं की गयी। फिर 20 फरवरी को दिल्ली सरकार ने नोटिफिकेशन जारी करके इस योजना को लागू कर दिया। इस योजना के तहत टेंडर जारी कर दिए गए। इस योजना का 25.03.2021 को उद्घाटन होने वाला था कि अचानक 19.03.2021 को केंद्र सरकार ने कुछ आपत्तियों सगाकर इसे रोक दिया। हमने आपकी सारी आपत्तियों मान ली और योजना में उचित संशोधन कर दिए ।


जैसे आपने आपत्ति की कि हम इस योजना का नाम मुख्यमंत्री के नाम से नहीं रख सकते। हमारा मकसद अपना नाम चमकाना नहीं था। हमने आपकी बात मान सी और हमने स्कीम का नाम ही हटा दिया। आपने और जितनी आपत्ति की, हमने सारी मान ली। इस सबके बाद भी आप कहते हैं कि हमने आपकी अपूवल नहीं ली और आपने ये स्कीम खारिज कर दी?



लोग पूछ रहे हैं - अगर पिज्जा की होम डिलिवरी हो सकती है, बर्गर की होम डिलिवरी हो सकती है, स्मार्टफोन और कपड़ों की भी होम डिलिवरी हो सकती है तो फिर गरीबों के घरों में राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं होनी चाहिए।




केंद्र सरकार ने ये भी तर्क दिया है कि चूंकि राशन दुकानदारों ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस योजना के खिलाफ केस किया हुआ है. इसलिए ये स्कीम खारिज की जा रही है। इस बात पे आप स्कीम कैसे खारिज कर सकते हैं। वे राशन दुकानदार इस योजना के खिलाफ हाईकोर्ट से स्टे लेने गए थे। हाईकोर्ट ने इन्हें स्टे देने से मना कर दिया। जब हाई कोर्ट ने इन्हें स्टे नहीं दिया, तो केंद्र सरकार स्टे को दे सकती है? अगर केंद्र सरकार राशन माफिया के साथ खड़ी होगी, तो इस देश के गरीब लोगों के साथ कौन सड़ा होगा, 'सर''




और एक बात। उस हाई कोर्ट के केस में केंद्र सरकार भी पार्टी है। कोर्ट में केंद्र सरकार ने इस योजना के खिलाफ एक भी आपत्ति नहीं की। जब कोर्ट में आपको हमारी योजना के खिलाफ कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर कोर्ट के बाहर अब इस योजना को ख़ारिज क्यों किया जा रहा है।




ये कोरोना का कठिन समय है। कई लोग कोरोना के घर से राशन लेने नहीं जाते क्योंकि राशन की दुकान पर भीड लगती है। ये सब गरीब लोग हैं। कई लोगों ने कोरोना-काल में नौकरी भी खो दी है। उनके घर में खाने को नहीं है। अगर हम इन्हें इनके घर राशन पहुंचाना चाहते हैं, तो इसमें आपत्ति क्यों है। मुझे तो लगता है कोरोना काल में केवल दिल्ली में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में घर पर राशन पहुँचाने की ये योजना लागू करनी चाहिए।




केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार चाहे तो अपनी अलग स्कीम चला ले, केंद्र की स्कीम से छेड़छाड़ ना करे। सर, आप और हम अलग कब से हो गए? केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार अलग कब से हो गए। आपकी और हमारी स्कीम अलग कब से हो गयीं? सब कुछ इस देश का है सर, सब कुछ इस देश के लोगों का है। क्या अब एक ही मुद्दे पर एक ही राज्य में दो दो स्कीमें हुआ करेंगीएक केंद्र सरकार की और दूसरी राज्य सरकार की? क्या एक ही राज्य में एक ही मुद्दे पर बल खर्चा हुआ करेगा? मतलब दिल्ली में राशन बांटने के लिए एक तरफ केंद्र सरकार 2000 करोड़ रुपए खर्च करेगी और दूसरी तरफ दिल्ली सरकार अलग से 2000 करोड़ रुपए खर्च करेगी? क्या ये समझदारी की बात होगी सर और क्या केंद्र सरकार का ये कहना उचित है कि ये केन्द्र की स्कीम है और दिल्ली सरकार उस से छेडखानी ना करे ये राशन ना आपका है, ना मेरा,ये राशन ना आम आदमी पार्टी का है, ना आजपा का। ये राशन देश के लोगों का है। और इस राशन की चोरी रोकने की जिम्मेदारी हम दोनों की है।




मीडिया में केंद्र सरकार द्वारा ये भी कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार घर पर राशन योजना में गरीब लोगों से ज्यादा पैसे लेगी। ये सरासर गलत है सर। केंद्र सरकार के आदेशों के विपरीत हम एक भी पैसा नहीं लेंगे।



केंद्र सरकार के कुछ अफसरों का कहना है कि इस स्कीम के खारिज करने का असली कारण ये है क्योंकि ये केंद्र सरकार का राशन है, ये योजना लागू करके दिल्ली सरकार इसका श्रेय नहीं ले सकती। सर, यकीन मानिए, ये काम मैं रत्ती भर भी क्रेडिट के लिए नहीं कर रहा। मेरा सिर्फ एक ही मकसद है, किसी भी तरह गरीबों को उनका पूरा राशन मिले। आप प्लीज़ मुझे ये लागू करने दीजिए, सारा क्रेडिट आपका। सारा श्रेय आपका। मैं खुद सारी दुनिया से कहँगा कि ये योजना प्रधान मंत्री जी ने लागू की है।



इस वक्त देश बहुत भारी संकट से गुजर रहा है। ये वक्त एक दूसरे का हाथ पकड़कर मदद करने का है सर। ये वक्त एक दूसरे से लड़ने का नहीं है। हम सब आपस मे लड़ेंगे तो कोरोना से कैसे जीतेंगे? हमें आपस में नहीं, कोरोना से लड़ना है।



मैं हाय जोडकर, दिल्ली के सत्तर लाख गरीब लोगों की ओर से आपसे विनती करता है, सर प्लीज़ इस योजना को मत रोकिए,ये राष्ट्रहित में है। इसे होने दीजिए।



आज तक राष्ट्रहित के सभी कामों में मैंने आपका साथ दिया। मैंने हमेशा कहा है कि राष्ट्रहित के किसी भी काम मे राजनीति नहीं होनी चाहिए। अगर कोई विपक्षी पार्टी की सरकार भी राष्ट्रहित में कोई काम करती है तो हम हमेशा उसका साथ देगे। राष्ट्रहित के इस काम में आप भी हमारा साथ दीजिए सर।



 अभी तक की सरकारों ने देश के गरीब लोगों को 75 साल राशन की लाइनों में खड़ा रखा। इन्हें और अगले 75 साल राशन की लाइनों में खड़ा मत कीजिए सर। ये लोग मुझे और आपको कभी माफ़ नहीं करेंगे। केंद्र सरकार इस योजना में जो बदलाव करवाना चाहती है. हम वो करने के लिए तैयार हैं। कृपया हम इस योजना के तहत लोगों के घर राशन पहुंचाने की इजाजत दी जाए।





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