Ram Bahal Chaudhary
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रायबरेली में चौपहिया चोर गिरोह का बड़ा खुलासा: बस्ती व बहराइच समेत 6 जिलों के 6 शातिर आरोपी दबोचे, 31 चोरी की कार सहित कई अन्य एसेसरीज बरामद

  • by: news desk
  • 04 August, 2022
रायबरेली में चौपहिया चोर गिरोह का बड़ा खुलासा: बस्ती व बहराइच समेत 6 जिलों के 6 शातिर आरोपी दबोचे, 31 चोरी की कार सहित कई अन्य एसेसरीज बरामद

रायबरेली:  उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में गुरुवार को थाना कोतवाली नगर तथा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने कार चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है| संयुक्त टीम ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के गोराबाजार से कार चोरी की घटनाओं को अन्जाम देने वाले 6 आरोपियों  को गिरफ्तार किया गया| इनके पास से 31 चोरी की कार (कीमत करीब 3.5 करोड़ रुपये) बरामद किया है। आरोपियों के कब्जे से मौके पर ही 2 चोरी के वाहनों तथा निशादेही पर 29 वाहनों को गोरा बाजार आईटीआई मैदान में पावर हाउस के पीछे से बरामद किया है|



रायबरेली पुलिस ने बताया, " आरोपी रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़ और जौनपुर सहित कई जिलों से कार चुराते थे। गिरफ्तार एक आरोपी अंकित श्रीवास्तव का लखनऊ में मुलायम तिराहे के पास टॉप ऑटोमेटिक के नाम का गैरेज है। वहां पर चोरी की कारों को खड़ी करते थे। चेचिस नंबर की टेंपरिंग करते थे।"श्याम किशोर बाजपेयी और सत्यम बाजपेयी चोरी के वाहनों की चेचिस नंबर की टेंपरिंग और नंबर प्लेट बदलते थे। फर्जी कागजात तैयार करके बेच देते थे।



 पूछताछ में आरोपियों ने बताया, " हम लोगो के पास चोरी के और 29 वाहन है जिसे हम लोगो ने गोरा बाजार आईटीआई मैदान में पावर हाउस के पीछे खड़ा किये है ,उधर लोगो का आना जाना कम रहता इसलिये किसी को शंका नही होती। हमारे ग्रुप के अंकित श्रीवास्तव व श्याम किशोर बाजपेयी जेल चले गये। लखनऊ में पुलिस ने चोरी के वाहन के साथ पकड़ लिया था जिसमे ये लोग जेल चले गये है| ये लोग जब से जेल गये हैं तब से पुलिस इस कारोबार पर नजर रखे थी। 



अंकित श्रीवास्तव के पास लखनऊ में मुलायम तिराहे के पास टाप व्हील्स आटोमैटिव के नाम गैराज था ,जहां पर चोरी के वाहन को लाकर खड़ा कर चेचिस नम्बर टेम्परिंग किया जाता था तथा नम्बर प्लेट बदल दिया जाता था | श्याम किशोर बाजपेई व सत्यम बाजपेई चोरी के वाहन की चेचिस नम्बर की टेम्परिंग , नम्बर प्लेट बदलना तथा फर्जी कागजात तैयार करके ग्राहक सेट करके बेच देते थे। सब काम हम लोग मिलकर करते थे अलग अलग जगहो पर काम करते थे तथा जो भी लाभ मिलता था उसे मेहनत के हिसाब से बाट लेते थे।



आरोपियों ने बताया,'हम सभी मिलकर सबसे पहले वाहनों की रेकी कर अपने पास मौजूद चाभियों में से वाहन के लिये चाभी क्लोन कर वाहनो की चोरी अपने अन्य साथियों 1 - सलीम 2. रिजवान 3 सत्यम वाजपेई 4. श्याम किशोर बाजपेई 5. अंकित श्रीवास्तव 6. रजत शर्मा के साथ मिलकर वाहन नम्बर व चेचिस नम्बर को बदल कर उस पर नया नम्बर व चेचिस नम्बर लगाकर उन वाहनो को हूबहू सही वाहन बनाकर उसको इधर उधर लोगो को बेच देते हैं। हम सभी का एक संगठित असामाजिक आपराधिक गिरोह है जो चार पहिया वाहनों कि चोरी करते हैं तथा चोरी के वाहनो को इधर उधर भिन्न भिन्न जगहो पर रख देते हैं। हम लोग टोटल लास वाहनों को खरीद कर उसके चेसिस व इंजन नं० व रजिस्ट्रेशन नं0 को लेकर अपने पास रख लेते है तथा चेचिस नम्बर को डाई पर उतार लेते हैं| उसके बाद उस टोटल लास वाहन को इधर उधर कबाड़े में बेच देते हैं। 



