Time:
Login Register

“झूठ और लूट का बोलबाला”: खाद न मिलने से परेशान किसान की आत्महत्या और खाद की किल्लत को लेकर अखिलेश ने भाजपा पर बोला हमला, बोले-किसानों का शोषण कर रही सरकार

By tvlnews October 24, 2024
“झूठ और लूट का बोलबाला”: खाद न मिलने से परेशान किसान की आत्महत्या और खाद की किल्लत को लेकर अखिलेश ने भाजपा पर बोला हमला, बोले-किसानों का शोषण कर रही सरकार

लखनऊ:  समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि,'' भाजपा सरकार किसानों का शोषण कर रही है। किसान, नौजवान, गरीब भाजपा सरकार में दुःखी और परेशान है। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार चरम पर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में खाद की कालाबाजारी और मुनाफाखोरी हो रही है। किसानों को आलू, गेहूं और अन्य फसलों की बुआई के लिए डीएपी, यूरिया और अन्य खादें नहीं मिल रही है।     पिछले एक पखवारे में मैनपुरी, कन्नौज समेत कई जिलों के किसानों ने डीएपी की कमी को लेकर प्रदर्शन किया था। बीते सोमवार को चित्रकूट में डीएपी न मिलने से परेशान किसान ने अपने खेत में आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किसानों को फसलों की बुआई के लिए खाद, बीज होने का दावा करने वाली सरकार को किसानों की समस्याएं नहीं दिख रही है। ''    



अखिलेश यादव ने कहा कि,''इस सरकार में भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड टूट गये हैं। झूठ और लूट का बोलबाला है। किसानों के धान खरीद का समुचित इंतजाम न होने से किसान इधर-उधर भटक रहा है। जहां धान खरीद शुरू की गई है वहां पर धान की बोरी से चोरी की खबरें आ रही है। ''    



हाथरस मंडी समिति में धान बेचने वाले किसानों से लूट हो रही है। जब से भाजपा की सरकार आयी है हर फसल के साथ यहीं हाल है। किसानों को फसलों की सही कीमत नहीं मिल रही है। गन्ना किसानों के साथ भाजपा सरकार का शोषण लगातार जारी है। महंगाई के कारण फसलों का लागत मूल्य बढ़ता जा रहा है। गन्ना मूल्य को लेकर किसानों में भारी असंतोष है।''     



यादव ने कहा कि,''सरकार ने पिछला बकाया गन्ना का पूरा भुगतान नहीं कराया। किसानों की आय दोगुना करने का वादा भाजपा सरकार दस साल में भी पूरा नहीं कर पायी। भाजपा की शोषणकारी नीतियों से किसान त्रस्त  और परेशान है। आने वाले विधानसभा उपचुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव में किसान, नौजवान इस शोषणकारी भाजपा सरकार को सत्ता से उखाड़ फेकेंगे।''          

You May Also Like