अपने गिरोह के माध्यम से चुराये गये उन्ही माडल के वाहनो में चेसिस नं० कूटरचना करके फर्जी तरीके से उत्कीर्ण करके व नया नम्बर प्लेट लगाकर नये फर्जी दस्तावेज बनाकर वास्तविक वाहनो से भिन्न चेसिस नम्बर डाई के प्रयोग से डाल कर नया रजिस्ट्रेशन करा लेते है और फिर वाहनो को बाजार मे अच्छे दाम पर बेच लेते है।



हम लोग हूबहू वैसा ही वाहन का डिटेल बना देते हैं जिससे किसी को शक नही होता तथा सस्ते दाम में बिक भी जाता है। हम लोगो के पास चोरी की कई गाड़िया थी, जिसे हम लोगो ने लखनऊ में इधर उधर छिपा कर रखा था|  उन लोगो के जेल जाने के बाद हम लोग भाग गये थे तथा चोरी के वाहन जो हम लोगो के पास थे, उसके लिये कही सुरक्षित स्थान की तलाश में थे| रायबरेली लखनऊ से नजदीक है इसलिये ये 31 चोरी के वाहनो को जिसे हम लोगो ने भिन्न भिन्न जगहो से चोरी किये थे तथा इधर उधर रखे थे| हम लोगो को पकड़े जाने का डर था इसलिये हम लोग अलग अलग दिन इन वाहनो को लाकर आईटीआई मैदान गोरा बाजार में रख दिये थे तथा ग्राहक की तलाश में थे कि आप लोगो ने पकड़ लिया।



फोर व्हीलर वाहनो की चोरी करने की प्रक्रिया व तरीका

रायबरेली SP आलोक प्रियदर्शी ने बताया, "इन लोगो द्वारा भिन्न भिन्न स्थानो से गाड़ी चोरी की जाती थी| इन लोगो के पास लैपटाप तथा अन्य उपकरण होते थे जिससे ये चोरी को अन्जाम देते थे और चोरी किये गये वाहनो को पैसा लेकर सस्ते दामो मे  मो0 सलीम पुत्र गफूर निवासी ऐरा कमरिया थाना ईशानगर जनपद लखीमपुर खीरी उम्र करीब 36 वर्ष , सत्यम बाजपेयी पुत्र श्याम किशोर बाजपेयी निवासी बावन चुंगी निकट इण्डियन आयल पेट्रोल पम्प थाना कोतवली सिटी थाना हरदोई उम्र करीब 24 वर्ष को बेच देते थे। 



मो0सलीम और सत्यम बाजपेयी चोरी के वाहनो को फर्जी तरीके से जायज वाहन मे तब्दील करते थे और पुनः बाजार में बेचने की प्रकिया प्रारम्भ करते थे।  ये प्रक्रिया दो प्रकार से होती थी -एक नीलामी व टोटल लास वाहन के द्वारा और दूसरा ऐसे चोरी के वाहन जो नीलामी या टोटल लास में नही मिल पाते थे। 



1. नीलामी व टोटल लास वाहन के द्वारा:

 मो0 सलीम व सत्यम बाजपेयी द्वारा पहले से निलामी मे एक्सीडेन्टल वाहन या टोटल लास वाहन को खरीद कर रखा जाता था| जिसके पेपर अपने पास रखकर उक्त एक्सीडेन्टल वाहन को मुन्ना कबाड़ी व अन्य कबाडी को बेच देते थे। अब चोरो से खरीदी गई गाड़ी को एक्सीडेन्टल गाड़ी जो कि कबाड़ी द्वारा नष्ट कर दी गई , उसके कागज पर चोरी के वाहन को फर्जी तरीके से तैयार करते थे जिसमे चेचिस नम्बर टेम्परिंग करते थे तथा नम्बर प्लेट बदल देते थे। 



मो0 सलीम व सत्यम बाजपेयी अपने साथियों के गैराज के माध्यम से चोरियों की गाड़ियो का चेचिस टेम्पर्ड करके ये लोग नम्बर कन्वर्ट करते थे। वाहन तैयार होने के बाद ये लोग अलग अलग मार्केट के डीलरों व एप जैसे ओलेक्स तथा आम व्यक्ति को भी सही वाहन बताकर वाहन बेचते थे। चूंकि ये वाहन ओरिजनल वाहन की तरह होते थे इसलिये आरटीओ के माध्यम से आनरसिप ट्रान्सफर करा देते थे जिसकी प्रक्रिया आरटीओ आफिस के दलालो के माध्यम से कराई जाती थी। 



2. ऐसे चोरी के वाहन जो नीलामी या टोटल लास में नही मिल पाते थे:

ऐसे वाहन जिनके पेपर नीलामी वाले वाहनो में नही मिल पाते थे उन्हे मो० सलीम व सत्यम बाजपेयी अपने जानकारी में या आनलाइन एप के माध्यम से दूर दराज चल रहे वाहन या जो वाहन इन लोगो ने कही अन्यत्र बेच दिया के रजिस्ट्रेशन पर फर्जी पेपर तैयार करते थे।  मो० सलीम व सत्यम बाजपेयी गाड़ियों के कागज का आरटीओ आफिस से आरसी के डिजाइन का पीडीएफ क्लोन लेकर के गाड़ियो के आरसी का पीडीएफ बनवाते थे|



प्रिन्स मिश्रा पुत्र शिवपाल मिश्रा निवासी चवाबेगम पुर थाना महोली जनपद सीतापुर उम्र करीब 20 वर्ष को प्रिन्ट निकालने के लिये भेजते थे, जिसका प्रिन्ट निकलवाने के लिये प्रिंस मुंशी पुलिया थाना इन्दिरा नगर लखनऊ स्थित सिलेरिश इन्फो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नामक दुकान जिस पर पीवीसी प्रिन्टर मिलता है (दुकान मालिक लीशान उन नबी पुत्र अबुल किराम खान निवासी प्लाट नं. 8 आदिल नगर थाना गडम्बा लखनऊ ) दकान पर नरूल अंसार पत्र अशफाक अली निवासी गन्डारा थाना कैसर गंज जनपद बहराईच नौकरी करता है जो पैसे की लालच में आरसी प्रिन्ट करता था।  पहले तैयार पीडीएफ आरसी लैपटाप में लेकर प्रिन्टर से प्रिन्ट करते थे। 



अभियुक्तवार घटना को अन्जाम देने की स्वीकृति:

●नूरूल अंसार ने बताया कि पूरे काम में साथ रहता हूं तथा लैपटाप व प्रिंटर के सहयोग से फर्जी कागजात प्रिंट कर देता हूं। 

● राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पूरे काम मे साथ रहता हूं तथा फर्जी कागजात से तैयार चोरी की कार के लिये ग्राहक सेट करता हूं। 

● संतोष कुमार ने बताया कि पूरे काम में साथ रहता हूं तथा फर्जी नम्बर , चेचिस नम्बर व कागजात पर तैयार चोरी के वाहन के लिये ग्राहक तैयार करता हूं मेरा साहनी कार बाजार के नाम से कुसौरा बाजार थाना कलवारी मे दुकान है जिस पर वाहनो के नम्बर व चेचिस नम्बर बदल दिये जाते हैं तथा उसके बाद उसे इधर उधर खड़ा कर दिया जाता है। 

● प्रिंस मिश्रा ने बताया पूरे काम मे साथ रहता हूं मेरा सहारा सिटी होम्स के पास कार खरीदने बेचने की दुकान है जहां पर चोरी किये वाहन के चेचिस नम्बर नम्बर प्लेट चेन्ज कर नम्बर बदल कर कहीं अलग रख दिया जाता है तथा इधर उधर ग्राहक सेट कर कार को बेच दिया जाता है।


● अब्बास ने बताया कि पूरे काम मे साथ रहता हूं हमारे ग्रुप मे जो चोरी की गाड़िया आती है उसको सही करवाकर तब इधर उधर रखवा देता हूं तथा चोरी किये वाहन को बेचने के लिये ग्राहक सेट करता हूं। 

● कमालू ने बताया कि मैं पूरे काम में साथ रहता हूं तथा चोरी के वाहन बेचने के लिये ग्राहक सेट करता हूं। 




गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम व पता

1. संतोष कुमार पुत्र सोहनलाल निवासी ग्राम मऊरइया पोस्ट पोखरा थाना नगर जनपद बस्ती। 

2. प्रिंस मिश्रा पुत्र शिवपाल मिश्रा निवासी ग्राम चौवा बेगम पुर पोस्ट बसारा थाना महौली जिला सीतापुर हालपता S.S.E.____45 सेक्टर G जानकारी पुरम थाना गुडम्बा लखनऊ।। 

3. राजीव कुमार सिंह उर्फ ओम सिंह पुत्र राजबहादुर सिंह निवासी धरमा पुर थाना बेहटा गोकुल जनपद हरदोई। 

4. अब्बास पुत्र इकबाल अहमद निवासी भदांह चौराहा थाना खलीलाबाद जिला सन्तकबीर । 

5. नूरुल अंसार पुत्र अशफाक अली निवासी ग्राम गन्डारा थाना कैसरगंज जिला बहराईच । 

6. कमालू पुत्र शहंशाह निवासी जद्दू पट्टी थाना सिकरीगंज जिला गोरखपुर । 



फरार अभियुक्तों का नाम व पता

1. सलीम पुत्र गफूर निवासी ऐरा कमरिया थाना ईशानगर जनपद लखीमपुर खीरी 

2. रिजवान सलीम का भांजा निवासी ऐरा कमरिया थाना ईशानगर जनपद लखीमपुर खीरी। 

3. सत्यम वाजपेई पुत्र श्यामकिशोर वाजपेई निवासी बावन चुंगी कोतवाली सिटी हरदोई, 

4. श्याम किशोर बाजपेई पुत्र स्व श्रीकृष्ण बाजपेई निवासी बावन चुंगी कोतवाली सिटी हरदोई

 5. अंकित श्रीवास्तव पुत्र स्व अशोक कुमार श्रीवास्तव निवासी प्लाट नं. 18 निकट बाबा कुटी मंदिर मौर्या नगर थाना जानकी पुरम लखनऊ 

6. रजत शर्मा पुत्र अविनाश चन्द शर्मा निवासी 132 इन्द्र पुरी मानस नगर थाना कृष्णा नगर लखनऊ।


बरामदगी (कुल 31 अदद चार पहिया वाहन बरामद की गई गाड़ियो का विवरण)

1. बलेनो ग्रे कलर UP52 BD 2073 

2. अमेज सफेद कलर UP85 BV 1719

3. क्रेटा काली कलर UP32 GT 4341

4. आई 20 ग्रे कलर UP32 GV 8913

5. क्रेटा सफेद कलर UP32 LJ9700

6. होन्डा सिटी सफेद कलर UP70 CP 8086

7. क्रेटा सफेद कलर UP32 LE 0632

8. अमेज सिल्वर कलर UP78 FJ 7466

9. स्विफ्ट सफेद कलर UP70 FU 6798

10. स्विफ्ट डिजायर सफेद कलर UP14 EC 5632 

11. होन्डा अमेज काली कलर UP32 KX 0830

12. बलेनो ग्रे कलर UP81 CE 7137

13. ब्रेजा सफेद कलर UP62 CE 3545

14. ब्रेजा ग्रे कलर UP83 BB 3409

15. सेवरले क्रूज नीला कलर DL 8CV 0350

16. ब्रेजा लाल कलर UP65 DB5078

17. हुन्डई ईआन सफेद कलर UP34 AC 0454 

18. ब्रेजा सफेद कलर UP70 EX 3332 

19. बलेनो सफेद कलर UP51 BE 1551

20. स्विफ्ट डिजायर सफेद कलर UP32 KY 1992 

21. क्रेटा सफेद कलर UP50 BX 0123 

22. आई20 सफेद कलर UP76 AH 4849

23. हुन्डई आई 20 सफेद कलर UP70 ER 7000  

24. होन्डा अमेज कलर सिल्वर UP31 BM 7066 

25. होन्डा सिटी सिल्वर कलर UP93 AR 0007 

26. अर्टिगा सिल्वर कलर UP65 DK 2912 

27. ब्रेजा लाल कलर UP65 DB 5078 

28. ब्रेजा सफेद कलर UP 76 AC 2181 

29. ब्रेजा ग्रे कलर UP 57AV 8646

30. स्विफ्ट डिजायर UP 65DY 7410 

31. सेन्ट्रो कार बिना नम्बर




अन्य बरामद एसेसरीज

●31 अदद वाहनो की चाभियां

●6 स्मार्ट आरसी कार्ड 

●5 डाई (वाहनो की चेचिस नम्बर टेम्परिंग करने की)

●300 स्मार्ट कार्ड (जिस पर आयकर विभाग भारत सरकार अंकित है) 

●1 प्रिन्टर 

●1 लैपटाप 

●1 कटी चेचिस प्लेट 

●1 ईसीएम (इंजन कन्ट्रोल माड्यूल)

●6 नम्बर प्लेट (विभिन्न नम्बरों के) 

●1373 चिप लगे हुये स्मार्ट कार्ड

●5 अदद स्मार्ट मोबाइल फोन 

●150 स्मार्ट कार्ड जिस पर आधार भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण अंकित है


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